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डीएसपी से की फाइनेंस कंपनियों के कर्मचारियों की शिकायत
amar ujala beuro yamunanagar
Updated Wed, 14 Dec 2016 11:38 PM IST
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कस्बे में फाइनेंस कंपनियों से परेशान दर्जनों महिलाएं बुधवार को डीएसपी बिलासपुर रणधीर सिंह से उनके कार्यालय में मिली और उन्हें लिखित में शिकायत देकर प्राईवेट फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई। इससे पूर्व खंड के विभिन्न गांवों की महिलाएं एसडीएम बिलासपुर व एसएचओ बिलासपुर से भी कंपनियों के चुगंल से निजात दिलाने की गुहार लगा चुकी हैं। एक सप्ताह पूर्व उपमंडलाधीश बिलासपुर को एक ज्ञापन भी परेशान महिलाओं द्वारा सौंपा गया था।
महिलाओं ने अपनी शिकायत में बताया कि कंपनियों के कर्मचारी हर रोज गांवों में जाकर महिलाओं के ऊपर किश्त देने का दबाव बना रहे हैं। किश्त नहीं देने पर महिलाओं का अपमान करते हैं। क्षेत्र की सुमन, पूजा, सत्या, रूमा, सतबीर कौर, पिंकी, सुमन, हरजीत कौर, अनवरी, वकीला, रजीया, गुलशन, जगीरो, शीतल, बलबीर कौर, हरजीत कौर, सरोज, आशा ने बताया कि खंड बिलासपुर में आधा दर्जन के करीब प्राइवेट फाइनेंस कंपनियों ने अपने कारोबार चला रखे हैं। यह कंपनियां ग्रामीण महिलाओं के ग्रुप बनाकर उन्हें मासिक किश्तों पर लोन के रूप में पैसे देती हैं। वह हर माह मेहनत मजदूरी कर किश्तें दे रही थी।
नोटबंदी के बाद से कंपनी वाले हजार व पांच सौ के नोट लेने से मना करते हैं। कंपनियों के कर्मचारी उनसे किश्त लेने के लिए गांवों में उनके घरों में आ रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि उनके पास कंपनी की किश्त देने के लिए रुपये नहीं है। महिलाओं की मांग है कि उनकी किश्तें माफ कराई जाए और उन्हें कंपनियों के चुंगल से निकलवाया जाए। इस बारे में डीएसपी बिलासपुर रणधीर सिंह ने महिलाओं की समस्या को सुना ओर कहा कि कंपनी के मालिकों को थाने में बुलाकर बात करेंगे।
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महिलाओं ने अपनी शिकायत में बताया कि कंपनियों के कर्मचारी हर रोज गांवों में जाकर महिलाओं के ऊपर किश्त देने का दबाव बना रहे हैं। किश्त नहीं देने पर महिलाओं का अपमान करते हैं। क्षेत्र की सुमन, पूजा, सत्या, रूमा, सतबीर कौर, पिंकी, सुमन, हरजीत कौर, अनवरी, वकीला, रजीया, गुलशन, जगीरो, शीतल, बलबीर कौर, हरजीत कौर, सरोज, आशा ने बताया कि खंड बिलासपुर में आधा दर्जन के करीब प्राइवेट फाइनेंस कंपनियों ने अपने कारोबार चला रखे हैं। यह कंपनियां ग्रामीण महिलाओं के ग्रुप बनाकर उन्हें मासिक किश्तों पर लोन के रूप में पैसे देती हैं। वह हर माह मेहनत मजदूरी कर किश्तें दे रही थी।
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नोटबंदी के बाद से कंपनी वाले हजार व पांच सौ के नोट लेने से मना करते हैं। कंपनियों के कर्मचारी उनसे किश्त लेने के लिए गांवों में उनके घरों में आ रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि उनके पास कंपनी की किश्त देने के लिए रुपये नहीं है। महिलाओं की मांग है कि उनकी किश्तें माफ कराई जाए और उन्हें कंपनियों के चुंगल से निकलवाया जाए। इस बारे में डीएसपी बिलासपुर रणधीर सिंह ने महिलाओं की समस्या को सुना ओर कहा कि कंपनी के मालिकों को थाने में बुलाकर बात करेंगे।
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