रादौर। कॉलेज रोड पर बालाजी मंदिर में महावीर रामलीला क्लब की ओर से कराए जा रहे रामलीला मंचन में कलाकारों ने लक्ष्मण मूर्छित दृश्य का मंचन किया गया। लक्ष्मण मूर्छा के दौरान जैसे ही संजीवनी बूटी सुघाने पर लक्ष्मण की मूर्छा दूर होती है, दर्शक खुशी से झूम उठते हैं।
रामलीला मंचन का शुभारंभ मुख्य अतिथि अखिल भारतीय युवा कांबोज सभा के प्रधान राजीव आर्य सन्नी, रामकुमार धानोखेडी, रणजीत राणा, मनोज कांबोज, दिनेश सैनी, पवन कुमार, राकेश कांबोज ने संयुक्त रूप से किया। रामलीला मंचन में भगवान श्रीराम के वानर सेना सहित युद्ध के लिए तैयार होने से लेकर लक्ष्मण की मूर्छा खुलने तक की लीला मंचन किया गया। मेघनाद-लक्ष्मण युद्ध के दौरान मेघनाथ लक्ष्मण को ललकारते हुए युद्ध में आता है। लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच भीषण युद्ध होता है। तब मेघनाथ ब्रह्म शक्ति का प्रयोग करके लक्ष्मण पर वार कर देता है। ब्रह्म शक्ति लगते ही लक्ष्मण बेहोश मूर्छित हो जाते हैं। तब हनुमान, लक्ष्मण को उठाकर श्रीराम के पास ले जाते हैं। लक्ष्मण को इस हालत में देखकर श्रीराम बहुत दुखी होते हैं। तब विभीषण के बताने पर हनुमान सुषेण वैद्य को लंका से लेकर आते हैं। सुषेण वैद्य उन्हें बताते हैं कि इसका इलाज संजीवनी बुटी है। तब हनुमान संजीवनी बूटी लाकर वैध को देते हैं। तब वैद्य वह बूटी लक्ष्मण जी को सुघाते हैं। लक्ष्मण जी को होश आ जाता है तो भगवान श्रीराम सहित पूरी वानर सेना खुशी से झूम उठती है। मौके पर प्रधान जोगी, संरक्षक रामकुमार प्रजापत, रामकुमार भयंकर, रोहित प्रजापत, वीरेंद्र कुमार, तिलोकचंद, सुभाष चंद्र, महेश कुमार बंटी, रामकुमार सेंटी, हरीश अरोड़ा, सचिन, निशु, लवली, अनु, ओमप्रकाश, मोंटी, अनिल कुमार, हेमराज मौजूद रहे।