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शिक्षा व्यापार नहीं, बल्कि हमारा अधिकार: सैनी
yamuna nagar beuro
Updated Fri, 31 Mar 2017 12:18 AM IST
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- फोटो : yamuna nagar
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नियम 134 ए के तहत निजी स्कूल संचालकों की मनमानी के विरोध में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को मॉडल टाउन स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। डीईओ आनंद चौधरी को मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के जिला अध्यक्ष डॉ. राजेश सैनी ने किया।
उन्होंने कहा जिले में जरूरतमंद व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में नि:शुल्क दाखिले नहीं मिल रहे हैं। जबकि नियम-134 ए के तहत निजी स्कूलों में गरीब परिवार के बच्चों को नि:शुल्क दाखिला मिलना चाहिए। उच्च न्यायालय के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है और निजी स्कूल संचालक मनमर्जी कर रहे हैं। 20 मार्च 2017 तक निजी स्कूल संचालकों ने रिक्त सीटों के बारे शिक्षा विभाग को जानकारी देनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे यह साबित होता है कि निजी स्कूल संचालक व शिक्षा विभाग के अधिकारी आपस में मिले हुए हैं। कहा शिक्षा व्यापार नहीं, बल्कि हमारा अधिकार है।
आम आदमी पार्टी की मांग है कि सभी निजी स्कूलों से फार्म छह की कापी ली जाए, ताकि जनता को जागरूक किया जा सके। प्राइवेट स्कूलों को हर वर्ष जनवरी तक फार्म छह लेना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी बनती है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। शिक्षा विभाग और स्कूल संचालक मिलकर अभिभावकों की जेबों पर डाका डाल रहे हैं। जब हर निजी स्कूल में दस प्रतिशत आरक्षित सीटे होती है तो उन पर गरीब बच्चों के दाखिले किए जाएं। इसके अलावा फार्म छह जमा न कराने पर स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए, जो स्कूल हर वर्ष दाखिला फीस, वार्षिक शुल्क सहित अवैध फंड ले रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। मौके पर गुरदेव, रामबिलास, योगेंद्र चौहान, अश्विनी, जंगशेर राणा, मायाराम, मांगाराम, राजीव, सुभाष, हुक्मी, मीडिया प्रभारी अनिल प्रजापति मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा जिले में जरूरतमंद व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में नि:शुल्क दाखिले नहीं मिल रहे हैं। जबकि नियम-134 ए के तहत निजी स्कूलों में गरीब परिवार के बच्चों को नि:शुल्क दाखिला मिलना चाहिए। उच्च न्यायालय के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है और निजी स्कूल संचालक मनमर्जी कर रहे हैं। 20 मार्च 2017 तक निजी स्कूल संचालकों ने रिक्त सीटों के बारे शिक्षा विभाग को जानकारी देनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे यह साबित होता है कि निजी स्कूल संचालक व शिक्षा विभाग के अधिकारी आपस में मिले हुए हैं। कहा शिक्षा व्यापार नहीं, बल्कि हमारा अधिकार है।
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आम आदमी पार्टी की मांग है कि सभी निजी स्कूलों से फार्म छह की कापी ली जाए, ताकि जनता को जागरूक किया जा सके। प्राइवेट स्कूलों को हर वर्ष जनवरी तक फार्म छह लेना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी बनती है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। शिक्षा विभाग और स्कूल संचालक मिलकर अभिभावकों की जेबों पर डाका डाल रहे हैं। जब हर निजी स्कूल में दस प्रतिशत आरक्षित सीटे होती है तो उन पर गरीब बच्चों के दाखिले किए जाएं। इसके अलावा फार्म छह जमा न कराने पर स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए, जो स्कूल हर वर्ष दाखिला फीस, वार्षिक शुल्क सहित अवैध फंड ले रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। मौके पर गुरदेव, रामबिलास, योगेंद्र चौहान, अश्विनी, जंगशेर राणा, मायाराम, मांगाराम, राजीव, सुभाष, हुक्मी, मीडिया प्रभारी अनिल प्रजापति मौजूद रहे।
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