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Yamuna Nagar News: करोड़ों के अस्पताल में पानी की समस्या
Fri, 11 Apr 2025 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 11 Apr 2025 12:29 AM IST
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राजेश कुमार
यमुनानगर। चार मंजिला मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में मरीज पीने के पानी के लिए परेशान हैं। ऐसा भी नहीं है कि अस्पताल में ट्यूबवेल खराब है या फिर वाटर कूलर नहीं है। सब कुछ है, लेकिन व्यवस्था ही ऐसी बनी है कि इतनी गर्मी में मरीजों पहली, दूसरी, तीसरी व चौथी मंजिल से पानी लेने के लिए भूतल पर आना पड़ रहा है।
इससे मरीजों के अलावा उनके तीमारदारों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीज स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कोसते रहते हैं, लेकिन किसी का ध्यान भी मरीजों की इस परेशानी की तरफ नहीं है। भूतल पर जिला नागरिक अस्पताल के गेट के पास व ट्रामा सेंटर के पुराने भवन के पास दो वाटर कूलर रखे हुए हैं। इनके अलावा पहली, दूसरी, तीसरी व चौथी मंजिल पर भी वाटर कूलर लगे हुए हैं।
भूतल पर लगे दो वाटर कूलर के अलावा अन्य किसी में भी पानी की सप्लाई नहीं है। किसी का कनेक्शन कटा हुआ है तो किसी का नल ही दीवार की तरफ किया हुआ है। अस्पताल के ए ब्लॉक में दूसरे तल पर बाल रोग वार्ड है, जिसमें हर समय दर्जनों बच्चे भर्ती रहते हैं। बच्चों के पास उनके परिजनों को भी रुकना पड़ता है।
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उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अब गर्मी का मौसम है, इसलिए बार-बार पानी पीना पड़ता है। पानी के लिए बार-बार नीचे जाना पड़ता है। वैसे तो अस्पताल में लिफ्ट लगी हुई है, लेकिन हर किसी को लिफ्ट चलानी नहीं आती। इसलिए सीढि़यों से ही आना जाना करते हैं। कई बार तो आधी रात को बच्चे के अकेला छोड़ कर पानी लेने जाना पड़ता है।
ब्लॉक-बी में महिला वार्ड है। यहां पर भी पीने का पानी नहीं है। वाटर कूलर लगा है, लेकिन इनमें पानी नहीं आता। इसी तरह तीसरे तल पर सर्जरी वार्ड व इसके सामने मेडिसिन वार्ड हैं, जिनमें बड़ी संख्या में मरीज भर्ती हैं। इनमें तो वाटर कूलर तक नहीं है। गर्मी बढ़ती जा रही है लेकिन पानी का प्रबंध नहीं है। संवाद
निर्माण के समय की लापरवाही
200 बेड के जिला नागरिक अस्पताल का निर्माण 105 करोड़ रुपये से किया गया है। जब अस्पताल का नक्शा बनाया गया था तो इसमें किसी भी फ्लोर पर पीने के पानी का प्रबंध करने के लिए वाटर कूलर रखने और इनके वेस्ट पानी की निकासी का प्रबंध ही नहीं किया गया। गंदे पानी की निकासी का अस्पताल में कोई प्रबंध नहीं है। जिस वजह से मरीजों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल के नए भवन का निर्माण कराते समय ही इसमें पानी की निकासी का प्रबंध नहीं किया गया। पिछले साल वाटर कूलर रखवाए गए थे, लेकिन निकासी न होने से सारा पानी एक जगह जमा हो गया था। इससे पानी में कीड़े हो गए थे। क्योंकि हर फ्लोर पर पीने का पानी होना चाहिए, निकासी का प्रबंध करने के लिए कहा गया है। जल्द ही हर फ्लोर पर पीने के पानी की व्यवस्था करवा दी जाएगी। - नवजोत किरन टिवाना, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर।
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यमुनानगर। चार मंजिला मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में मरीज पीने के पानी के लिए परेशान हैं। ऐसा भी नहीं है कि अस्पताल में ट्यूबवेल खराब है या फिर वाटर कूलर नहीं है। सब कुछ है, लेकिन व्यवस्था ही ऐसी बनी है कि इतनी गर्मी में मरीजों पहली, दूसरी, तीसरी व चौथी मंजिल से पानी लेने के लिए भूतल पर आना पड़ रहा है।
इससे मरीजों के अलावा उनके तीमारदारों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीज स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कोसते रहते हैं, लेकिन किसी का ध्यान भी मरीजों की इस परेशानी की तरफ नहीं है। भूतल पर जिला नागरिक अस्पताल के गेट के पास व ट्रामा सेंटर के पुराने भवन के पास दो वाटर कूलर रखे हुए हैं। इनके अलावा पहली, दूसरी, तीसरी व चौथी मंजिल पर भी वाटर कूलर लगे हुए हैं।
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भूतल पर लगे दो वाटर कूलर के अलावा अन्य किसी में भी पानी की सप्लाई नहीं है। किसी का कनेक्शन कटा हुआ है तो किसी का नल ही दीवार की तरफ किया हुआ है। अस्पताल के ए ब्लॉक में दूसरे तल पर बाल रोग वार्ड है, जिसमें हर समय दर्जनों बच्चे भर्ती रहते हैं। बच्चों के पास उनके परिजनों को भी रुकना पड़ता है।
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उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अब गर्मी का मौसम है, इसलिए बार-बार पानी पीना पड़ता है। पानी के लिए बार-बार नीचे जाना पड़ता है। वैसे तो अस्पताल में लिफ्ट लगी हुई है, लेकिन हर किसी को लिफ्ट चलानी नहीं आती। इसलिए सीढि़यों से ही आना जाना करते हैं। कई बार तो आधी रात को बच्चे के अकेला छोड़ कर पानी लेने जाना पड़ता है।
ब्लॉक-बी में महिला वार्ड है। यहां पर भी पीने का पानी नहीं है। वाटर कूलर लगा है, लेकिन इनमें पानी नहीं आता। इसी तरह तीसरे तल पर सर्जरी वार्ड व इसके सामने मेडिसिन वार्ड हैं, जिनमें बड़ी संख्या में मरीज भर्ती हैं। इनमें तो वाटर कूलर तक नहीं है। गर्मी बढ़ती जा रही है लेकिन पानी का प्रबंध नहीं है। संवाद
निर्माण के समय की लापरवाही
200 बेड के जिला नागरिक अस्पताल का निर्माण 105 करोड़ रुपये से किया गया है। जब अस्पताल का नक्शा बनाया गया था तो इसमें किसी भी फ्लोर पर पीने के पानी का प्रबंध करने के लिए वाटर कूलर रखने और इनके वेस्ट पानी की निकासी का प्रबंध ही नहीं किया गया। गंदे पानी की निकासी का अस्पताल में कोई प्रबंध नहीं है। जिस वजह से मरीजों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल के नए भवन का निर्माण कराते समय ही इसमें पानी की निकासी का प्रबंध नहीं किया गया। पिछले साल वाटर कूलर रखवाए गए थे, लेकिन निकासी न होने से सारा पानी एक जगह जमा हो गया था। इससे पानी में कीड़े हो गए थे। क्योंकि हर फ्लोर पर पीने का पानी होना चाहिए, निकासी का प्रबंध करने के लिए कहा गया है। जल्द ही हर फ्लोर पर पीने के पानी की व्यवस्था करवा दी जाएगी। - नवजोत किरन टिवाना, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर।