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बारह हजार की रिश्वत लेता स्टेशन अधीक्षक काबू
ब्यूरो/अमर उजाला, जगाधरी।
Updated Sun, 06 Jul 2014 12:04 AM IST
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जगाधरी रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक राकेश शर्मा को सीबीआई की टीम ने 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। वह एक सफाई ठेकेदार से रिश्वत मांग रहा था। उसे रंगे हाथ पकड़ने के बाद सीबीआई की टीम कई घंटों तक एसएस के कमरे में ही डटी रही।
बताया जा रहा है कि स्टेशन अधीक्षक एक सफाई ठेकेदार से ठेका देने की एवज में 12 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। ठेकेदार ने इसकी शिकायत सीबीआई को की। शनिवार को सीबीआई की टीम डीएसपी आरएस गुंजाल के नेतृत्व में पूरी तैयारी के साथ जगाधरी रेलवे स्टेशन पहुंची।
ठेकेदार को रिश्वत की रकम देकर स्टेशन अधीक्षक के कमरे में भेजा गया। जैसे ही ठेकेदार ने स्टेशन अधीक्षक को नोट थमाए, सीबीआई की टीम कमरे में पहुंच गई और स्टेशन अधीक्षक को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद रेलवे के अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।
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स्टेशन अधीक्षक को रिश्वत लेते पकड़ने के बाद सीबीआई की टीम करीब चार घंटे तक उसके कमरे में रही। इस दौरान स्टेशन अधीक्षक से पूछताछ भी की गई। शाम सात बजे के बाद सीबीआई की टीम स्टेशन अधीक्षक को अपने साथी गाड़ी में बैठाकर रवाना हो गई।
वेंडरों से भी होती थी अवैध वसूली
स्टेशन अधीक्षक के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद अमर उजाला स्टेशन ने पड़ताल की तो पता चला कि स्टेशन अधीक्षक वेंडरों से वसूली करता था। कुछ वेंडरों ने नाम नहीं छापने का अनुरोध करते हुए बताया कि एसएस वेंडरों से भी अवैध वसूली करता था। कोई इसका विरोध करता था तो अकारण ही उससेे जुर्माना वसूला जाता था। रेलवे स्टेशन पर अधिकृत पानी की बोतलों के अलावा दूसरी पानी की बोतलें नहीं बेची जा सकती। लेकिन जगाधरी रेलवे स्टेशन पर पानी की सस्ती बोतलें महंगे दामों पर बेंची जाती थीं। इसके पीछे भी एसएस का हाथ बताया जा रहा है। वेंडर यह भी बताते हैं कि पानी की सस्ती बोतलों की पेटियां बाजार से लाकर एसएस के कमरे में रखी जाती थी।
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बताया जा रहा है कि स्टेशन अधीक्षक एक सफाई ठेकेदार से ठेका देने की एवज में 12 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। ठेकेदार ने इसकी शिकायत सीबीआई को की। शनिवार को सीबीआई की टीम डीएसपी आरएस गुंजाल के नेतृत्व में पूरी तैयारी के साथ जगाधरी रेलवे स्टेशन पहुंची।
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ठेकेदार को रिश्वत की रकम देकर स्टेशन अधीक्षक के कमरे में भेजा गया। जैसे ही ठेकेदार ने स्टेशन अधीक्षक को नोट थमाए, सीबीआई की टीम कमरे में पहुंच गई और स्टेशन अधीक्षक को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद रेलवे के अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।
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स्टेशन अधीक्षक को रिश्वत लेते पकड़ने के बाद सीबीआई की टीम करीब चार घंटे तक उसके कमरे में रही। इस दौरान स्टेशन अधीक्षक से पूछताछ भी की गई। शाम सात बजे के बाद सीबीआई की टीम स्टेशन अधीक्षक को अपने साथी गाड़ी में बैठाकर रवाना हो गई।
वेंडरों से भी होती थी अवैध वसूली
स्टेशन अधीक्षक के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद अमर उजाला स्टेशन ने पड़ताल की तो पता चला कि स्टेशन अधीक्षक वेंडरों से वसूली करता था। कुछ वेंडरों ने नाम नहीं छापने का अनुरोध करते हुए बताया कि एसएस वेंडरों से भी अवैध वसूली करता था। कोई इसका विरोध करता था तो अकारण ही उससेे जुर्माना वसूला जाता था। रेलवे स्टेशन पर अधिकृत पानी की बोतलों के अलावा दूसरी पानी की बोतलें नहीं बेची जा सकती। लेकिन जगाधरी रेलवे स्टेशन पर पानी की सस्ती बोतलें महंगे दामों पर बेंची जाती थीं। इसके पीछे भी एसएस का हाथ बताया जा रहा है। वेंडर यह भी बताते हैं कि पानी की सस्ती बोतलों की पेटियां बाजार से लाकर एसएस के कमरे में रखी जाती थी।