{"_id":"610122418ebc3ebf3a5e6d24","slug":"water-level-of-yamuna-river-reached-near-danger-mark-due-to-heavy-rain-in-himachal-pardesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल में बारिश: खतरे के निशान पर यमुना, हथिनीकुंड बैराज के सभी गेट खोले, दिल्ली को किया अलर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल में बारिश: खतरे के निशान पर यमुना, हथिनीकुंड बैराज के सभी गेट खोले, दिल्ली को किया अलर्ट
Wed, 28 Jul 2021 02:54 PM IST
निवेदिता वर्मा
चंडीगढ़/हिसार/यमुनानगर (हरियाणा)
चंडीगढ़/हिसार/यमुनानगर (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 28 Jul 2021 02:54 PM IST
सार
नदी का जलस्तर एक लाख 60 हजार क्यूसेक पर पहुंचा, यह इस सीजन का सबसे ज्यादा है। यमुना से सटे इलाकों को खाली करवाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
विज्ञापन
खतरे के निशान पर बह रही यमुना
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से बुधवार को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। इसे देखते हुए हथिनीकुंड बैराज के सभी गेट खोल कर दिल्ली को अलर्ट किया गया है। अगले 72 घंटे में यह पानी दिल्ली पहुंच जाएगा, जिससे दिल्ली के निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है। साथ ही करनाल, पानीपत और सोनीपत के जिला प्रशासन को भी सावधानी बरतने को कहा गया है।
विज्ञापन
डीसी गिरीश अरोड़ा ने यमुनानगर जिले में यमुना से सटे इलाकों को खाली करने का निर्देश दिया है। साथ ही ग्रामीणों और किसानों को हिदायत दी है कि वे यमुना की तरफ जाने से बचें। वहीं, बुधवार को हरियाणा के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। पिछले 48 घंटों में करनाल में सर्वाधिक 169.4 एमएम बारिश हुई। वहीं हिसार में 104.4, गुरुग्राम में भी 104.4, अंबाला में 81.1, रोहतक में 54 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।
विज्ञापन
मौसम विभाग के अनुसार 31 जुलाई तक प्रदेश में तेज बारिश के आसार हैं। गुरुवार को पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर और करनाल में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया। शेष जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
विज्ञापन
शाम को कम हुआ जलस्तर
हथिनीकुंड बैराज पर बुधवार सुबह 6 बजे जलस्तर 23,415 क्यूसेक था जो दोपहर एक बजे 1,59,753 क्यूसेक तक पहुंच गया। इस पर बैराज के सभी 18 गेट खोलकर दिल्ली की तरफ पानी भेजा गया। वहीं पश्चिमी यमुना नहर भी अपने उच्च स्तर पर पहुंच गई। इस कारण पूर्वी और पश्चिमी यमुना नहर को बंद कर दिया गया। शाम को सात बजे जलस्तर कम होकर एक लाख बीस हजार क्यूसेक रह गया। इससे अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
- 28 जुलाई तक औसत बारिश- 235.4 एमएम
- इस अवधि में सामान्य बारिश- 191.4 एमएम
- 58 दिन में कितने अधिक- 23 फीसदी
- मानसून सीजन में औसत बारिश- 438.6 एमएम