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सोम नदी के पानी ने मलिकपुर बांगर का किया रुख
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 Aug 2016 12:19 AM IST
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सोम नदी के पानी ने मलिकपुर
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पहाड़ों पर यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में बरसात से क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। यमुना में जहां बाढ़ आ गई है, वहीं सोम नदी के उफनते पानी ने गांव मलिकपुर बांगर का रुख करने से तटबंद टूट जाने से 50 एकड़ से अधिक फसल में पानी भर गया है। सिंचाई विभाग के मुताबिक सुबह 11 बजे यमुना का जलस्तर 95 हजार क्यूसिक तक पहुंच जाने से इसे बाढ़ग्रस्त घोषित कर दिया गया। नदी में बाढ़ आते ही प्रशासन अलर्ट हो गया और नदी के पानी पर नजर रखी जाने लगी। पानी उतरने पर प्रशासन ने ही राहत की सांस ली।
पहाड़ी क्षेत्रों में सुबह से हो रही बारिश से सोमवार को सोम नदी फिर से उफान पर आ गई। सोम नदी के पानी का रुख गांव मलिकपुर बांगर के समीप टूटे हुए तट बंध से गांव की ओर हो गया, जिससे किसानों की करीब 50 एकड़ फसल तीन घंटे तक जलमग्न रही। वही, नदी का पानी गांव के समीप स्थित सरकारी स्कूल के खेल मैदान में आ गया। बिलासपुर-खिजराबाद मुख्य मार्ग पर पानी सड़क के ऊपर से गुजरने लगा। सोम नदी के उफान पर आने की सूचना गांव के सरपंच राज कुमार ओर नंबरदार राहुल राणा ने तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही तहसीलदार बिलासपुर जरूण सहोत्ता, बीडीपीओ नरेंद्र सिंह, पटवारी बृजपाल सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। गांव के नंबरदार राहुल राणा ने बताया कि सोम नदी का लगभग 200 मीटर का तट बंध का हिस्सा टूटा होने के कारण नदी के पानी का रूख गांव की ओर हो गया। नदी का पानी गांव के समीप स्थित सरकारी स्कूल के खेल मैदान के साथ-साथ दर्जनों किसानों की धान व गन्ने की फसलों से होकर गुजरा। करीब तीन घंटे तक फसलें पानी में डूबी रही। नदी का पानी सड़कों से भी होकर गुजरा, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
-इन किसानों की फसल हुई जलमग्न-
मलिकपुर बांगर के किसान रजनीश की दो एकड़, अफलातून की चार एकड़, जब्बार खान की दस एकड़, विजय राणा की पांच एकड़, सुरेंद्र सैनी की दो एकड़, काका की दो एकड़, राहुल राणा की बारह एकड़, मोहित की दस एकड़, धान व गन्ने की फसल तीन घंटे तक पानी में डूबी रही।
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उपमंडल व मुख्यालय से कटा रामपुर गेदा गांव
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटा प्रदेश का अंतिम गांव रामपुर गेदा के लोग बीते एक सप्ताह से उपमंडल बिलासपुर व जिला मुख्यालय से कटे हुए हैं। गांव में जाने के लिए कोई रास्ता व सड़क नही है। गांव के बच्चें स्कूल नही जा पा रहे है। प्रशासन व सरकार ने आज तक ग्रामीणों की सुध नही ली। रामपुर गेदा को जोडने वाला सोम नदी पर बना पुल करीब पांच वर्ष पहले वर्ष 2011 में सोम नदी के पानी के तेज बहाव के साथ बह गया था। जिसकी सरकार व प्रशासन ने आज तक सुध नही ली। ग्रामीण ऋषिपाल , जंगशेर , अजमेर सिंह, चमन, कर्म सिंह, बाबू राम, जगमाल, परमाल व पाला राम का कहना है कि उनके गांव में काठगढ़ से जाने के लिए एकमात्र रास्ता यही था, जो बारिश के सीजन में पूरी तरह से बंद हो जाता है। बीतेे सप्ताह गांव के दो लोगों को रात में सर्प ने डस लिया था। वे उन्हें रात को रास्ता बंद होने के कारण ऊपचार के लिए लेकर नही जा पाएं।
-बाढ़ से निपटने को प्रशासन चौकन्ना-
यमुनानगर। जिला प्रशासन का दावा है कि बाढ से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। इसके लिए 24 घंटे अधिकारियों की ड्यूटियां लगाई गई हैैं। उपायुक्त डॉ. एस.एस.फूलिया ने बताया कि बाढ़ पर दिन-रात नजर रखने के लिए जिला सचिवालय में जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। इसके अतिरिक्त सब डिवीजन स्तर पर जगाधरी व बिलासपुर, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय रादौर, तहसील कार्यालय छछरौली तथा जल सेवाएं मंडल जगाधरी के कार्यालय व हथनी कुंड बैराज में भी बाढ़ नियंत्रण कक्षों की स्थापना की गई है।
यमुना नदी में घंटा-दर-घंटा जलस्तर का ब्यौरा-
समय जलस्तर (क्यूसिक में)
10 47796
11 95595
12 159219
एक 126182
दो 111940
तीन 94448
चार 86936
पांच 77848
छह 72592
सात 67830
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पहाड़ी क्षेत्रों में सुबह से हो रही बारिश से सोमवार को सोम नदी फिर से उफान पर आ गई। सोम नदी के पानी का रुख गांव मलिकपुर बांगर के समीप टूटे हुए तट बंध से गांव की ओर हो गया, जिससे किसानों की करीब 50 एकड़ फसल तीन घंटे तक जलमग्न रही। वही, नदी का पानी गांव के समीप स्थित सरकारी स्कूल के खेल मैदान में आ गया। बिलासपुर-खिजराबाद मुख्य मार्ग पर पानी सड़क के ऊपर से गुजरने लगा। सोम नदी के उफान पर आने की सूचना गांव के सरपंच राज कुमार ओर नंबरदार राहुल राणा ने तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही तहसीलदार बिलासपुर जरूण सहोत्ता, बीडीपीओ नरेंद्र सिंह, पटवारी बृजपाल सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। गांव के नंबरदार राहुल राणा ने बताया कि सोम नदी का लगभग 200 मीटर का तट बंध का हिस्सा टूटा होने के कारण नदी के पानी का रूख गांव की ओर हो गया। नदी का पानी गांव के समीप स्थित सरकारी स्कूल के खेल मैदान के साथ-साथ दर्जनों किसानों की धान व गन्ने की फसलों से होकर गुजरा। करीब तीन घंटे तक फसलें पानी में डूबी रही। नदी का पानी सड़कों से भी होकर गुजरा, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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-इन किसानों की फसल हुई जलमग्न-
मलिकपुर बांगर के किसान रजनीश की दो एकड़, अफलातून की चार एकड़, जब्बार खान की दस एकड़, विजय राणा की पांच एकड़, सुरेंद्र सैनी की दो एकड़, काका की दो एकड़, राहुल राणा की बारह एकड़, मोहित की दस एकड़, धान व गन्ने की फसल तीन घंटे तक पानी में डूबी रही।
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उपमंडल व मुख्यालय से कटा रामपुर गेदा गांव
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटा प्रदेश का अंतिम गांव रामपुर गेदा के लोग बीते एक सप्ताह से उपमंडल बिलासपुर व जिला मुख्यालय से कटे हुए हैं। गांव में जाने के लिए कोई रास्ता व सड़क नही है। गांव के बच्चें स्कूल नही जा पा रहे है। प्रशासन व सरकार ने आज तक ग्रामीणों की सुध नही ली। रामपुर गेदा को जोडने वाला सोम नदी पर बना पुल करीब पांच वर्ष पहले वर्ष 2011 में सोम नदी के पानी के तेज बहाव के साथ बह गया था। जिसकी सरकार व प्रशासन ने आज तक सुध नही ली। ग्रामीण ऋषिपाल , जंगशेर , अजमेर सिंह, चमन, कर्म सिंह, बाबू राम, जगमाल, परमाल व पाला राम का कहना है कि उनके गांव में काठगढ़ से जाने के लिए एकमात्र रास्ता यही था, जो बारिश के सीजन में पूरी तरह से बंद हो जाता है। बीतेे सप्ताह गांव के दो लोगों को रात में सर्प ने डस लिया था। वे उन्हें रात को रास्ता बंद होने के कारण ऊपचार के लिए लेकर नही जा पाएं।
-बाढ़ से निपटने को प्रशासन चौकन्ना-
यमुनानगर। जिला प्रशासन का दावा है कि बाढ से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। इसके लिए 24 घंटे अधिकारियों की ड्यूटियां लगाई गई हैैं। उपायुक्त डॉ. एस.एस.फूलिया ने बताया कि बाढ़ पर दिन-रात नजर रखने के लिए जिला सचिवालय में जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। इसके अतिरिक्त सब डिवीजन स्तर पर जगाधरी व बिलासपुर, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय रादौर, तहसील कार्यालय छछरौली तथा जल सेवाएं मंडल जगाधरी के कार्यालय व हथनी कुंड बैराज में भी बाढ़ नियंत्रण कक्षों की स्थापना की गई है।
यमुना नदी में घंटा-दर-घंटा जलस्तर का ब्यौरा-
समय जलस्तर (क्यूसिक में)
10 47796
11 95595
12 159219
एक 126182
दो 111940
तीन 94448
चार 86936
पांच 77848
छह 72592
सात 67830