फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   yamuna nagar, pravchn me kaha

नारी बच्चों का पहला गुरु : बीके मेहरचंद

Mon, 21 Nov 2016 11:38 PM IST
amar ujala beuro yamunanagar
amar ujala beuro yamunanagar Updated Mon, 21 Nov 2016 11:38 PM IST
विज्ञापन
 प्रजापित ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय बुबका रोड रादौर में सोमवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें स्पोर्ट्स विंग करनाल से आए राष्ट्रीय संयोजक बीके मेहरचंद ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि नारी समाज की नींव है। नारी जागी तो समाज जागा, नारी सोई तो सारा संसार सोया। नारी सशक्त बनेगी तो ही उसके बच्चे सशक्त बनेंगे। समाज और राष्ट्र व देश सशक्त बनेगा।
विज्ञापन


वर्तमान में नारियों का जीवन आध्यात्मिक क्रांति के द्वारा सशक्त बनाने की आवश्यकता हैं। नैतिक मूल्यों को अपनाने से ही नारी सशक्त बनेगी। उन्होंने बताया कि पहले जमाने में आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों के कारण नारी पूजनीय वंदनीय थी। परंतु वर्तमान समय में नारियों का पाश्चात्य संस्कृति के कारण सजना, संवरना, व्यसन, नशा आदि विकृतियों के कारण काम, क्रोध, लोभ, मोह, अंहकार, ईर्ष्या, घृणा आदि विकारों ने घेरा हुआ हैं। जिससे नारी अबला बनी हुई हैं। नारी अगर स्वयं को आत्मा समझकर दैहिक श्रृंगार का त्याग कर जीवन में सदगुणों को अपनाकर अगर स्वयं को सशक्त बनाएगी तो यही नारी फिर से देवत्व को जगा सकती हेैं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि नारी को स्वयं को सशक्त बनाने के लिए सहनशीलता की देवी बनना हैं। नारी शिवशक्ति हैं। नारी अगर ईश्वरीय नियम, मर्यादा, सदगुणों को अपनाती है और भौतिक आकर्षर्णो को त्याग कर देती है तो वही देवी शक्ति का रूप धारण करेगी। नारियों का कर्तव्य बहुत ऊंचा हैं। नारी सिर्फ एक दो बच्चों की मां नहीं बल्कि विश्व की मां हैं। स्वयं को श्रेष्ठ संस्कार से नारियों को अपने बच्चों को भी श्रेष्ठ दिशा देने का कार्य करना हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


नारी बच्चों का पहला गुरू होती हैं। वर्तमान समय स्वयं निराकार परमपिता परमात्मा का अवतरण इस धरती पर हो चुका हैं। परमपिता ने ज्ञान का कलश माताओं के सिर पर रखकर फिर से माता, बहनों के द्वारा  विश्व परिवर्तन का महान कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रहमा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में राजयोग का अभ्यास सिखाया जाना हैं। इस अवसर पर रादौर सेवा केंद्र की संचालिका बीके राजबहन व बीके राजू भाई ने संयुक्त रूप से कहा कि जो धन व जवाहरात काम न आए वे ईंट पत्थर के समान है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed