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साइबर ठगी : डॉक्टर के बैंक खाते से 2.42 लाख रुपये उड़ाए
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यमुनानगर। साइबर ठगों ने शहर के एक प्रतिष्ठित एमडी डॉक्टर के बैंक खाते से 2.42 लाख रुपये निकाल लिए। बैंक के ऐप से कंपनी के अकाउंट में भेजे नौ हजार रुपये जमा न होने पर डॉक्टर ने गूगल से नंबर सर्च कर कंपनी के नंबर पर फोन किया था, लेकिन यह नंबर ठग का निकला। साइबर ठग ने डॉक्टर से उसके मोबाइल पर ऐप खुलवाया और उसके अकाउंट से रुपये उड़ा लिए। डॉक्टर ने न तो कोई ओटीपी बताया और न ही कोई पासवर्ड। रुपये निकलने की उसने बैंक अधिकारियों से शिकायत की। शिकायत करने के कुछ दिन बाद उसके अकाउंट में फर्चुअल रूप में 2.42 लाख रुपये वापस आ गए। लेकिन वह उन्हें नहीं निकाल पाया। डॉक्टर का आरोप है कि जब उसने बैंक अधिकारी को रुपये न निकलने की बात कही तो उसने उसे धमकाया और उसके वापस आए रुपये फिर अकाउंट से वापस भेज दिए। डॉक्टर ने बैंक अधिकारी पर साइबर ठगों से मिलकर ठगी करने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत डॉक्टर ने पुलिस अधीक्षक को दी। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच आर्थिक सेल को सौंपी है।
जगाधरी के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि उसका आईसीआईसीआई बैंक में लगभग 17 साल से खाता है। 16 दिसंबर 2020 को उसने ग्रो कंपनी में अपना डिमैट खाता खोला था। उसने अपने बैंक ऐप आई पे से कंपनी में खोले अकाउंट में 9000 रुपये ट्रांसफर किए। लेकिन उसके बैंक अकाउंट से रुपये कट गए, उसके कंपनी के अकाउंट में रुपये जमा नहीं हुए। इसके बाद उसने गूगल पर ग्रो कंपनी का नंबर सर्च कर उस पर फोन किया, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। इसके कुछ देर बाद उसके पास एक नंबर से फोन आया। आरोपी ने खुद को ग्रो कंपनी का कर्मचारी बताया। फोन करने वाले ने उसे अपनी बातों में उलझाकर उसके खाते से 2 लाख 42 हजार रुपये की नकदी निकाल ली। बाद में वह बैंक अधिकारियों के पास शिकायत लेकर पहुंचा। पहले बैंक अधिकारी उसे उसकी रकम खाते में वापस आने की बात कहते रहे लेकिन छह सप्ताह बाद भी जब राशि खाते में वापस नहीं आई तो उसने पुलिस से मामले की शिकायत करने की बात कही तो बैंक अधिकारियों ने उसे धमकाया। पीड़ित ने बैंक अधिकारी के भी साइबर ठगों से मिलीभगत होने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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जगाधरी के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि उसका आईसीआईसीआई बैंक में लगभग 17 साल से खाता है। 16 दिसंबर 2020 को उसने ग्रो कंपनी में अपना डिमैट खाता खोला था। उसने अपने बैंक ऐप आई पे से कंपनी में खोले अकाउंट में 9000 रुपये ट्रांसफर किए। लेकिन उसके बैंक अकाउंट से रुपये कट गए, उसके कंपनी के अकाउंट में रुपये जमा नहीं हुए। इसके बाद उसने गूगल पर ग्रो कंपनी का नंबर सर्च कर उस पर फोन किया, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। इसके कुछ देर बाद उसके पास एक नंबर से फोन आया। आरोपी ने खुद को ग्रो कंपनी का कर्मचारी बताया। फोन करने वाले ने उसे अपनी बातों में उलझाकर उसके खाते से 2 लाख 42 हजार रुपये की नकदी निकाल ली। बाद में वह बैंक अधिकारियों के पास शिकायत लेकर पहुंचा। पहले बैंक अधिकारी उसे उसकी रकम खाते में वापस आने की बात कहते रहे लेकिन छह सप्ताह बाद भी जब राशि खाते में वापस नहीं आई तो उसने पुलिस से मामले की शिकायत करने की बात कही तो बैंक अधिकारियों ने उसे धमकाया। पीड़ित ने बैंक अधिकारी के भी साइबर ठगों से मिलीभगत होने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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