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Yamuna Nagar News: मलिकपुर बांगर की 250 एकड़ भूमि पर जलभराव
Mon, 04 Aug 2025 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 04 Aug 2025 11:51 PM IST
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मलिकपुर बांगर के खेतों में बारिश में हुआ जलभराव। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। मलिकपुर बांगर गांव की 250 एकड़ से अधिक जमीन में जलभराव है। लोगों ने समस्या का समाधान कराने की मांग ने डीसी पार्थ गुप्ता से की है।
मलिकपुर बांगर गांव के सेवा निवृत अध्यापक नरेश गर्ग, पूर्व सरपंच नाथीराम, सतराम शर्मा, संदीप शर्मा, सलिंद्र कुमार, निशा देवी, सविता रानी, विकास, राहुल ने कहा कि उनकी खेती योग्य भूमि गांव मलिकपुर बांगर में लेदी मार्ग पर सोम नदी के किनारे पर स्थित है। सोम नदी में अधिक पानी के आने के कारण नदी के उफान का पानी उनके खेतों में आ जाता है।
खेतों में दो से तीन फीट तक पानी जमा हो जाता है। पानी निकासी न होने के कारण नदी का पानी कई दिनों तक खेतों में ही खड़ा रहता है। जिसके कारण उनके खेतों की फसलें खराब हो जाती हैं। अधिक बारिश हो जाने के कारण गांव कुड़ेवाला जंगल में पानी आ जाता है। सोम नदी के दूसरी ओर पटरी बनी होने के कारण नदी के उफान का सारा पानी उनके खेतों में प्रवेश कर जाता है।
नदी में गाद आने के कारण नदी के किनारे ऊंचे हो गए हैं। जिससे खेतों से पानी निकासी की समस्या भी आन खड़ी हुई है। गांव के किसानों की 300 एकड़ में धान रोपाई का कार्य होना है। अब तक 75 एकड़ की धान रोपाई हो सकी है। पानी अधिक होने के कारण लगी हुई फसल खराब हो रही है। सोम नदी के किनारे उच्च होने के कारण खेतों में लगभग 3-4 फुट तक पानी भरा हुआ है। पानी नदी में वापस नहीं जा रहा है।
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व्यासपुर। मलिकपुर बांगर गांव की 250 एकड़ से अधिक जमीन में जलभराव है। लोगों ने समस्या का समाधान कराने की मांग ने डीसी पार्थ गुप्ता से की है।
मलिकपुर बांगर गांव के सेवा निवृत अध्यापक नरेश गर्ग, पूर्व सरपंच नाथीराम, सतराम शर्मा, संदीप शर्मा, सलिंद्र कुमार, निशा देवी, सविता रानी, विकास, राहुल ने कहा कि उनकी खेती योग्य भूमि गांव मलिकपुर बांगर में लेदी मार्ग पर सोम नदी के किनारे पर स्थित है। सोम नदी में अधिक पानी के आने के कारण नदी के उफान का पानी उनके खेतों में आ जाता है।
खेतों में दो से तीन फीट तक पानी जमा हो जाता है। पानी निकासी न होने के कारण नदी का पानी कई दिनों तक खेतों में ही खड़ा रहता है। जिसके कारण उनके खेतों की फसलें खराब हो जाती हैं। अधिक बारिश हो जाने के कारण गांव कुड़ेवाला जंगल में पानी आ जाता है। सोम नदी के दूसरी ओर पटरी बनी होने के कारण नदी के उफान का सारा पानी उनके खेतों में प्रवेश कर जाता है।
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नदी में गाद आने के कारण नदी के किनारे ऊंचे हो गए हैं। जिससे खेतों से पानी निकासी की समस्या भी आन खड़ी हुई है। गांव के किसानों की 300 एकड़ में धान रोपाई का कार्य होना है। अब तक 75 एकड़ की धान रोपाई हो सकी है। पानी अधिक होने के कारण लगी हुई फसल खराब हो रही है। सोम नदी के किनारे उच्च होने के कारण खेतों में लगभग 3-4 फुट तक पानी भरा हुआ है। पानी नदी में वापस नहीं जा रहा है।
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