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पुलिस के जाते ही कब्जाधारी हुए हावी
amar ujala beuro yamunanagar
Updated Tue, 10 Jan 2017 12:22 AM IST
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बुड़िया क्षेत्र के गांव शहजादपुर में प्रशासन ने पुलिस की मदद से पंच पीर व गांव की पंचायती गलियों में दोबारा से कब्जा करने वालों पर कार्रवाई की। कब्जाधारियों द्वारा पंचायती गली में लगाए गए दरवाजे को हटाने के बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी पंचायत सदस्यों को मौके पर छोड़ कर चले गए। पुलिस के जाते ही कब्जाधारी हावी हो गए। जैसे ही पंचायत के सदस्यों ने गली का निर्माण करना शुरू किया तो कब्जाधारियों ने निर्माण रुकवा दिया। कब्जाधारियों ने मौके पर खड़े महिला सरपंच के ससुर का गला पकड़ लिया और पंचायत सदस्यों के साथ हाथापाई शुरू की। पंचायत सदस्यों की तरफ से इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी गई है।
बता दें कि करीब आठ माह पूर्व बीडीपीओ छछरौली के नेतृत्व में कई सालों से पंचायती गली पर दरवाजा लगाकर किया गया कब्जा हटाया गया था, लेकिन प्रशासनिक टीम के जाते ही कब्जाधारियों ने गली में दरवाजा फिर से लगा लिया था। मामले में कब्जाधारी आरोपी व्यक्ति जगमाल के खिलाफ पुलिस ने केस भी दर्ज किया था। इसके बाद भी कब्जाधारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और पंचायती गली से दरवाजा नहीं हटाया।
प्रशासन की तरफ से कब्जाधारियों को गली से दरवाजा हटाने का नोटिस दिया गया। बावजूद इसके कब्जाधारियों ने पंचायती गली से कब्जा नहीं हटाया। कब्जा नहीं हटाने पर सोमवार को मजिस्टेट छछरौली तहसीलदार, बुडिय़ा पुलिस व अन्य प्रशासनिक अधिकारी जेसीबी लेकर गांव में पहुंचे। उन्होंने पहले पंच पीर के पास से कुछ अतिक्रमण हटाया। इसके बाद पंचायती गली में अवैध रूप से लगाए गए दरवाजे को हटाने के लिए पहुंच गए। हालांकि कब्जाधारियों ने इसका विरोध किया। लेकिन प्रशासनिक टीम के आगे उनकी एक न चली। प्रशासन द्वारा यहां मजदूरों की सहायता से पंचायती गली में लगाए गए दरवाजे को हटाया गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर मौजूद सरपंच के पति रविंद्र व अन्य पंचायत सदस्यों को गली का निर्माण कराने के आदेश दिए। इसके बाद मजिस्ट्रेट छछरौली तहसीलदार व पुलिस वहां से चलती बनी। उनके जाते ही कब्जाधारी हावी हो गए और गली निर्माण करवा रहे पंचायत सदस्यों को रोक दिया। पंचायत कार्य रोके जाने पर जब महिला सरंपच गीता के ससुर व नंबरदार ज्ञानचंद आगे आए तो एक कब्जाधारी ने उनका गला पकड़ लिया। इसके बाद पंचायत सदस्यों के साथ हाथापाई की और गली का निर्माण कार्य रुकवा दिया।
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क्या है मामला :
गांव शहजादपुर में काफी पुराने समय से गांव के बीच से एक गली फिरनी में आती थी। जिससे गांव के लोग निकलते थे। धीरे-धीरे एक परिवार के सदस्यों ने पहले गली में पशुओं को बांध कर कब्जा कर लिया। इसके बाद गली के बीच में गेट लगाकर उसे बंद कर दिया गया। कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पंचायत द्वारा इसकी शिकायत डीसी व उच्चधिकारियों को दी गई। मामले संज्ञान में लेते हुए करीब आठ माह पूर्व छछरौली बीडीपीओ के नेतृत्व में गली से दरवाजा हटाया गया था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के जाते ही कब्जाधारियों ने फिर से दरवाजा लगाकर गली का रास्ता रोक दिया था।
तहसीलदार के नेतृत्व में गांव शहजादपुर में पंच पीर व एक गली से अवैध कब्जे हटाए गए। हल्का विरोध हुआ। जो एक महिला द्वारा किया गया। जिसे समझा कर शांत कर दिया गया था। पुलिस के जाने के बाद गली का निर्माण शुरू किया गया। पंचायत सदस्यों के साथ हाथापाई की कोई सुचना उनके पास नहीं है।
- एसआई रामफल, जांच अधिकारी, थाना बुडिय़ा।
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बता दें कि करीब आठ माह पूर्व बीडीपीओ छछरौली के नेतृत्व में कई सालों से पंचायती गली पर दरवाजा लगाकर किया गया कब्जा हटाया गया था, लेकिन प्रशासनिक टीम के जाते ही कब्जाधारियों ने गली में दरवाजा फिर से लगा लिया था। मामले में कब्जाधारी आरोपी व्यक्ति जगमाल के खिलाफ पुलिस ने केस भी दर्ज किया था। इसके बाद भी कब्जाधारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और पंचायती गली से दरवाजा नहीं हटाया।
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प्रशासन की तरफ से कब्जाधारियों को गली से दरवाजा हटाने का नोटिस दिया गया। बावजूद इसके कब्जाधारियों ने पंचायती गली से कब्जा नहीं हटाया। कब्जा नहीं हटाने पर सोमवार को मजिस्टेट छछरौली तहसीलदार, बुडिय़ा पुलिस व अन्य प्रशासनिक अधिकारी जेसीबी लेकर गांव में पहुंचे। उन्होंने पहले पंच पीर के पास से कुछ अतिक्रमण हटाया। इसके बाद पंचायती गली में अवैध रूप से लगाए गए दरवाजे को हटाने के लिए पहुंच गए। हालांकि कब्जाधारियों ने इसका विरोध किया। लेकिन प्रशासनिक टीम के आगे उनकी एक न चली। प्रशासन द्वारा यहां मजदूरों की सहायता से पंचायती गली में लगाए गए दरवाजे को हटाया गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर मौजूद सरपंच के पति रविंद्र व अन्य पंचायत सदस्यों को गली का निर्माण कराने के आदेश दिए। इसके बाद मजिस्ट्रेट छछरौली तहसीलदार व पुलिस वहां से चलती बनी। उनके जाते ही कब्जाधारी हावी हो गए और गली निर्माण करवा रहे पंचायत सदस्यों को रोक दिया। पंचायत कार्य रोके जाने पर जब महिला सरंपच गीता के ससुर व नंबरदार ज्ञानचंद आगे आए तो एक कब्जाधारी ने उनका गला पकड़ लिया। इसके बाद पंचायत सदस्यों के साथ हाथापाई की और गली का निर्माण कार्य रुकवा दिया।
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क्या है मामला :
गांव शहजादपुर में काफी पुराने समय से गांव के बीच से एक गली फिरनी में आती थी। जिससे गांव के लोग निकलते थे। धीरे-धीरे एक परिवार के सदस्यों ने पहले गली में पशुओं को बांध कर कब्जा कर लिया। इसके बाद गली के बीच में गेट लगाकर उसे बंद कर दिया गया। कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पंचायत द्वारा इसकी शिकायत डीसी व उच्चधिकारियों को दी गई। मामले संज्ञान में लेते हुए करीब आठ माह पूर्व छछरौली बीडीपीओ के नेतृत्व में गली से दरवाजा हटाया गया था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के जाते ही कब्जाधारियों ने फिर से दरवाजा लगाकर गली का रास्ता रोक दिया था।
तहसीलदार के नेतृत्व में गांव शहजादपुर में पंच पीर व एक गली से अवैध कब्जे हटाए गए। हल्का विरोध हुआ। जो एक महिला द्वारा किया गया। जिसे समझा कर शांत कर दिया गया था। पुलिस के जाने के बाद गली का निर्माण शुरू किया गया। पंचायत सदस्यों के साथ हाथापाई की कोई सुचना उनके पास नहीं है।
- एसआई रामफल, जांच अधिकारी, थाना बुडिय़ा।