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Yamuna Nagar News: हड़ताल से आयुष्मान कार्ड पर 230 मरीजों की नहीं हुई सर्जरी
Wed, 02 Sep 2026 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 02 Sep 2026 01:34 AM IST
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हड़ताल के बारे में जानकारी करते आईएमए के पदाधिकारी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज और सर्जरी की उम्मीद लेकर निजी अस्पताल पहुंचे मरीजों को मंगलवार को निराश होकर लौटना पड़ा। आईएमए के पदाधिकारियों के अनुसार जिले के निजी अस्पतालों के डॉक्टरों की 24 घंटे की हड़ताल के कारण आयुष्मान कार्ड से करीब 230 मरीजों की सर्जरी नहीं हो सकी।
आयुष्मान कार्ड पर उपचार नहीं मिलने की जानकारी के बाद कई मरीजों के सामने आगे के इलाज को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। कुछ मरीजों की सर्जरी पहले से निर्धारित थी, लेकिन निजी अस्पतालों में डॉक्टरों के काम बंद रखने के कारण उन्हें टालना पड़ा। सरकारी अस्पतालों में पहले ही इलाज के लिए लंबी कतारें रहती हैं।
आयुष्मान योजना के तहत इलाज का भुगतान लंबित होने के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से निजी चिकित्सकों ने जिमखाना क्लब में बैठक की। आईएमए पदाधिकारियों के अनुसार जिले में करीब 50 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है, जबकि प्रदेश में यह राशि करीब 1200 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
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आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुनीला सोनी, प्रदेश सचिव डॉ. योगेश जिंदल, जिलाध्यक्ष डॉ. आर मसीह, योजना के जिला प्रतिनिधि डॉ. जेके गुलाटी और डॉ. डीके सोनी ने कहा कि योजना के तहत मरीज की छुट्टी के बाद 15 दिन में उपचार का भुगतान हो जाना चाहिए, लेकिन छह माह बीतने के बावजूद भुगतान नहीं हो रहा। सरकार ने भुगतान में देरी होने पर एक प्रतिशत ब्याज देने की बात कही थी। ब्याज मिलना तो दूर, मूल राशि का भुगतान भी समय पर नहीं हो रहा।
पैकेज से बीमारियां हटाने का भी आरोप
आईएमए के प्रदेश सचिव डॉ. योगेश जिंदल ने आरोप लगाया कि आयुष्मान योजना के तहत प्रमुख बीमारियों के कई उपचार पैकेज की सूची से हटा दिए गए हैं। सरकारी अस्पतालों में सभी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं और निजी अस्पतालों में भुगतान नहीं होने के कारण इलाज करना मुश्किल हो रहा। सरकार इस योजना पर खुल कर कुछ भी नहीं बोल रही। सरकार के पास इस योजना के लिए बजट नहीं है या फिर कोई दूसरा कारण है।
कुछ अस्पतालों में किया गया इलाज
हड़ताल के बावजूद जिले के कुछ निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को उपचार मिला। अस्पतालों ने आपात स्थिति और पहले से भर्ती मरीजों का उपचार जारी रखा। नए मामलों में आयुष्मान कार्ड के तहत सेवाएं सीमित रहीं। इससे मरीजों और उनके परिजनों में असमंजस की स्थिति बनी रही। सभी अस्पतालों में पूरी तरह सेवाएं बंद नहीं होने से कुछ मरीजों को राहत भी मिली। रेलवे स्टेशन रोड व वर्कशॉप रोड पर कुछ अस्पतालों में कार्ड पर मरीजों की सर्जरी की गई। हालांकि इस बारे में आईएमए से बात की गई तो उनका कहना है कि जो आईएमए के सदस्य नहीं है उन पर हड़ताल का कोई दबाव नहीं है। जो सदस्य है उनमें हड़ताल पूरी तरह से सफल रही।
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यमुनानगर। आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज और सर्जरी की उम्मीद लेकर निजी अस्पताल पहुंचे मरीजों को मंगलवार को निराश होकर लौटना पड़ा। आईएमए के पदाधिकारियों के अनुसार जिले के निजी अस्पतालों के डॉक्टरों की 24 घंटे की हड़ताल के कारण आयुष्मान कार्ड से करीब 230 मरीजों की सर्जरी नहीं हो सकी।
आयुष्मान कार्ड पर उपचार नहीं मिलने की जानकारी के बाद कई मरीजों के सामने आगे के इलाज को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। कुछ मरीजों की सर्जरी पहले से निर्धारित थी, लेकिन निजी अस्पतालों में डॉक्टरों के काम बंद रखने के कारण उन्हें टालना पड़ा। सरकारी अस्पतालों में पहले ही इलाज के लिए लंबी कतारें रहती हैं।
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आयुष्मान योजना के तहत इलाज का भुगतान लंबित होने के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से निजी चिकित्सकों ने जिमखाना क्लब में बैठक की। आईएमए पदाधिकारियों के अनुसार जिले में करीब 50 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है, जबकि प्रदेश में यह राशि करीब 1200 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
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आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुनीला सोनी, प्रदेश सचिव डॉ. योगेश जिंदल, जिलाध्यक्ष डॉ. आर मसीह, योजना के जिला प्रतिनिधि डॉ. जेके गुलाटी और डॉ. डीके सोनी ने कहा कि योजना के तहत मरीज की छुट्टी के बाद 15 दिन में उपचार का भुगतान हो जाना चाहिए, लेकिन छह माह बीतने के बावजूद भुगतान नहीं हो रहा। सरकार ने भुगतान में देरी होने पर एक प्रतिशत ब्याज देने की बात कही थी। ब्याज मिलना तो दूर, मूल राशि का भुगतान भी समय पर नहीं हो रहा।
पैकेज से बीमारियां हटाने का भी आरोप
आईएमए के प्रदेश सचिव डॉ. योगेश जिंदल ने आरोप लगाया कि आयुष्मान योजना के तहत प्रमुख बीमारियों के कई उपचार पैकेज की सूची से हटा दिए गए हैं। सरकारी अस्पतालों में सभी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं और निजी अस्पतालों में भुगतान नहीं होने के कारण इलाज करना मुश्किल हो रहा। सरकार इस योजना पर खुल कर कुछ भी नहीं बोल रही। सरकार के पास इस योजना के लिए बजट नहीं है या फिर कोई दूसरा कारण है।
कुछ अस्पतालों में किया गया इलाज
हड़ताल के बावजूद जिले के कुछ निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को उपचार मिला। अस्पतालों ने आपात स्थिति और पहले से भर्ती मरीजों का उपचार जारी रखा। नए मामलों में आयुष्मान कार्ड के तहत सेवाएं सीमित रहीं। इससे मरीजों और उनके परिजनों में असमंजस की स्थिति बनी रही। सभी अस्पतालों में पूरी तरह सेवाएं बंद नहीं होने से कुछ मरीजों को राहत भी मिली। रेलवे स्टेशन रोड व वर्कशॉप रोड पर कुछ अस्पतालों में कार्ड पर मरीजों की सर्जरी की गई। हालांकि इस बारे में आईएमए से बात की गई तो उनका कहना है कि जो आईएमए के सदस्य नहीं है उन पर हड़ताल का कोई दबाव नहीं है। जो सदस्य है उनमें हड़ताल पूरी तरह से सफल रही।