फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   yamunanagar, nahar kinare khatra

नहर के घाटों और किनारों पर सुरक्षा के नहीं कोई प्रबंध, जान पर आफत न बने सुकून की डूबकी

Mon, 08 May 2017 12:32 AM IST
yamunanagar beuro
yamunanagar beuro Updated Mon, 08 May 2017 12:32 AM IST
विज्ञापन
yamunanagar, nahar kinare khatra
x - फोटो : yamunanagar
गर्मी से राहत पाने के लिए लोग पश्चिमी यमुना नहर में सुबह-शाम डूबकी लगाने पहुंच रहे हैं। लेकिन सुकून की यह डूबकी जान पर आफत बन सकती है। क्योंकि प्रशासन की ओर से नहर से लगते घाटों और किनारों पर सुरक्षा के मद्देनजर कोई प्रबंध नहीं किए गए। इसे प्रशासनिक उदासीनता और अभिभावकों के जागरूक न होने से आए साल गर्मी के सीजन में दर्जनों लोग नहर में डूब जाते हैं तो कइयों की मौत हो जाती है। बीते माहभर में भी नहर में डूबने की पांच घटनाएं हो चुकी हैं, इनमें तीन लोगों की मौत हुई, जबकि दो शवों का सुराग नहीं लग पाया। हादसे के बावजूद प्रशासन की ओर से सबक नहीं लिया गया और हालात में कोई सुधार नहीं है। ऐसे में तैरना न जानने वाले के लिए यहां नहाना जोखिम भरा है। फिर भी लोग नहर में डूबकी लगा रहे हैं। जिन्हें रोकने को प्रशासन द्वारा महज चेतावनी बोर्ड लगाकर इतिश्री की जा रही है।
विज्ञापन


 
दशकों से घाटों व किनारों की न मरम्मत
नहर की पटरी पर चिट्टा मंदिर रोड पर दड़वा, श्रीशनि मंदिर, चिट्टा मंदिर और बाड़ीमाजरा पुल के समीप हनुमान मंदिर और जगाधरी रेलवे पुल के समीप जमना गली स्थित कई घाट हैं। इनके अलावा नहर से लगते अन्य घाटों व किनारों की दशकों से मरम्मत नहीं हुई। घाटों के चारों ओर न तो कोई स्पॉट है और न ही नहाते समय पकड़ने के लिए जंजीरें ही हैं। कई जगह खतरे के साइन बोर्ड भी नहीं लगे हैं। ऐसे में नहर में पानी के तेज बहाव के कारण हर समय हादसे की आशंका रहती है। इन्हीं कमियों के बीच नहर में नहाते समय लोग डूब जाते हैं।
विज्ञापन


 
पाबंदी के बोर्ड लगे, रोकने-टोकने वाला कोई नहीं

नहर पर कई जगहों पर नगर निगम और जिला पुलिस की ओर से बोर्ड लगाए गए हैं। जिन पर लिखा है कि यहां कपड़े धोना और नहाना सख्त मना है। जबकि इसकी पालना कराने के लिए मौके पर कोई तैनात नहीं है। इस कारण बोर्ड पर लिखे नियम को सिरे से नकारा जा रहा है। इसके विपरित घाटों पर कम उम्र के बालक और किशोर भी नहाते दिखाई दे जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


 
भंवर में गोताखोर का बचना मुश्किल
पश्चिमी यमुना नहर ताजेवाला से छछरौली, जगाधरी, यमुनानगर व रादौर होते हुए करनाल की तरफ बहती है। सफाई व देखरेख के अभाव में नहर समतल नहीं रही। इसमें अवैध रूप से रेत निकालने से जगह-जगह कुंड बन गए हैं। नहर से सैकड़ों लोगों को डूबने से बचाने वाले और सैकड़ों शवों को बाहर निकाल चुके गोताखोर सुखराम नहर के चप्पे-चप्पे से वाकिफ हैं। उनकी मानें तो नहर में बने कुंडों से भंवर आने पर प्रशिक्षित गोताखोर का भी बचना मुश्किल है। इनको बंद किया जाना जरूरी है।

 
अभिभावकों को भी होना होगा जागरूक
उत्थान सेवा संस्थान की संचालिका डॉ. अंजू वाजपेयी का कहना है कि नहर में डूबने वालों में अधिकतर युवा या किशोर होते हैं। इसलिए अभिभावकों को भी थोड़ा जागरूक रहते हुए बच्चों को नहर में नहाने के खतरे के प्रति आगाह करना चाहिए। साथ ही उन्हें इस बात का ख्याल रखना होगा कि उनके बच्चे कहां और क्या कर रहे हैं, तभी इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।

 
घाटों की सफाई व सुरक्षा के इंतजाम की उठाएंगे मांग
प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष महेंद्र कुमार मित्तल ने कहा कि उनकी ओर से यमुना मइया बचाओ नाम से आंदोलन चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रशासन से यमुना को स्वच्छ रखने व घाटों पर स्नान करने की आस्था को कामय रखने हेतु नहर से लगते घाटों की सफाई के साथ सुरक्षा के इंतजाम की भी मांग की जा रही है।

 
माहभर में हुई डूबने की घटनाएं
24 अप्रैल- चिट्टा मंदिर के समीप पश्चिमी यमुना नहर में साथियों के साथ नहाते वक्त डूबा आजादनगर का 14 वर्षीय गोली, जिसका दो दिन बाद 26 अप्रैल को हमीदा हेड से मिला शव।
25 अप्रैल- गांव परवालों से 26 वर्षीय शेर सिंह के लापता होने के बाद बाड़ी माजरा पुल के समीप पश्चिमी यमुना नहर से 27 अप्रैल को मिला उसका शव।
27 अप्रैल- हमीदा हेड पर अवर्धन नहर में पिता की चिता की राख विसर्जित करते हुए पैर फिसलने पर डूबा पुराना हमीदा के 23 वर्षीय कमल कुमार, जिसका अगले दिन ठसका पुल के समीप से मिला शव।
15 अप्रैल- हमीदा हेड समीप पश्चिमी यमुना नहर में परिवार के अन्य बच्चों के साथ नहाते वक्त डूबी पुराना हमीदा में रहने वाली बिहार की 12 वर्षीय खुशबू, जिसका अगले दिन ठसका पुल के समीप से मिला शव।

2 अप्रैल- गांव पांजूपुर के समीप भाई द्वारा पूजा-पाठ के नाम पर अपनी बहन व भांजी को दिया अवर्धन नहर में धक्का, दोनों के शवों का नहीं लग पाया सुराग।
 
नहर किनारे व घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। अगर लोग इसका उल्लंघन कर रहे हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। गर्मी सीजन के मद्देनजर संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देश देकर नहर की पटरी पर गश्त बढ़ाई गई है।
प्रवीण कुमार, प्रवक्ता, जिला पुलिस।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed