उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन की तीनों शाखाओं तथा दोनों मोर्चों ने जगाधरी वर्कशॉप के मुख्य द्वार पर इकट्ठे होकर प्रदर्शन किया। यूनियन ने इस प्रदर्शन को पाखंड दिवस के रूप में मनाया। रेलवे मजदूरों को संबोधित करते हुए भारतीय रेलवे मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एके सिंह ने कहा कि रेल मजदूरों को धोखा देना पहले से मान्यता प्राप्त संगठनों की पुरानी आदत है। पुरानी पेंशन स्कीम वेतन विसंगतियों के निराकरण, कर्मचारियों की छंटनी करके निजीकरण को बढ़ावा देना व 12 दिन सीएल के स्थान पर 8 दिन के सीएल कराना, कर्मचारियों की संख्या कम करना आदि की कर्मचारी लंबे समय से मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि 11 जुलाई 2016 का काला दिवस मजदूर कभी नहीं भूल सकते। क्योंकि इस दिन रेल मजदूरों की पीठ में छुरा घोंपा गया था। युवा मोर्चा के सचिव दुर्गेश राणा ने कहा कि सरकार की नीतियां रेल मजदूरों के पेट पर लात मारने के समान हैं। यूनियन सरकार के इन कदमों को रोकने के लिए जान लगा देगी। यांत्रिक शाखा के श्याम लाल तथा सामान्य शाखा सचिव सुरेंद्र राणा ने वर्कशाप की स्थानीय समस्याओं को लेकर रेल प्रशासन को चेताया। यांत्रिक शाखा के अध्यक्ष देव शंकर सिंह ने एनपीएस को रेल मजदूरों तथा उनके बच्चों के भविष्य को चौपट करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि इसको समाप्त कराना हमारे संगठन में सबसे बड़ा उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि रेल मजदूरों को बार-बार धोखा देने वाली शक्तियों से सावधान रहने तथा मजदूरों के एक होकर निजीकरण, निगमीकरण तथा एनपीएस रूपी राक्षस से लड़ने की एकता पर जोर दिया। इस दोरान विनीत मिश्रा, महिला मोर्चा की सचिव मलिका शर्मा, सुरेश, महेंद्र यादव, जगदीश, रणधीर, वालकेश्वर मरांडी, हरकेश यादव, विकास राणा, रमेश ठाकुर, रामकुमार, रामकुमार बिरला, अमित कुमार, सुशील कुमार तिवारी, सुशील कुमार, विनय कुमार, मुकेश चौधरी, वीरेंद्र मणि, बहुत यादव, अशोक कुमार, संत कुमार, मेघावी कटारिया, विमला, मनजीत सिंह, महेंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।