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जठलाना और गुमथला के ग्रामीण आमने-सामने
yamunanagar beuro
Updated Thu, 11 May 2017 12:30 AM IST
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- फोटो : yamunanagar
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यमुना नदी पर जठलाना या गुमथला में पुल बनाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर जठलाना व गुमथला के लोग दिन प्रतिदिन सक्रिय होते नजर आ रहे हैं। बुधवार को जठलाना के लोगों ने अग्रवाल धर्मशाला में समाजसेवी शंभुराम योगी के नेतृत्व में बैठक आयोजित कर सरकार व सीपीएस श्यामसिंह राणा से यमुना नदी का पुल जठलाना में बनाने की मांग की। जिसमें काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया। बैठक में पुल की मांग को लेकर जठलाना के लोगों ने सीपीएस श्याम सिंह राणा के नाम एक मांगपत्र तैयार किया। जिसमें जठलाना के लोगों ने पुल को जठलाना में ही बनाने की मांग को लेकर अनेक तर्क दिए। उधर, गुमथला में भी मामले को लेकर वरयामसिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बैठक का आयोजन किया। बैठक में ग्रामीणों ने सरकार से यमुना नदी का पुल गुमथला घाट पर बनाने की मंाग की।
जठलाना में आयोजित बैठक में बनाए गए मंागपत्र में कहा गया कि पुराने समय में पेहवा से हरिद्वार तक जाने के लिए जठलाना के पास से यमुना नदी पार करके लोग हरिद्वार जाया करते थे। प्राचीन समय से चारों धार्मिक स्थलों की यात्रा भी लोग जठलाना के पास से बनाए गए रास्ते से होकर करते थे। 55 फुट का रास्ता आज भी यमुना नदी पार जाने के लिए पंचायत द्वारा छोड़ा गया है। इस पर सरकार आसानी से पुल बना सकती है। मांगपत्र में कहा गया कि जठलाना बहुत पुराना और बड़ा गांव है। आजादी से पहले से ही जठलाना में लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। यदि जठलाना में पुल बनाया जाए तो यूपी के लोग जठलाना के साथ आसानी से जुड़ सकते हैं। आज भी यूपी के लोग जठलाना अनाज मंडी व बाजार में सामान लेने के लिए यूपी से जठलाना आते है। शंभुराम योगी, राजकुमार संधू आदि ने बताया कि हरियाणा व यूपी के सीमावर्ती गांव के किसानों का आपस में रोटी बेटे का नाता है। उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती गांव के किसान दशकों से अपनी गेहूं व धान की फसल को जठलाना मंडी में बेंचने आते हैं। पुल बनने पर उन किसानों को भी सुविधा होगी। सरकार को जठलाना में पुल बनाने पर भूमि अधिग्रहण करने की भी जरूरत नहीं पडे़गी। इस अवसर पर सरपंच संजीव कुमार, धर्मसिंह नंबरदार, रामप्रकाश अरोड़ा, शेर सिंह, रामकुमार, अशोक कुमार, विनोद शर्मा, जरनैल सिंह, सतपाल सिंह व रविंद्र सिंह आदि उपस्थित थे।
गुमथला में पांच सौ मीटर ही बनाना पड़ेगा पुल
यमुनानदी के गुमथला घाट पर पुल बनाने की मांग को सबसे पहले हरियाणा एंटी करप्शन सोसाइटी गुमथला के प्रदेशाध्यक्ष वरयामसिंह गुमथला ने उठाया था। सोसाइटी की ओर से पुल की मंाग को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व सीएम मनोहरलाल खट्टर को पत्र भेजकर गुमथला में पुल बनाने की मांग की गई थी। समय-समय पर सोसायटी की ओर से मंत्रालय से पत्र व्यवहार किया गया। मंत्रालय ने ग्रामीणों की मांग पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पुल बनाने के लिए उचित जगह देखने के आदेश दिए। कुछ दिन पहले सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने गुमथला, जठलाना घाटों का दौरा कर पुल बनाने की संभावनाओं की समीक्षा की थी। इसके बाद जठलाना क्षेत्र में पुल की मांग को लेकर राजनीति गरमा गई। प्रधान वरयाम सिंह, डॉ. सुदेश बंसल, वीरभान वधवा, डॉ. शुभम सलूजा, मनोज कुमार ने बताया कि गुमथला में पुल बनने पर मात्र आधा किलोमीटर पुल बनाने की जरूरत पड़ेगी। जबकि जठलाना में यदि पुल बनाया जाता है तो सरकार को एक किलोमीटर से भी ज्यादा लंबा पुल बनाना पड़ेगा। इससे सरकार को भारी भरकम बजट पुल के ऊपर खर्च करना पड़ेगा।
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जठलाना में आयोजित बैठक में बनाए गए मंागपत्र में कहा गया कि पुराने समय में पेहवा से हरिद्वार तक जाने के लिए जठलाना के पास से यमुना नदी पार करके लोग हरिद्वार जाया करते थे। प्राचीन समय से चारों धार्मिक स्थलों की यात्रा भी लोग जठलाना के पास से बनाए गए रास्ते से होकर करते थे। 55 फुट का रास्ता आज भी यमुना नदी पार जाने के लिए पंचायत द्वारा छोड़ा गया है। इस पर सरकार आसानी से पुल बना सकती है। मांगपत्र में कहा गया कि जठलाना बहुत पुराना और बड़ा गांव है। आजादी से पहले से ही जठलाना में लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। यदि जठलाना में पुल बनाया जाए तो यूपी के लोग जठलाना के साथ आसानी से जुड़ सकते हैं। आज भी यूपी के लोग जठलाना अनाज मंडी व बाजार में सामान लेने के लिए यूपी से जठलाना आते है। शंभुराम योगी, राजकुमार संधू आदि ने बताया कि हरियाणा व यूपी के सीमावर्ती गांव के किसानों का आपस में रोटी बेटे का नाता है। उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती गांव के किसान दशकों से अपनी गेहूं व धान की फसल को जठलाना मंडी में बेंचने आते हैं। पुल बनने पर उन किसानों को भी सुविधा होगी। सरकार को जठलाना में पुल बनाने पर भूमि अधिग्रहण करने की भी जरूरत नहीं पडे़गी। इस अवसर पर सरपंच संजीव कुमार, धर्मसिंह नंबरदार, रामप्रकाश अरोड़ा, शेर सिंह, रामकुमार, अशोक कुमार, विनोद शर्मा, जरनैल सिंह, सतपाल सिंह व रविंद्र सिंह आदि उपस्थित थे।
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गुमथला में पांच सौ मीटर ही बनाना पड़ेगा पुल
यमुनानदी के गुमथला घाट पर पुल बनाने की मांग को सबसे पहले हरियाणा एंटी करप्शन सोसाइटी गुमथला के प्रदेशाध्यक्ष वरयामसिंह गुमथला ने उठाया था। सोसाइटी की ओर से पुल की मंाग को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व सीएम मनोहरलाल खट्टर को पत्र भेजकर गुमथला में पुल बनाने की मांग की गई थी। समय-समय पर सोसायटी की ओर से मंत्रालय से पत्र व्यवहार किया गया। मंत्रालय ने ग्रामीणों की मांग पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पुल बनाने के लिए उचित जगह देखने के आदेश दिए। कुछ दिन पहले सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने गुमथला, जठलाना घाटों का दौरा कर पुल बनाने की संभावनाओं की समीक्षा की थी। इसके बाद जठलाना क्षेत्र में पुल की मांग को लेकर राजनीति गरमा गई। प्रधान वरयाम सिंह, डॉ. सुदेश बंसल, वीरभान वधवा, डॉ. शुभम सलूजा, मनोज कुमार ने बताया कि गुमथला में पुल बनने पर मात्र आधा किलोमीटर पुल बनाने की जरूरत पड़ेगी। जबकि जठलाना में यदि पुल बनाया जाता है तो सरकार को एक किलोमीटर से भी ज्यादा लंबा पुल बनाना पड़ेगा। इससे सरकार को भारी भरकम बजट पुल के ऊपर खर्च करना पड़ेगा।
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