यमुनानगर। जैविक खेती के प्रेरित लोगों को जागरूक करने के लिए नीलिमा और ममता ने दिल्ली से यमुनानगर तक दौड़ लगाई। शनिवार को उनकी दौड़ केशव मानिकटाहला के जैविक कृषि फार्म पर समाप्त हुई। दोनों ने 31 मार्च को दिल्ली से दौड़ शुरू की थी। यहां पर नीलिमा व ममता की पहल पर केशव मनिकटाहला ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। केशव माणिकटाहला विधायक यमुनानगर घनश्यामदास अरोड़ा के भतीजे हैं व लंबी मैराथन में कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। वहीं जैविक फार्म चार एकड़ से शुरू कर 14 एकड़ तक ले जाने केशव की भूमिका रही है।
केशव माणिकटाहला ने ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए यमुनानगर पहुंची नीलिमा व ममता को ऑर्गेनिक फार्म पर सब्जी, फल, अनाज, बीटरूट सहित कई किस्मों की जैविक खाद के विषय के बारे में बताया। केशव मनिकटाहला ने बताया कि एक एकड़ से इस ऑर्गेनिक फार्म की शरुआत की, फिर सभी दोस्तों व परिचितों ने कहा कि आप ऑर्गेनिक फार्मिंग करो जो लागत आएगी, वे उत्पाद खरीदेंगे और सहयोग करेंगे। इसके बाद इस क्षेत्र में आगे बढ़ते गए एक से चार एकड़ और चार से सात एकड़ जैविक खेती को बढ़ाया। इसके बाद यह सात से 14 एकड़ तक होगी गई है। आज उनका ऑर्गेनिक फार्म 14 एकड़ में है व कई तरह की फल सब्जियां अनाज उगा रहे हैं। यह उत्पाद फौरन बिक जाते हैं, लेकिन मकसद सभी किसानों व आम जनता को जैविक खेती के प्रति प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा जैविक खेती से फौरन मुनाफा नहीं कमाया जा सकता, इसके लिए कड़ी मेहनत जरूरी है। इसमें जो कड़ी मेहनत कर तीन साल का सब्र रख सकता है, वही मुनाफा कमा सकता है। केशव ने बताया इसके लिए मुश्किल नहीं था, हरित क्रांति की बात करते ही दो राज्य हरियाणा, पंजाब का नाम सबसे पहले आता है। इनकी राजधानी चंडीगढ़ से देश की राजधानी दिल्ली तक जैविक खेती प्रचार का बीड़ा भी उठाया हुआ है, ताकि लोगों को बीमारियों से बचाया जा सके। केशव ऑर्गेनिक फार्मिंग, गो ऑर्गेनिक गो ग्रीन का संदेश देने के लिए 222 किलोमीटर की मैराथन कर चुके हैं। इसी संदेश को लेकर नीलिमा व ममता दिल्ली से मैराथन शुरू कर यहां पहुंची हैं।