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Yamuna Nagar News: व्हीलचेयर नदारद, सहारे से बूथों पर पहुंचे बुजुर्गों व दिव्यांग
Sun, 06 Oct 2024 03:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 06 Oct 2024 03:08 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को मतदान के दौरान कई मतदान केंद्रों पर बजुर्गों व दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर नहीं मिली। मतदान केंद्र बने भवनों के परिसर में वाहन आ-जा नहीं सकते थे, इसलिए चलने-फिरने से मोहताज बुजुर्गों व दिव्यांगों को परिजन के कंधे के सहारे या गोद में उठाकर मतदान केंद्रों में लेकर आते-जाते दिखे। कई जगह ऐसे बुजुर्गों व दिव्यांगों की मदद में सुरक्षा कर्मियों ने हाथ बढ़ाए।
मतदान केंद्र नंबर-90 पर संजय मित्तल अपनी 85 वर्षीय दादी बोहती देवी, पत्नी रेणु मित्तल व बेटी परिधी मित्तल के साथ मतदान के लिए पहुंचे। संजय मित्तल ने बताया कि दादी को चलने में दिक्कत है, इसलिए केंद्र के बाहर तक वाहन पर लेकर आए। मतदान केंद्र में दादी के लिए व्हीलचेयर के बारे में पता किया, तब पाया कि केंद्र पर व्हीलचेयर की सुविधा नहीं है।
जब केंद्र पर तैनात सुरक्षाकर्मी की मदद से दादी को साधारण चेयर पर बैठाकर उठाया और बूथ तक पहुंचाया। इस तरह परिवार की तीन पीढ़ियों ने एक साथ मतदान किया। संजय मित्तल ने कहा कि बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर की सुविधा होनी चाहिए थी। ऐसे ही कैंप, बूड़िया के स्कूलों में बने मतदान केंद्रों पर बुजुर्गों व दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर नहीं मिली तो उन्होंने परिजनों या सुरक्षा कर्मियों की मदद से बूथ पर पहुंचकर मतदान किया।
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यमुनानगर। विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को मतदान के दौरान कई मतदान केंद्रों पर बजुर्गों व दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर नहीं मिली। मतदान केंद्र बने भवनों के परिसर में वाहन आ-जा नहीं सकते थे, इसलिए चलने-फिरने से मोहताज बुजुर्गों व दिव्यांगों को परिजन के कंधे के सहारे या गोद में उठाकर मतदान केंद्रों में लेकर आते-जाते दिखे। कई जगह ऐसे बुजुर्गों व दिव्यांगों की मदद में सुरक्षा कर्मियों ने हाथ बढ़ाए।
मतदान केंद्र नंबर-90 पर संजय मित्तल अपनी 85 वर्षीय दादी बोहती देवी, पत्नी रेणु मित्तल व बेटी परिधी मित्तल के साथ मतदान के लिए पहुंचे। संजय मित्तल ने बताया कि दादी को चलने में दिक्कत है, इसलिए केंद्र के बाहर तक वाहन पर लेकर आए। मतदान केंद्र में दादी के लिए व्हीलचेयर के बारे में पता किया, तब पाया कि केंद्र पर व्हीलचेयर की सुविधा नहीं है।
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जब केंद्र पर तैनात सुरक्षाकर्मी की मदद से दादी को साधारण चेयर पर बैठाकर उठाया और बूथ तक पहुंचाया। इस तरह परिवार की तीन पीढ़ियों ने एक साथ मतदान किया। संजय मित्तल ने कहा कि बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर की सुविधा होनी चाहिए थी। ऐसे ही कैंप, बूड़िया के स्कूलों में बने मतदान केंद्रों पर बुजुर्गों व दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर नहीं मिली तो उन्होंने परिजनों या सुरक्षा कर्मियों की मदद से बूथ पर पहुंचकर मतदान किया।
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