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Yamuna Nagar News: बारिश से जलभराव, अनाज मंडियों में भीगा धान

Sat, 28 Sep 2024 04:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sat, 28 Sep 2024 04:54 AM IST
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Waterlogging due to rain, wet paddy in grain markets
यमुनानगर। जिले में शुक्रवार को तीन घंटे हुई बारिश से कई जगहों पर जलभराव हो गया। इसके अलावा अनाज मंडियों में लगे धान की बोरियों के चट्टे भीग गए। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को तीन घंटे 51 प्रतिशत बारिश हुई। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर सीवरेज की उचित व्यवस्था सही न होने पर जलभराव होने से लोगों को काफी परेशानी हुई । इसी तरह के हालात गोबिंदपुरी रोड पर भी बने थे। यहां भी कम से कम दो से तीन फीट पानी का जलभराव था। रास्ते में खड़ी बाइक भी डूब गई। इसी तरह शक्ति नगर में भी जलभराव होने से यहां खराब हुई कार को क्रेन के माध्यम से बाहर निकाला गया। झमाझम बारिश होने से अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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इन कॉलोनी में हुए हालात बदतर
भारी बारिश के कारण शहर के लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, औद्योगिक क्षेत्र, आईटीआई, ससौली, अमरपुरी, आत्मापुरी, कृष्णा नगर, गांधीनगर, चांदपुर, ममीदी, जोड़ियां, कैंप, महाराणा प्रताप चौक, बस स्टैंड, शहीद भगत सिंह चौक, रेलवे स्टेशन रोड, जमना गली, रेस्ट हाउस रोड, गोल्डनपुरी, सिटी सेंटर, दशमेश कॉलोनी, खालसा कॉलेज रोड, आजाद नगर की सभी गलियों, पतालपुरी, प्रह्लादपुरी, चिट्टा मंदिर, शांति कॉलोनी, तेजली, मॉडल टाउन, गोबिंदपुरी, प्रोफेसर काॅलोनी, दुर्गा गार्डन, मटका चौक, रेलवे रोड बाजार, सिविल लाइन, जगाधरी अंबाला हाईवे, बूड़िया गेट, जड़ौदा गेट, हनुमान गेट, देवी भवन बाजार, मुखर्जी पार्क, श्रीनगर कॉलोनी सहित तमाम क्षेत्रों में पानी जमा हो गया। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जो इलाके निचले स्तर के थे वहां पानी भर गया ऐसे में लोगों को बर्तनों के माध्यम से पानी को निकाला।
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85 हजार हेक्टेयर में खड़ी फसल



इस बार जिले में 85 हजार हेक्टेयर में धान की फसल खड़ी है। इसमें सुपरफाइन बीज की धान कट कर मंडियों में पहुंचना शुरू हो गया है। जबकि सरकारी खरीद एक अक्तूबर से शुरू होनी है। लेकिन मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में बारिश होने का पूरा अनुमान है। ऐसे में यदि बारिश हुई तो खेतों में पक कर तैयार खड़ी धान की चिंता को लेकर किसानों के पास सोचने के सिवा और कोई चारा नहीं है। उधर, डीएफएससी जीतेश गोयल के अनुसार मंडियों में बारदाना आढ़तियों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा मंडियों में आए धान के उठान के लिए भी व्यवस्था की जा रही है। आढ़तियों व किसानों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो इसको लेकर व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है।
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