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मकान में हिस्सा मिलने के समझौते के बाद किया महिला का अंतिम संस्कार
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यमुनानगर। फर्कपुर में बीमारी के चलते 40 वर्षीय महिला चंपा देवी की मौत के बाद परिजन दूसरे दिन भी संस्कार को लेकर तैयार नहीं हुए। दूसरे दिन भी परिवार के लोग मकान में हिस्से को लेकर हंगामा करते रहे। मृतका के परिजनों की मांग थी कि जब तक मृतका का ससुर मकान में हिस्सा नहीं देता तब तक वे संस्कार नहीं करेंगे। मकान में हिस्सा मिलने के बाद ही वे संस्कार करेंगे। हंगामे की सूचना मिलते ही फर्कपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस व मौजिज लोगों ने दोनों पक्षों की बातचीत करवाकर समझौता करवाया। जिसमें लिखित फैसला हुआ कि मृतका के पति का पिता मकान के ऊपर का हिस्सा देगा। मौके पर ही मृतका के पति को मकान के ऊपर के हिस्सा का कब्जा दिलाया गया। जिसके बाद मृतका का अंतिम संस्कार किया गया।
बॉक्स
सुसर मौखिक तो परिजन लिखित फैसले पर अड़े :
हंगामे की सूचना पर पहले पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत करवाई। जिसमें फैसला हुआ कि मृतका के पति को मकान में हिस्सा दिया जाए, लेकिन मृतका का ससुर मौखिक तौर पर फैसला करने की बात पर अड़ गया। उधर, मृतका के परिजन लिखित में मांगने लगे। इसके बाद में पार्षद और अन्य मौजिज लोग वहां पर पहुंचे। पार्षद की मौजूदगी में पंचायती हुई। जिसमें आपसी सहमति से दोनों पक्षों के बीच लिखित में समझौता कराया कि मृतका के पति जगमाल को उसका पिता रामस्वरूप के मकान का ऊपर का हिस्सा दिया जाए। लिखित में समझौता होने के बाद मौके पर ही जगमाल को मकान के ऊपर के हिस्सा का कब्जा दिला दिया गया। इसमें किसी पक्ष पर कोई दबाव नहीं डाला गया।
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किराएदार ने शव रखने से मना किया तो ऑटो में लेकर पहुंचा था पिता के घर :
फर्कपुर निवासी जगमाल के पिता रेलवे से रिटायर्ड है। उसने दो शादियां की थी। जिस महिला से जगमाल के पिता ने दूसरी शादी की थी, उसके बच्चों के नाम उसने मकान करवा दिया था। इसको लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था। जगमाल पहली पत्नी से पैदा हुआ था। जगमाल अपनी पत्नी चंपा व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ किराए पर रहता था। जगमाल की पत्नी चंपा देवी की फेफडे़ खराब होने के कारण रविवार को मौत हो गई थी। मकान मालिक ने उसे वहां पर संस्कार करने से मना कर दिया था और उन्हें अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अपने मकान में जाकर करने को कहा था। इस पर जगमाल अपनी पत्नी चंपा के शव को ऑटो में रखकर अपने पिता के मकान में पहुंच गया था। वहां पर जैसे ही उसकी सौतेली मां और भाईयों ने देखा तो वे मकान का ताला लगाकर चले गए थे। जिसके बाद उसने ताला तोड़ दिया और शव को अंदर रख दिया। जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हो गया था। मृतका के परिजन मकान में जगमाल को हिस्सा दिलाने की मांग पर अड़े हुए थे।
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वर्जन
फर्कपुर में मकान में हिस्से को लेकर हुए हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। दोनों पक्षों को समझा दिया गया। दोनों का लिखित में समझौता करवाकर मृतका का अंतिम संस्कार करवा दिया गया है।
- दिनेश कुमार, एसएचओ, थाना फर्कपुर।
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सुसर मौखिक तो परिजन लिखित फैसले पर अड़े :
हंगामे की सूचना पर पहले पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत करवाई। जिसमें फैसला हुआ कि मृतका के पति को मकान में हिस्सा दिया जाए, लेकिन मृतका का ससुर मौखिक तौर पर फैसला करने की बात पर अड़ गया। उधर, मृतका के परिजन लिखित में मांगने लगे। इसके बाद में पार्षद और अन्य मौजिज लोग वहां पर पहुंचे। पार्षद की मौजूदगी में पंचायती हुई। जिसमें आपसी सहमति से दोनों पक्षों के बीच लिखित में समझौता कराया कि मृतका के पति जगमाल को उसका पिता रामस्वरूप के मकान का ऊपर का हिस्सा दिया जाए। लिखित में समझौता होने के बाद मौके पर ही जगमाल को मकान के ऊपर के हिस्सा का कब्जा दिला दिया गया। इसमें किसी पक्ष पर कोई दबाव नहीं डाला गया।
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किराएदार ने शव रखने से मना किया तो ऑटो में लेकर पहुंचा था पिता के घर :
फर्कपुर निवासी जगमाल के पिता रेलवे से रिटायर्ड है। उसने दो शादियां की थी। जिस महिला से जगमाल के पिता ने दूसरी शादी की थी, उसके बच्चों के नाम उसने मकान करवा दिया था। इसको लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था। जगमाल पहली पत्नी से पैदा हुआ था। जगमाल अपनी पत्नी चंपा व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ किराए पर रहता था। जगमाल की पत्नी चंपा देवी की फेफडे़ खराब होने के कारण रविवार को मौत हो गई थी। मकान मालिक ने उसे वहां पर संस्कार करने से मना कर दिया था और उन्हें अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अपने मकान में जाकर करने को कहा था। इस पर जगमाल अपनी पत्नी चंपा के शव को ऑटो में रखकर अपने पिता के मकान में पहुंच गया था। वहां पर जैसे ही उसकी सौतेली मां और भाईयों ने देखा तो वे मकान का ताला लगाकर चले गए थे। जिसके बाद उसने ताला तोड़ दिया और शव को अंदर रख दिया। जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हो गया था। मृतका के परिजन मकान में जगमाल को हिस्सा दिलाने की मांग पर अड़े हुए थे।
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फर्कपुर में मकान में हिस्से को लेकर हुए हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। दोनों पक्षों को समझा दिया गया। दोनों का लिखित में समझौता करवाकर मृतका का अंतिम संस्कार करवा दिया गया है।
- दिनेश कुमार, एसएचओ, थाना फर्कपुर।