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सभी वर्गों को आर्थिक आधार पर मिले आरक्षण
ब्यूरो/अमर उजाला/यमुनानगर
Updated Mon, 09 Nov 2015 11:31 PM IST
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यमुनानगर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि महासभा पिछले कई वर्षों से जातिगत आरक्षण को समाप्त करके आर्थिक आधार पर आरक्षण दिए जाने की मांग कर रही है। इस मांग को लेकर महासभा देश भर में रथयात्रा निकाल कर जनमत तैयार कर चुकी है। अब महासभा की ओर से 22 नवंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया जाएगा और मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
तंवर सोमवार को किसान भवन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में संविधान के निर्माताओं ने कहीं भी जातिगत आरक्षण दिए जाने का उल्लेख नहीं किया है। यही नहीं भारत का सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी करीब बीस बार एतिहासिक फैसले देते हुए जातिगत आरक्षण दिए जाने को गलत बताया जा चुका है। मगर इसके बावजूद भारत सरकार द्वारा जातिगत आरक्षण को बढ़ावा देने के लिए बार-बार संविधान में संशोधन करके देश एवं समाज को बांटने का काम किया गया है। तंवर ने कहा कि जातिगत आरक्षण से देश के करीब 75 फीसदी लोग परेशान हैं। क्योंकि हर जाति में आज गरीब लोग हैं। जिन्हें आरक्षण दिया जाना जरूरी है।
नेहरू और राजीव थे आरक्षण के खिलाफ
उन्होंने कहा कि दलितों के मसीहा डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी कहा है कि जब तक हरिजन आरक्षण की बैसाखी पर चलेंगे उनमें न तो आत्म विश्वास पैदा होगा और ना ही वे अपने पांव पर खड़े हो सकेंगे। यही नहीं देश के भूतपूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी भी जातिगत आरक्षण को दिए जाने के पक्ष में नहीं थे। खास बात यह है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि मेरे सपनों का राज्य वह होगा जो गरीबों का राज्य होगा, लेकिन वोट की राजनीति एवं बाहुबलियों के चलते अभी तक देश में आर्थिक आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा रहा है। जिसे लागू करवाने के लिए महासभा 22 नवंबर को जंतर-मंतर पर धरना व प्रदर्शन करेगी और महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंप कर सरकार से संविधान में संशोधन कर आरक्षण को आर्थिक आधार पर दिए जाने की मांग करेगी। उन्होंने क्षत्रिय समाज समेत स्वर्ण जातियों के लोगों को जंतर-मंतर पर पहुंचकर धरने में शामिल होने की अपील की। जिला प्रधान राजेंद्र चौहान ने उन्हें धरने पर यमुनानगर से 400 से अधिक लोग जाने का आश्वासन दिया।
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ये लोग रहे मौजूद
इस मौके पर संदीप राणा उन्हेड़ी, रामबीर चौहान, जनक सिंह, एडवोकेट दिनेश चौहान, राजिंद्र चौहान, लक्ष्मी चंद, योगिंद्र चौहान, तेजपाल सिंह, मास्टर महेंद्र सिंह, संदीप राणा आदि मौजूद रहें।
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तंवर सोमवार को किसान भवन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में संविधान के निर्माताओं ने कहीं भी जातिगत आरक्षण दिए जाने का उल्लेख नहीं किया है। यही नहीं भारत का सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी करीब बीस बार एतिहासिक फैसले देते हुए जातिगत आरक्षण दिए जाने को गलत बताया जा चुका है। मगर इसके बावजूद भारत सरकार द्वारा जातिगत आरक्षण को बढ़ावा देने के लिए बार-बार संविधान में संशोधन करके देश एवं समाज को बांटने का काम किया गया है। तंवर ने कहा कि जातिगत आरक्षण से देश के करीब 75 फीसदी लोग परेशान हैं। क्योंकि हर जाति में आज गरीब लोग हैं। जिन्हें आरक्षण दिया जाना जरूरी है।
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नेहरू और राजीव थे आरक्षण के खिलाफ
उन्होंने कहा कि दलितों के मसीहा डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी कहा है कि जब तक हरिजन आरक्षण की बैसाखी पर चलेंगे उनमें न तो आत्म विश्वास पैदा होगा और ना ही वे अपने पांव पर खड़े हो सकेंगे। यही नहीं देश के भूतपूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी भी जातिगत आरक्षण को दिए जाने के पक्ष में नहीं थे। खास बात यह है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि मेरे सपनों का राज्य वह होगा जो गरीबों का राज्य होगा, लेकिन वोट की राजनीति एवं बाहुबलियों के चलते अभी तक देश में आर्थिक आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा रहा है। जिसे लागू करवाने के लिए महासभा 22 नवंबर को जंतर-मंतर पर धरना व प्रदर्शन करेगी और महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंप कर सरकार से संविधान में संशोधन कर आरक्षण को आर्थिक आधार पर दिए जाने की मांग करेगी। उन्होंने क्षत्रिय समाज समेत स्वर्ण जातियों के लोगों को जंतर-मंतर पर पहुंचकर धरने में शामिल होने की अपील की। जिला प्रधान राजेंद्र चौहान ने उन्हें धरने पर यमुनानगर से 400 से अधिक लोग जाने का आश्वासन दिया।
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ये लोग रहे मौजूद
इस मौके पर संदीप राणा उन्हेड़ी, रामबीर चौहान, जनक सिंह, एडवोकेट दिनेश चौहान, राजिंद्र चौहान, लक्ष्मी चंद, योगिंद्र चौहान, तेजपाल सिंह, मास्टर महेंद्र सिंह, संदीप राणा आदि मौजूद रहें।