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मास्टर प्लान 2041: सिंगापुर, लंदन और बैंकॉक की तरह खूबसूरत बनेगी ट्विनसिटी
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अपने शहर को खूबसूरत, जाम और प्रदूषण से राहत और सुविधा संपन्न बनाने के लिए भविष्य में विदेशी शहरों की खासियत पर तमाम योजनाएं बनाई जाएंगी। प्रदेश सरकार ने यमुनानगर-जगाधरी के मास्टर प्लान 2041 को अंतिम मंजूरी देते हुए गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जिसमें ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट, सार्वजनिक परिवहन और हरित पट्टी पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। साल 2041 में जिले की वर्तमान से तीन गुना ज्यादा 15 लाख 24 हजार 200 आबादी होगी। सभी विकास कार्यों में इसी आबादी के मद्देनजर काम करवाया जाएगा।
थाईलैंड में हाईवे पर प्रत्येक 30 किमी की दूरी पर राहगीरों के लिए इंटीग्रेटिड वेसाइड एमीनीटिज हब है। यहां जनसुविधाओं से लेकर पेट्रोल पंप, ड्राइवरों के लिए आराम कक्ष, मरम्मत समेत तमाम तरह की सुविधाएं उपलब्ध होती है। हाईवे के किनारे अवैध रूप से दुकान या ढाबे नहीं होंगे बल्कि आधुनिक तरीके से बनाएं गए एमीनीटिज हब पर ही सारी सुविधाएं मिलेंगी।
सिंगापुर की तर्ज पर सभी प्रमुख सड़कों के किनारे कम से कम 30-30 मीटर का ग्रीन बेल्ट बनाया जाएगा। दक्षिण बाईपास जहां बनकर तैयार है, वहीं उत्तरी बाईपास का प्रस्ताव भी है। इसके निर्माण के बाद शहर के चारों तरफ रिंग रोड होगा, जिस सिंगापुर रिंग रोड की तरह विकसित किया जाएगा। इसकी एक तरफ 75 मीटर तो दूसरी तरफ 50 मीटर की हरित पट्टी होगी। वहीं औद्योगिक सेक्टरों की उत्तर दिशा में 60 मीटर और दक्षिण दिशा में 30 मीटर की हरित पट्टी बनाई जाएगी।
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लंदन की तरह आवासीय क्षेत्र बेहद खूबसूरत और योजनाबद्ध तरीके से बनाएं जाएंगे। आवासीय कॉलोनियों में 12 मीटर से कम के रास्ते नहीं होंगे। पार्क और खुला स्थान प्रति व्यक्ति 2.5 वर्गमीटर के न्यूनतम मानदंडों को पूरा करेगा। आवासीय क्षेत्र के दोनों तरफ 20 प्रतिशत खुला एरिया रखा जाएगा। वहीं 300 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर के घनत्व के साथ आवासीय सेक्टर होगा।
कुशल परिवहन नेटवर्क और उच्च घनत्व के निर्माण को लेकर टोक्यो की तरह सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क पर फोक्स किया गया है। यहां बड़े पैमाने पर पारगमन प्रणाली बहुत अच्छी तरह से काम करती है। परिवहन व संचार के लिए 1416.36 हेक्टेयर काक्षेत्र प्रस्तावित किया गया है। सड़कें कम से कम 30 मीटर चौड़ी होंगी। लुधियाना से शुरू होकर पश्चिमी बंगाल तक जाने वाले ईस्टर्न डेडिकेटिड फ्रेट कोरिडोर को भी विकास योजना में शामिल किया गया है। इससे शहर के उद्योगों को पंख लगेंगे।
मास्टर प्लान में औद्योगिक विकास के लिए ज्यादा ध्यान दिया गया है और 2878.18 हेक्टेयर भूमि केवल औद्योगिक सेक्टरों के लिए आवंटित की गई है। इनमें सेक्टर 3, 3 ए, 7, 30, 30 ए, 31, 32, 40, 41, 44, 45 46, 47, 48, 49, 50, 51, 52, 53, 54, 56, 57, 58 तथा सेक्टर-59 को शामिल किया गया है। ये सेक्टर 2 डी नेशनल हाईवे नंबर 344 तथा जगाधरी छछरौली नेशनल हाईवे नंबर 907 के बीच में प्रस्तावित किया गया है।
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थाईलैंड में हाईवे पर प्रत्येक 30 किमी की दूरी पर राहगीरों के लिए इंटीग्रेटिड वेसाइड एमीनीटिज हब है। यहां जनसुविधाओं से लेकर पेट्रोल पंप, ड्राइवरों के लिए आराम कक्ष, मरम्मत समेत तमाम तरह की सुविधाएं उपलब्ध होती है। हाईवे के किनारे अवैध रूप से दुकान या ढाबे नहीं होंगे बल्कि आधुनिक तरीके से बनाएं गए एमीनीटिज हब पर ही सारी सुविधाएं मिलेंगी।
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सिंगापुर की तर्ज पर सभी प्रमुख सड़कों के किनारे कम से कम 30-30 मीटर का ग्रीन बेल्ट बनाया जाएगा। दक्षिण बाईपास जहां बनकर तैयार है, वहीं उत्तरी बाईपास का प्रस्ताव भी है। इसके निर्माण के बाद शहर के चारों तरफ रिंग रोड होगा, जिस सिंगापुर रिंग रोड की तरह विकसित किया जाएगा। इसकी एक तरफ 75 मीटर तो दूसरी तरफ 50 मीटर की हरित पट्टी होगी। वहीं औद्योगिक सेक्टरों की उत्तर दिशा में 60 मीटर और दक्षिण दिशा में 30 मीटर की हरित पट्टी बनाई जाएगी।
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लंदन की तरह आवासीय क्षेत्र बेहद खूबसूरत और योजनाबद्ध तरीके से बनाएं जाएंगे। आवासीय कॉलोनियों में 12 मीटर से कम के रास्ते नहीं होंगे। पार्क और खुला स्थान प्रति व्यक्ति 2.5 वर्गमीटर के न्यूनतम मानदंडों को पूरा करेगा। आवासीय क्षेत्र के दोनों तरफ 20 प्रतिशत खुला एरिया रखा जाएगा। वहीं 300 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर के घनत्व के साथ आवासीय सेक्टर होगा।
कुशल परिवहन नेटवर्क और उच्च घनत्व के निर्माण को लेकर टोक्यो की तरह सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क पर फोक्स किया गया है। यहां बड़े पैमाने पर पारगमन प्रणाली बहुत अच्छी तरह से काम करती है। परिवहन व संचार के लिए 1416.36 हेक्टेयर काक्षेत्र प्रस्तावित किया गया है। सड़कें कम से कम 30 मीटर चौड़ी होंगी। लुधियाना से शुरू होकर पश्चिमी बंगाल तक जाने वाले ईस्टर्न डेडिकेटिड फ्रेट कोरिडोर को भी विकास योजना में शामिल किया गया है। इससे शहर के उद्योगों को पंख लगेंगे।
मास्टर प्लान में औद्योगिक विकास के लिए ज्यादा ध्यान दिया गया है और 2878.18 हेक्टेयर भूमि केवल औद्योगिक सेक्टरों के लिए आवंटित की गई है। इनमें सेक्टर 3, 3 ए, 7, 30, 30 ए, 31, 32, 40, 41, 44, 45 46, 47, 48, 49, 50, 51, 52, 53, 54, 56, 57, 58 तथा सेक्टर-59 को शामिल किया गया है। ये सेक्टर 2 डी नेशनल हाईवे नंबर 344 तथा जगाधरी छछरौली नेशनल हाईवे नंबर 907 के बीच में प्रस्तावित किया गया है।