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Yamuna Nagar News: पहलवान हर्षित दूसरी बार बने जिला कुमार
Fri, 13 Jun 2025 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 13 Jun 2025 12:19 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अजीजपुर कलां के हर्षित प्रतिभा के दम पर कुश्ती में धाक जमा रहे हैं। गत माह राष्ट्र स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने के बाद हर्षित ने दूसरी बार जिला कुमार का खिताब भी अपने नाम कर लिया। यह मुकाम हाल ही में तेजली खेल परिसर में हुई जिला स्तरीय अखाड़ा प्रतियोगिता में पाया।
अब हर्षित राज्य स्तरीय अखाड़ा प्रतियोगिता की तैयारी में जुट गए हैं। रोज सुबह-शाम गांव के अखिल शर्मा पहलवान अखाड़े में अभ्यास जारी है। हर्षित के कोच निखिल शर्मा भी उसके गांव अजीजपुर कलां से हैं। निखिल कुश्ती में नेशनल में गोल्ड मेडलिस्ट हैं और एनआईएस पटियाला से स्पोर्ट्स प्रफोरमेंस एनालाईसिस में पीजी डिप्लोमा कर चुके हैं।
निखिल सहित गांव से 30 खिलाड़ी चार साल में कुश्ती को मिल चुके हैं। गांव के किशोर व कुश्ती का रुझान के चलते हर्षित ने कुश्ती खेल को कॅरियर के रूप में चुना। कोच निखिल शर्मा ने बताया कि चार साल पहले हर्षित को बिजली निगम में कर्मचारी उसके पिता अखाड़े में लेकर आए। अभ्यास के शुरुआत से ही हर्षित की खेल में पकड़ नजर आई और वह खेल से जुड़ी हर बताई को तुरंत समझ लेते हैं।
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सुबह-शाम अखाड़े में तीन-तीन घंटे अभ्यास किया, जिस पर उन्हें जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभागिता के लिए भेजा। इन प्रतियोगिताओं से एक के बाद एक हर्षित पदक व खिताब लेकर आए। चार साल के खेल में हर्षित को अब तक की बड़ी उपलब्धि गत माह मिली। मई में दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में हुई राष्ट्र स्तरीय स्कूली खेल के अंडर-19 वर्ग में हर्षित ने स्वर्ण पदक हासिल किया। इससे पहले राज्य स्तर हर्षित एक स्वर्ण व एक कांस्य पदक जीत चुके हैं। अब जिला अखाड़ा प्रतियोगिता में हर्षित ने ग्रीको रोमन स्टाइल कुश्ती में जिला कुमार खिताब अपने नाम कर लिया है।
पिता व कोच का सपना करूंगा साकार
हर्षित ने बताया कि उसके साथ पिता व कोच का सपना है कि मैं देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतूं। इसके लिए पूरी लगन से मेहनत कर रहा हूं। पूरा प्रयास रहेगा कि पिता व कोच का सपना साकार करूं। इसके लिए कोच की बताई हर बात को फॉलो कर रहा हूं। कोच से खेल की हर बारीकी समझ रहा हूं। सुबह शाम तीन-तीन घंटे के अभ्यास के साथ डाइट का ध्यान रख रहा हूं।
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यमुनानगर। अजीजपुर कलां के हर्षित प्रतिभा के दम पर कुश्ती में धाक जमा रहे हैं। गत माह राष्ट्र स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने के बाद हर्षित ने दूसरी बार जिला कुमार का खिताब भी अपने नाम कर लिया। यह मुकाम हाल ही में तेजली खेल परिसर में हुई जिला स्तरीय अखाड़ा प्रतियोगिता में पाया।
अब हर्षित राज्य स्तरीय अखाड़ा प्रतियोगिता की तैयारी में जुट गए हैं। रोज सुबह-शाम गांव के अखिल शर्मा पहलवान अखाड़े में अभ्यास जारी है। हर्षित के कोच निखिल शर्मा भी उसके गांव अजीजपुर कलां से हैं। निखिल कुश्ती में नेशनल में गोल्ड मेडलिस्ट हैं और एनआईएस पटियाला से स्पोर्ट्स प्रफोरमेंस एनालाईसिस में पीजी डिप्लोमा कर चुके हैं।
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निखिल सहित गांव से 30 खिलाड़ी चार साल में कुश्ती को मिल चुके हैं। गांव के किशोर व कुश्ती का रुझान के चलते हर्षित ने कुश्ती खेल को कॅरियर के रूप में चुना। कोच निखिल शर्मा ने बताया कि चार साल पहले हर्षित को बिजली निगम में कर्मचारी उसके पिता अखाड़े में लेकर आए। अभ्यास के शुरुआत से ही हर्षित की खेल में पकड़ नजर आई और वह खेल से जुड़ी हर बताई को तुरंत समझ लेते हैं।
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सुबह-शाम अखाड़े में तीन-तीन घंटे अभ्यास किया, जिस पर उन्हें जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभागिता के लिए भेजा। इन प्रतियोगिताओं से एक के बाद एक हर्षित पदक व खिताब लेकर आए। चार साल के खेल में हर्षित को अब तक की बड़ी उपलब्धि गत माह मिली। मई में दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में हुई राष्ट्र स्तरीय स्कूली खेल के अंडर-19 वर्ग में हर्षित ने स्वर्ण पदक हासिल किया। इससे पहले राज्य स्तर हर्षित एक स्वर्ण व एक कांस्य पदक जीत चुके हैं। अब जिला अखाड़ा प्रतियोगिता में हर्षित ने ग्रीको रोमन स्टाइल कुश्ती में जिला कुमार खिताब अपने नाम कर लिया है।
पिता व कोच का सपना करूंगा साकार
हर्षित ने बताया कि उसके साथ पिता व कोच का सपना है कि मैं देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतूं। इसके लिए पूरी लगन से मेहनत कर रहा हूं। पूरा प्रयास रहेगा कि पिता व कोच का सपना साकार करूं। इसके लिए कोच की बताई हर बात को फॉलो कर रहा हूं। कोच से खेल की हर बारीकी समझ रहा हूं। सुबह शाम तीन-तीन घंटे के अभ्यास के साथ डाइट का ध्यान रख रहा हूं।