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गर्मी के सितम से बारिश ने दिलाई राहत
yamunanagar beuro
Updated Thu, 01 Jun 2017 12:16 AM IST
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- फोटो : yamunanagar
बीते कई सप्ताह से जारी गर्मी के सितम के बीच बुधवार को हुई बरसात ने लोगों को राहत दिलाई। जिलेभर में सुबह करीब घंटे भर कई जगहों पर तेज तो कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे बीते दिनों से अधिकतम पारा दो डिग्री नीचे लुढ़क आया और दिन का औसत अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश गर्मी से से राहत दिलाने के साथ नर्सरियों में तैयार हो रही धान व अन्य फसलों के लिए टॉनिक साबित हुई।
बता दें कि करीब तीन सप्ताह से सूरज की तपिश के बीच गर्मी के मारे लोगों के पसीने छूटने लगे थे। मंगलवार रात से ही मौसम के तेवर बदलते नजर आने लगे और आसमान में बादल छा गये। लेकिन रातभर बरसात न हुई। बुधवार करीब साढ़े आठ बजे गरज के साथ जिलेभर में बारिश होने लगी। बिलासपुर, सरस्वती नगर, साढौरा, छछरौली, जगाधरी में कई स्थानों पर घंटेभर तेज तो कहीं बूंदाबांदी होती रही। जिलेभर में औसत छह एमएम (मिलीमीटर) बरसात हुई, इसमें सबसे अधिक बिलासपुर में 12 एमएम बरसात रिकॉर्ड की गई। बरसात के बाद दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और दोपहर तक ठंडी हवाएं चलती रही। इससे लोगों ने गर्मी से काफी हद तक राहत महसूस की। जबकि कई जगहों पर सड़कों किनारे बरसाती पानी जमा होने से राहगीरों व वाहन चालकों को दिक्कतों से दो-चार होना पड़ा।
गन्ने की फसल के साथ धान की पौध के लिए फायदेमंद
बिलासपुर निवासी किसान अरविंद बाली, इरफान खान, अशोक कुमार, सरपंच अमरीक सिंह, सरपंच राजकुमार राणा ने बताया कि यह बारिश गन्ने की फसल के साथ धान की पौध की बिजाई के लिए भी फायदेमंद होगी। चूंकि धान के लिए अधिक पानी की जरूरत होती है, इसलिए बारिश धान की पौध के लिए टोनिक की तरह काम करेगी। वहीं, सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए यह वरदान साबित होगी, चूंकि क्षेत्र में पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था हो गई है और इससे किसान धान के लिए खेत तैयार कर पाएंगे।
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फिलहाल धान की पौध तैयार की जा रही है, जिसके लिए यह बारिश टोनिक की तरह साबित होगी। इसके अलावा गन्ने की फसल को भी इससे काफी लाभ मिल पाएगा।
डॉ. बीआर कांबोज, कृषि विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र दामला।
बिलासपुर में 12 एमएम बरसात से जगह-जगह जलभराव
बिलासपुर। बुधवार सुबह हुई बरसात से कई दिनों से पड़ रही प्रचंड गर्मी से लोगों को राहत मिली वहीं, कई जगह निकासी के अभाव में जलभराव की स्थिति में पैदा हो गई। बिलासपुर में सबसे अधिक 12 एमएम बरसात रिकॉर्ड की गई, जिससे क्षेत्र में पानी निकासी की पोल खुलती नजर आई। नई अनाज मंडी बिलासपुर के मुख्य गेट पर दो-तीन फीट पानी जमा होने किसानों व आढ़तियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कस्बा के शिव चौक, अग्रसैन चौक, कपालमोचन मुख्य मार्ग, छोटा बस स्टैंड, छछरौली मोड़ पर एक-दो फीट पानी जमा हो गया। इसके कारण राहगीरों व वाहन चालकों को असुविधा हुई।
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बता दें कि करीब तीन सप्ताह से सूरज की तपिश के बीच गर्मी के मारे लोगों के पसीने छूटने लगे थे। मंगलवार रात से ही मौसम के तेवर बदलते नजर आने लगे और आसमान में बादल छा गये। लेकिन रातभर बरसात न हुई। बुधवार करीब साढ़े आठ बजे गरज के साथ जिलेभर में बारिश होने लगी। बिलासपुर, सरस्वती नगर, साढौरा, छछरौली, जगाधरी में कई स्थानों पर घंटेभर तेज तो कहीं बूंदाबांदी होती रही। जिलेभर में औसत छह एमएम (मिलीमीटर) बरसात हुई, इसमें सबसे अधिक बिलासपुर में 12 एमएम बरसात रिकॉर्ड की गई। बरसात के बाद दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और दोपहर तक ठंडी हवाएं चलती रही। इससे लोगों ने गर्मी से काफी हद तक राहत महसूस की। जबकि कई जगहों पर सड़कों किनारे बरसाती पानी जमा होने से राहगीरों व वाहन चालकों को दिक्कतों से दो-चार होना पड़ा।
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गन्ने की फसल के साथ धान की पौध के लिए फायदेमंद
बिलासपुर निवासी किसान अरविंद बाली, इरफान खान, अशोक कुमार, सरपंच अमरीक सिंह, सरपंच राजकुमार राणा ने बताया कि यह बारिश गन्ने की फसल के साथ धान की पौध की बिजाई के लिए भी फायदेमंद होगी। चूंकि धान के लिए अधिक पानी की जरूरत होती है, इसलिए बारिश धान की पौध के लिए टोनिक की तरह काम करेगी। वहीं, सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए यह वरदान साबित होगी, चूंकि क्षेत्र में पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था हो गई है और इससे किसान धान के लिए खेत तैयार कर पाएंगे।
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फिलहाल धान की पौध तैयार की जा रही है, जिसके लिए यह बारिश टोनिक की तरह साबित होगी। इसके अलावा गन्ने की फसल को भी इससे काफी लाभ मिल पाएगा।
डॉ. बीआर कांबोज, कृषि विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र दामला।
बिलासपुर में 12 एमएम बरसात से जगह-जगह जलभराव
बिलासपुर। बुधवार सुबह हुई बरसात से कई दिनों से पड़ रही प्रचंड गर्मी से लोगों को राहत मिली वहीं, कई जगह निकासी के अभाव में जलभराव की स्थिति में पैदा हो गई। बिलासपुर में सबसे अधिक 12 एमएम बरसात रिकॉर्ड की गई, जिससे क्षेत्र में पानी निकासी की पोल खुलती नजर आई। नई अनाज मंडी बिलासपुर के मुख्य गेट पर दो-तीन फीट पानी जमा होने किसानों व आढ़तियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कस्बा के शिव चौक, अग्रसैन चौक, कपालमोचन मुख्य मार्ग, छोटा बस स्टैंड, छछरौली मोड़ पर एक-दो फीट पानी जमा हो गया। इसके कारण राहगीरों व वाहन चालकों को असुविधा हुई।