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दो मंजिल मकान की छत से गिरकर मजदूर की मौत
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छत से गिरकर हुई मजदूर की मौत के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : Yamuna Nagar
खजूरी रोड स्थित श्री श्याम प्लाइवुड फैक्टरी में काम करने वाले बिहार निवासी श्यामसुंदर की दो मंजिला पर स्थित क्वार्टर की छत से गिरकर मौत हो गई।
श्याम सुंदर फैक्टरी में बोर्ड सेक्शन पर काम करता था और बिहार के भदोरिया जिला का रहने वाला था। जिस जगह व्यक्ति छत से गिरा वहां पर प्लाई फैक्टरी के मालिक द्वारा पानी निकासी की सुविधा नहीं की गई थी। बिहार के भदोरिया निवासी गणेश प्रसाद ने बताया कि श्याम सुंदर कई सालों से यहां काम कर रहा था। जिसके दो बच्चे हैं जिनकी उम्र आठ साल और छह साल है। गणेश प्रसाद ने बताया कि फैक्टरी से काम समाप्त करने के बाद श्याम सुंदर क्वार्टर की छत पर टहल रहा था। इस दौरान अनियंत्रित होकर वह छत से नीचे गिर गया। दो मंजिला छत से वह नीचे जब गिरा तो गंभीर रूप से घायल हो गया। पानी की निकासी न होने से वहां पर गंदा पानी जमा था। श्याम सुंदर इस गंदे पानी में गिरा। उसके गिरते ही उन्होंने शोर मचा दिया। मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने उसे गंदे पानी के अंदर से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित किया।
गंदगी से अटे हुए हैं क्वार्टर
मजदूरों ने बताया कि फैक्टरी संचालक ने उनके रहने के लिए जो क्वार्टर बनाए हुए है, उनके कमरे बहुत छोटे छोटे है। जिनके अंदर गंदगी के ढेर लगे पड़े हैं। कमरों का साइज इतना छोटा है कि इसके अंदर दो व्यक्ति आराम से सो भी नहीं सकते। लेकिन फैक्ट्री संचालक ने खाना बनाने के लिए रसोई पानी आदि की कोई सुविधा प्रदान नहीं कर रखी है। जिस कारण यहां रह रहे मजदूरों को इस छोटे से कमरे के अंदर ही खाना बनाना पड़ता है। पानी की कोई निकासी नहीं है पानी ऐसे ही खुले में छोड़ दिया जाता है। जिसमें गिरकर श्याम सुंदर की दम घुटने से मौत हो गई है।
क्वार्टरों की देखरेख की जिम्मेदारी मजदूरों की
फैक्ट्री संचालक पंकज का कहना है कि घटना के बारे में मौके पर जो लोग है वे बता देंगे। उनसे जो पूछना है पूछ लो। उन्होंने मजदूरों को क्वार्टर दे रखे है। उनकी देखरेख की जिम्मेदारी मजदूरों की है। क्वाटरों में पानी की सुविधा उपलब्ध है।
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श्याम सुंदर फैक्टरी में बोर्ड सेक्शन पर काम करता था और बिहार के भदोरिया जिला का रहने वाला था। जिस जगह व्यक्ति छत से गिरा वहां पर प्लाई फैक्टरी के मालिक द्वारा पानी निकासी की सुविधा नहीं की गई थी। बिहार के भदोरिया निवासी गणेश प्रसाद ने बताया कि श्याम सुंदर कई सालों से यहां काम कर रहा था। जिसके दो बच्चे हैं जिनकी उम्र आठ साल और छह साल है। गणेश प्रसाद ने बताया कि फैक्टरी से काम समाप्त करने के बाद श्याम सुंदर क्वार्टर की छत पर टहल रहा था। इस दौरान अनियंत्रित होकर वह छत से नीचे गिर गया। दो मंजिला छत से वह नीचे जब गिरा तो गंभीर रूप से घायल हो गया। पानी की निकासी न होने से वहां पर गंदा पानी जमा था। श्याम सुंदर इस गंदे पानी में गिरा। उसके गिरते ही उन्होंने शोर मचा दिया। मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने उसे गंदे पानी के अंदर से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित किया।
गंदगी से अटे हुए हैं क्वार्टर
मजदूरों ने बताया कि फैक्टरी संचालक ने उनके रहने के लिए जो क्वार्टर बनाए हुए है, उनके कमरे बहुत छोटे छोटे है। जिनके अंदर गंदगी के ढेर लगे पड़े हैं। कमरों का साइज इतना छोटा है कि इसके अंदर दो व्यक्ति आराम से सो भी नहीं सकते। लेकिन फैक्ट्री संचालक ने खाना बनाने के लिए रसोई पानी आदि की कोई सुविधा प्रदान नहीं कर रखी है। जिस कारण यहां रह रहे मजदूरों को इस छोटे से कमरे के अंदर ही खाना बनाना पड़ता है। पानी की कोई निकासी नहीं है पानी ऐसे ही खुले में छोड़ दिया जाता है। जिसमें गिरकर श्याम सुंदर की दम घुटने से मौत हो गई है।
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क्वार्टरों की देखरेख की जिम्मेदारी मजदूरों की
फैक्ट्री संचालक पंकज का कहना है कि घटना के बारे में मौके पर जो लोग है वे बता देंगे। उनसे जो पूछना है पूछ लो। उन्होंने मजदूरों को क्वार्टर दे रखे है। उनकी देखरेख की जिम्मेदारी मजदूरों की है। क्वाटरों में पानी की सुविधा उपलब्ध है।
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