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अतिक्रमण ने बिगाड़ी मेटल नगरी की सूरत
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
Updated Sat, 05 Sep 2015 11:56 PM IST
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अतिक्रमण ने मेटल नगरी की सूरत को बिगाड़ कर रख दिया है। इससे जगाधरी के मुख्य बाजारों व चौक-चाराहों पर सुबह-शाम जाम की स्थिति रहती है।
जाम के बीच रेंगने को मजबूर वाहन चालकों के लिए मिनटों का सफर भी घंटों में तबदील हो जाता है वहीं, राहगीरों को जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ता है।
इन हालात के आगे जगाधरी के बाशिंदे लंबे अर्से से मजबूर हैं और हर दिन दिक्कतों से दो-चार हो रहे हैं। उधर, नगर निगम प्रशासन शायद आंख मंदे बैठा है, तभी विभाग कार्यालय के समक्ष लगे अतिक्रमण पर कार्रवाई करने की भी जहमत नहीं उठाई जा रही है।
जगाधरी में नगर निगम कार्यालय के समक्ष झंडा चौक से प्रकाश चौक जाने वाली सड़क पर सुबह रेहड़ियों की संख्या कम होने से लोग आसानी से गंतव्य तक पहुंच जाते हैं, किंतु दोपहर में स्थिति बद्तर हो जाती है।
चूंकि दुकानदारों व सब्जी की रेहड़ियों के अतिक्रमण से सड़क पर बनी जाम जैसे हालात बन जाते हैं। इस बीच वाहन चालकों को रेंगते हुए व राहगीरों को वाहनों के बीच से रस्ता बनाकर जान जोखिम में डाल निकलना पड़ता है।
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दोपहर 11-12 बजे से देर शाम तक यह हालात बने रहते हैं, जबकि स्कूल रोड, बर्तन बाजार, सिविल लाइन, लौहारी मोहल्ला, प्रेस वाली गली, समाधवाली गली, गोमती मोहल्ला आदि जगह जाने के लिए लोगों को झंडा चौक से होकर जाना पड़ता है।
इसके अलावा झंडा चौक स्थित सरकारी स्कूल के हजारों विद्यार्थी भी रोज यहीं से गुजरते हैं। बावजूद इसके अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले नगर निगम के कार्यालय के समक्ष ही यह हालात बने हुए हैं।
चौक बाजार से प्रकाश चौक पर जाने वाले बाजार को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए प्रशासन ने योजना बनाई थी, लेकिन वर्षों बाद भी योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक सभी रेहड़ियों को पुरानी अनाज मंडी में शिफ्ट किया जाना है, लेकिन इस दिशा में प्रशासन की की ओर से कारगर कदम नहीं उठा पा रहा है। इस कारण जगाधरी के बाशिंदों को रोज रेहड़यों से अतिक्रमण व जाम का सामना करना पड़ रहा है।
जगाधरी में खेड़ा बाजार, देवी भवन बाजार, पत्थरावाला बाजार, जड़ोदा गेट, बुड़िया गेट चौकी व अन्य कई जगह सड़कों पर हावी अतिक्रमण से जाम की िस्थ्ति रहती है। हजारों मेटल सहित गारमेंट्स, सेनेटरी, परचून, हलवाई आदि की दुकानों सहित रेहड़ी व फड़ी वाले सड़क पर तीन से चार फुट तक अतिक्रमण कर लेते हैं।
इसके अलावा जगह-जगह दुकानदारों द्वारा सड़क पर तीन व चारपहिया वाहनों को खड़ा कर सामान की लोडिंग की जाती है। इससे बने जाम की स्थिति में वाहन चालकों के लिए जगाधरी से बाहर निकलने को मिनटों का सफर भी घंटों में तब्दील हो जाता है।
क्षेत्रवासी ललित कांबोज, सीता राम धीमान, संजू व अनिल राणा, सुषमा कश्यप तथा नरेश कुमार ने कहा कि बाजार से अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम के अधिकारियों तथा कर्मचारियों कोई कारगर कदम नहीं उठा रहे हैं। अधिकारियों के सुस्त रवैए की वजह से अतिक्रमण का ग्राफ बढ़ता जा रहा है।
बाजार के संकरा होने की वजह से आए दिन वाहन चालकों की भिड़ंत देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि अगर दुकानदारों को बाहर लगा सामान तथा वाहन हटाने के लिए कहते हैं, तो कई बार वे झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं।
जिस कारण राहगीरों की परेशानियां बढ़ी हुई है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बाजार को अतिक्रमण मुक्त बनाने की मांग की।
जगाधरी के मुख्य बाजारों व चौक-चाराहों पर रहने वाली जाम की स्थिति की एक वजह वाहनों को सड़कों का बेतरतीब ढंग से खड़ा किया जाना भी है। चूंकि जगाधरी के भीड़भाड़ वाले इलाके के आसपास पार्किंग के लिए कोई खुला स्थान नहीं है। इस कारण दुकानों पर पहुंचने वाले ग्राहक दुकानों के आगे सड़क पर ही वाहनों को खड़ा कर देते हैं।
इस रास्ता तंग होने से दोनों ओर वाहनों की दूर तक लाइन लग जाती है और जाम की स्थिति का सामना करना पड़ता है।
नगर निगम की ओर से जल्द अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। इसको लेकर योजना तैयार की गई है। अभियान के तहत पहले लोगों को जागरूक किया जाएगा। अगर फिर भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
राजेंद्र प्रसाद, सचिव, नगर निगम।
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जाम के बीच रेंगने को मजबूर वाहन चालकों के लिए मिनटों का सफर भी घंटों में तबदील हो जाता है वहीं, राहगीरों को जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ता है।
इन हालात के आगे जगाधरी के बाशिंदे लंबे अर्से से मजबूर हैं और हर दिन दिक्कतों से दो-चार हो रहे हैं। उधर, नगर निगम प्रशासन शायद आंख मंदे बैठा है, तभी विभाग कार्यालय के समक्ष लगे अतिक्रमण पर कार्रवाई करने की भी जहमत नहीं उठाई जा रही है।
जगाधरी में नगर निगम कार्यालय के समक्ष झंडा चौक से प्रकाश चौक जाने वाली सड़क पर सुबह रेहड़ियों की संख्या कम होने से लोग आसानी से गंतव्य तक पहुंच जाते हैं, किंतु दोपहर में स्थिति बद्तर हो जाती है।
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चूंकि दुकानदारों व सब्जी की रेहड़ियों के अतिक्रमण से सड़क पर बनी जाम जैसे हालात बन जाते हैं। इस बीच वाहन चालकों को रेंगते हुए व राहगीरों को वाहनों के बीच से रस्ता बनाकर जान जोखिम में डाल निकलना पड़ता है।
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दोपहर 11-12 बजे से देर शाम तक यह हालात बने रहते हैं, जबकि स्कूल रोड, बर्तन बाजार, सिविल लाइन, लौहारी मोहल्ला, प्रेस वाली गली, समाधवाली गली, गोमती मोहल्ला आदि जगह जाने के लिए लोगों को झंडा चौक से होकर जाना पड़ता है।
इसके अलावा झंडा चौक स्थित सरकारी स्कूल के हजारों विद्यार्थी भी रोज यहीं से गुजरते हैं। बावजूद इसके अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले नगर निगम के कार्यालय के समक्ष ही यह हालात बने हुए हैं।
चौक बाजार से प्रकाश चौक पर जाने वाले बाजार को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए प्रशासन ने योजना बनाई थी, लेकिन वर्षों बाद भी योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक सभी रेहड़ियों को पुरानी अनाज मंडी में शिफ्ट किया जाना है, लेकिन इस दिशा में प्रशासन की की ओर से कारगर कदम नहीं उठा पा रहा है। इस कारण जगाधरी के बाशिंदों को रोज रेहड़यों से अतिक्रमण व जाम का सामना करना पड़ रहा है।
जगाधरी में खेड़ा बाजार, देवी भवन बाजार, पत्थरावाला बाजार, जड़ोदा गेट, बुड़िया गेट चौकी व अन्य कई जगह सड़कों पर हावी अतिक्रमण से जाम की िस्थ्ति रहती है। हजारों मेटल सहित गारमेंट्स, सेनेटरी, परचून, हलवाई आदि की दुकानों सहित रेहड़ी व फड़ी वाले सड़क पर तीन से चार फुट तक अतिक्रमण कर लेते हैं।
इसके अलावा जगह-जगह दुकानदारों द्वारा सड़क पर तीन व चारपहिया वाहनों को खड़ा कर सामान की लोडिंग की जाती है। इससे बने जाम की स्थिति में वाहन चालकों के लिए जगाधरी से बाहर निकलने को मिनटों का सफर भी घंटों में तब्दील हो जाता है।
क्षेत्रवासी ललित कांबोज, सीता राम धीमान, संजू व अनिल राणा, सुषमा कश्यप तथा नरेश कुमार ने कहा कि बाजार से अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम के अधिकारियों तथा कर्मचारियों कोई कारगर कदम नहीं उठा रहे हैं। अधिकारियों के सुस्त रवैए की वजह से अतिक्रमण का ग्राफ बढ़ता जा रहा है।
बाजार के संकरा होने की वजह से आए दिन वाहन चालकों की भिड़ंत देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि अगर दुकानदारों को बाहर लगा सामान तथा वाहन हटाने के लिए कहते हैं, तो कई बार वे झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं।
जिस कारण राहगीरों की परेशानियां बढ़ी हुई है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बाजार को अतिक्रमण मुक्त बनाने की मांग की।
जगाधरी के मुख्य बाजारों व चौक-चाराहों पर रहने वाली जाम की स्थिति की एक वजह वाहनों को सड़कों का बेतरतीब ढंग से खड़ा किया जाना भी है। चूंकि जगाधरी के भीड़भाड़ वाले इलाके के आसपास पार्किंग के लिए कोई खुला स्थान नहीं है। इस कारण दुकानों पर पहुंचने वाले ग्राहक दुकानों के आगे सड़क पर ही वाहनों को खड़ा कर देते हैं।
इस रास्ता तंग होने से दोनों ओर वाहनों की दूर तक लाइन लग जाती है और जाम की स्थिति का सामना करना पड़ता है।
नगर निगम की ओर से जल्द अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। इसको लेकर योजना तैयार की गई है। अभियान के तहत पहले लोगों को जागरूक किया जाएगा। अगर फिर भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
राजेंद्र प्रसाद, सचिव, नगर निगम।