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Yamuna Nagar News: कर्मचारी कम, मलेरिया-डेंगू से कैसे जीतेंग हम
Mon, 06 Oct 2025 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 06 Oct 2025 01:37 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डेंगू व चिकनगुनिया के मामले बढ़ रहे हें, पर इससे बचाव के लिए जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास स्टाफ कम है। हालांकि मुख्यालय से कई बार स्टाफ बढ़ाने का मांग हो चुकी है, पर इस ओर स्वास्थ्य विभाग उदासीन बना हुआ है। ऐसे में डेंगू-मलेरिया के पीक सीजन में नाममात्र स्टाफ से काम चलाया जा रहा है।
जिले में 25 पदों में से मात्र चार मल्टीपर्पज हेल्थ सुपरवाइजर ही हैं। वहीं 123 मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर में भी सिर्फ 23 वर्कर ही हैं। स्टाफ की कमी में डेंगू-मलेरिया से निपटना विभाग के लिए चुनौती साबित हो रही है। वर्ष-2024 में मलेरिया के दो व डेंगू के तीन केस थे। इस साल डेंगू के 32, मलेरिया के तीन व चिकनगुनिया के चार केस मिल चुके हैं।
मल्टीपर्पज हेल्थ सुपरवाइजर व मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर के ही जिम्मे डेंगू-मलेरिया की रोकथाम के अहम काम होते हैं। यही फील्ड में रह कर डेंगू-मलेरिया के बारे में लोगों को जागरूक करने से लेकर बचाव का कार्य करते हैं। मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर लोगों की जांच, नमूने लेना व तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ने सहित अन्य कार्य करते हैं। इन पर मल्टीपर्पज हेल्थ सुपरवाइजर निगरानी रखते हैं। दोनों की कमी से यह काम प्रभावित हो रहे हैं।
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स्टाफ की कमी के बारे में मुख्यालय को अवगत कराया गया है। मौजूदा स्टाफ में डेंगू-मलेरिया की रोकथाम के सभी कार्य सही तरीके से कराए जाने के प्रयास हैं। - डॉ. सुशीला सैनी, डिप्टी सिविल सर्जन।
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यमुनानगर। डेंगू व चिकनगुनिया के मामले बढ़ रहे हें, पर इससे बचाव के लिए जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास स्टाफ कम है। हालांकि मुख्यालय से कई बार स्टाफ बढ़ाने का मांग हो चुकी है, पर इस ओर स्वास्थ्य विभाग उदासीन बना हुआ है। ऐसे में डेंगू-मलेरिया के पीक सीजन में नाममात्र स्टाफ से काम चलाया जा रहा है।
जिले में 25 पदों में से मात्र चार मल्टीपर्पज हेल्थ सुपरवाइजर ही हैं। वहीं 123 मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर में भी सिर्फ 23 वर्कर ही हैं। स्टाफ की कमी में डेंगू-मलेरिया से निपटना विभाग के लिए चुनौती साबित हो रही है। वर्ष-2024 में मलेरिया के दो व डेंगू के तीन केस थे। इस साल डेंगू के 32, मलेरिया के तीन व चिकनगुनिया के चार केस मिल चुके हैं।
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मल्टीपर्पज हेल्थ सुपरवाइजर व मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर के ही जिम्मे डेंगू-मलेरिया की रोकथाम के अहम काम होते हैं। यही फील्ड में रह कर डेंगू-मलेरिया के बारे में लोगों को जागरूक करने से लेकर बचाव का कार्य करते हैं। मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर लोगों की जांच, नमूने लेना व तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ने सहित अन्य कार्य करते हैं। इन पर मल्टीपर्पज हेल्थ सुपरवाइजर निगरानी रखते हैं। दोनों की कमी से यह काम प्रभावित हो रहे हैं।
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स्टाफ की कमी के बारे में मुख्यालय को अवगत कराया गया है। मौजूदा स्टाफ में डेंगू-मलेरिया की रोकथाम के सभी कार्य सही तरीके से कराए जाने के प्रयास हैं। - डॉ. सुशीला सैनी, डिप्टी सिविल सर्जन।