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वंदे मातरम् गीत नहीं, देश की धड़कन : श्याम

Sat, 08 Nov 2025 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sat, 08 Nov 2025 12:40 AM IST
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Vande Mataram is not a song, it is the heartbeat of the country: Shyam
कार्यक्रम के दौरान मौजूद विद्यार्थी व अन्य। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150वीं वर्षगांठ पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन डीएवी गर्ल्स कॉलेज यमुनानगर में आयोजित किया गया। दिल्ली के आईजी स्टेडियम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को लाइव टेलिकास्ट के माध्यम से संबोधित किया। कार्यक्रम में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा मुख्य अतिथि तथा पूर्व मंत्री कंवरपाल विशिष्ट अतिथि रहे। मुख्य अतिथि ने वंदे मातरम् थीम पर आधारित प्रदर्शनी का रिबन काटकर उद्घाटन किया।

कृषि मंत्री श्याम सिंह ने कहा कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस जिला स्तरीय समारोह में शामिल होकर मुझे बड़े गर्व और गौरव का अनुभव हो रहा है। वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं है, यह राष्ट्र की धड़कन है, यह भारत की पहचान व आत्मा है। यह एक ऐसी उदयीमान शक्ति है, जिसने गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने के लिए भारत के स्वराज्य आंदोलन को नई ऊर्जा दी।
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यह हमारी मातृभूमि को मां के रूप में देखने वाली सनातन दृष्टि है। यह गीत हर भारतवासी को कर्तव्य, मर्यादा, अनुशासन और त्याग की भावना से जोड़ने वाला मंत्र है। इसी गीत ने अंग्रेजों के साम्राज्य को हिला दिया था। इसी गीत ने युवाओं को क्रांति की आग दी। इसी गीत ने पहली बार यह बताया कि हम सिर्फ प्रजा नहीं, हम राष्ट्र शक्ति हैं।
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यह गीत पढ़ने पर, गाने पर ब्रिटिश सत्ता कांपती थी। क्योंकि, वे जानते थे कि यह गीत हथियार नहीं, पर इसमें हथियारों से करोड़ गुणा शक्ति है। गीत ने 150 वर्ष पूर्व गुलामी की जंजीरों में जकड़े भारतवासियों की आत्मा को जगाया। यह गीत वर्ष 1875 में श्री बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचा गया और इसका प्रसिद्ध वाचन वर्ष 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर ने कोलकाता में किया था। संचालन डीआईपीआरओ डॉ. मनोज कुमार ने किया।
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