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सरकारी स्कूलों में बच्चों का रूझान कम होना, चिंता का विषय: उपायुक्त
yamunanagar beuro
Updated Thu, 04 May 2017 12:33 AM IST
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- फोटो : yamunanagar
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खंड बिलासपुर के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के संचालकों, प्रिंसिपल और हैड टीचर का कार्यक्रम गणपति शिक्षण संस्थान में हुआ। जिसमें डीसी रोहताश सिंह खरब मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की ओर बच्चों का रूझान कम होता जा रहा है। सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से ही दाखिलों में कमी आई है। आज बच्चों के माता पिता की भी मानसिकता बन गई है कि अपने बच्चों को गैर सरकारी स्कूलों में दाखिला करवाएंगे। यह एक चिंता का विषय है। अध्यापकों को बच्चों के माता पिता की इस मानसिकता को बदलना होगा। सबसे पहले हमें प्राथमिक स्कूलों के स्तर में सुधार की आवश्यकता है। आए दिन शिक्षा के स्तर में कमी आती जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या घटती जा रही है। यदि स्कूलों में बच्चें ही नही होंगे तो अध्यापकों की क्या जरूरत है। पहले शिक्षा के गिरते स्तर को लेकर बात सामने आती थी कि स्कूलों में अध्यापकों की कमी है। अब वो भी पूरी हो चुकी है। यदि स्कूल का हेड अध्यापक अपनी ड्यूटी सही प्रकार से करेगा तो अन्य अध्यापक भी सही कार्य करेंगे। कहा कि सबसे पहले बच्चे के अंदर से यह डर निकालना जरूरी है, ताकि बच्चा बिना किसी डर के स्कूल में आए। पिछले दिनों स्कूलों में बच्चें को शारीरिक दंड देने व फेल करना इसलिए बंद किया गया था कि बच्चे के मन के अंदर से डर को निकाला जा सके। देश के अन्य राज्यों से अभी भी प्रदेश के स्कूलों की हालात बेहतर है। उन्होंने अध्यापकों से कहा कि आप स्कूल में अपना व्यवहार शालीनता भरा रखे व स्कूल का माहौल सौहार्द्र पूर्ण बनाए ताकि बच्चें स्कूल आने से डरे नही । स्कूल हेड टीचर की ये जिम्मेदारी बनती है कि आप मीटिंग कर आपस में विचार विमर्श करें और एक दूसरे की समस्याएं सुने व सुझाव ले। जो भी अध्यापक स्कूल में समय पर आता व सही कार्य नही करता उसका अध्यापक समाज अपने स्तर पर बहिष्कार करे।
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आप अपने आप को सरकारी कर्मचारी न समझकर समाज का आइना समझें और बच्चों से के साथ किसी तरह का भेदभाव न करे। उन्होंने कहा कि वे सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के औचक निरीक्षण करेंगे और कार्य में कोताही बरतने वाले अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाएंगे। मौके पर डीईओ आंनद चौधरी, एसीपी डा. धर्मबीर, गीता ढ़ीगरा, तहसीलदार बिलासपुर तरुण सहोता, बीडीपीओ बिलासपुर राकेश संधु, बीइओ रामप्रकाश, प्रिंसिपल सुमन बहमनी, रामप्रकाश, धर्मसिंह राठी, रामचंद्र शास्त्री, नरेंद्र सिंह, सुरेंद्र सैनी, धर्मपाल चौ. हरेंद्र सिंह, यशपाल ढ़ाडा, रमेश कुमार, नरेशपाल, प्रवीन कुमार, सतपाल शाहपुर व हंसराज अंाबवाला उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की ओर बच्चों का रूझान कम होता जा रहा है। सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से ही दाखिलों में कमी आई है। आज बच्चों के माता पिता की भी मानसिकता बन गई है कि अपने बच्चों को गैर सरकारी स्कूलों में दाखिला करवाएंगे। यह एक चिंता का विषय है। अध्यापकों को बच्चों के माता पिता की इस मानसिकता को बदलना होगा। सबसे पहले हमें प्राथमिक स्कूलों के स्तर में सुधार की आवश्यकता है। आए दिन शिक्षा के स्तर में कमी आती जा रही है।
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उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या घटती जा रही है। यदि स्कूलों में बच्चें ही नही होंगे तो अध्यापकों की क्या जरूरत है। पहले शिक्षा के गिरते स्तर को लेकर बात सामने आती थी कि स्कूलों में अध्यापकों की कमी है। अब वो भी पूरी हो चुकी है। यदि स्कूल का हेड अध्यापक अपनी ड्यूटी सही प्रकार से करेगा तो अन्य अध्यापक भी सही कार्य करेंगे। कहा कि सबसे पहले बच्चे के अंदर से यह डर निकालना जरूरी है, ताकि बच्चा बिना किसी डर के स्कूल में आए। पिछले दिनों स्कूलों में बच्चें को शारीरिक दंड देने व फेल करना इसलिए बंद किया गया था कि बच्चे के मन के अंदर से डर को निकाला जा सके। देश के अन्य राज्यों से अभी भी प्रदेश के स्कूलों की हालात बेहतर है। उन्होंने अध्यापकों से कहा कि आप स्कूल में अपना व्यवहार शालीनता भरा रखे व स्कूल का माहौल सौहार्द्र पूर्ण बनाए ताकि बच्चें स्कूल आने से डरे नही । स्कूल हेड टीचर की ये जिम्मेदारी बनती है कि आप मीटिंग कर आपस में विचार विमर्श करें और एक दूसरे की समस्याएं सुने व सुझाव ले। जो भी अध्यापक स्कूल में समय पर आता व सही कार्य नही करता उसका अध्यापक समाज अपने स्तर पर बहिष्कार करे।
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आप अपने आप को सरकारी कर्मचारी न समझकर समाज का आइना समझें और बच्चों से के साथ किसी तरह का भेदभाव न करे। उन्होंने कहा कि वे सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के औचक निरीक्षण करेंगे और कार्य में कोताही बरतने वाले अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाएंगे। मौके पर डीईओ आंनद चौधरी, एसीपी डा. धर्मबीर, गीता ढ़ीगरा, तहसीलदार बिलासपुर तरुण सहोता, बीडीपीओ बिलासपुर राकेश संधु, बीइओ रामप्रकाश, प्रिंसिपल सुमन बहमनी, रामप्रकाश, धर्मसिंह राठी, रामचंद्र शास्त्री, नरेंद्र सिंह, सुरेंद्र सैनी, धर्मपाल चौ. हरेंद्र सिंह, यशपाल ढ़ाडा, रमेश कुमार, नरेशपाल, प्रवीन कुमार, सतपाल शाहपुर व हंसराज अंाबवाला उपस्थित रहे।