{"_id":"6175b39a5aae4537710cd2ce","slug":"told-the-devotees-the-importance-of-guru-in-life-yamunanagar-yamuna-nagar-news-knl875668172","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रद्धालुओं को बताया जीवन में गुरु का महत्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रद्धालुओं को बताया जीवन में गुरु का महत्व
विज्ञापन
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के सत्संग में उपस्थित श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। हनुमान गेट स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम रविवार को साप्ताहिक सत्संग एवं संकीर्तन का आयोजन किया गया। सत्संग में आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी एकता भारती ने जीवन में गुरु का महत्व समझाया।
उन्होंने कहा कि ईश्वरीय सत्ता जब भी गुरु रूप धारण कर मानवीय समाज में अवतरित होती है, तो प्रकृति भी उसे सर्वोपरि मान देती है। जब मानव के कल्याण के लिए गुरु त्याग एवं समर्पण का आदर्श हमारे समक्ष रखते हैं तो वे ज्ञान एवं वैराग्य के सेतु से हमारे लिए भक्ति का पथ प्रशस्त करते हैं। जो भक्त अपने जीवन में गुरु को सर्वोपरि रखता है उसे हर दिशा में विजय प्राप्त होती है और उसके मार्ग में आने वाली हर बाधा को गुरु ऐसे समाप्त कर देते हैं जैसे गगन में उदित सूर्य अंधकार हर लेता है।
उन्होंने कहा कि सभी संत महात्मा कहते हैं कि जिसने अपने जीवन में गुरु को द्वितीय स्थान दिया उसने उस परम सत्ता को कोई स्थान नहीं दिया। गुरुदेव स्वयं में ही पूर्ण अभिव्यक्ति हैं जो हमें मानव से देव बनाने में पूरी तरह से सक्षम हैं, किंतु वे हमें त्याग एवं समर्पण का मार्ग दिखाते हैं। हमारे ऊपर बिना किसी शर्त के ही कृपा लुटाते हैं। गुरु हमारे जीवन में आकर हमें वो बनाते हैं जो हम स्वयं के लाखों प्रयासों से कभी नहीं बन सकते। सत्संग के अंत में साध्वी ने समूह संगत को मधुर भजनों से कृतार्थ किया, जिसका सभी ने भावविभोर होकर आनंद उठाया। सत्संग बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जगाधरी। हनुमान गेट स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम रविवार को साप्ताहिक सत्संग एवं संकीर्तन का आयोजन किया गया। सत्संग में आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी एकता भारती ने जीवन में गुरु का महत्व समझाया।
उन्होंने कहा कि ईश्वरीय सत्ता जब भी गुरु रूप धारण कर मानवीय समाज में अवतरित होती है, तो प्रकृति भी उसे सर्वोपरि मान देती है। जब मानव के कल्याण के लिए गुरु त्याग एवं समर्पण का आदर्श हमारे समक्ष रखते हैं तो वे ज्ञान एवं वैराग्य के सेतु से हमारे लिए भक्ति का पथ प्रशस्त करते हैं। जो भक्त अपने जीवन में गुरु को सर्वोपरि रखता है उसे हर दिशा में विजय प्राप्त होती है और उसके मार्ग में आने वाली हर बाधा को गुरु ऐसे समाप्त कर देते हैं जैसे गगन में उदित सूर्य अंधकार हर लेता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सभी संत महात्मा कहते हैं कि जिसने अपने जीवन में गुरु को द्वितीय स्थान दिया उसने उस परम सत्ता को कोई स्थान नहीं दिया। गुरुदेव स्वयं में ही पूर्ण अभिव्यक्ति हैं जो हमें मानव से देव बनाने में पूरी तरह से सक्षम हैं, किंतु वे हमें त्याग एवं समर्पण का मार्ग दिखाते हैं। हमारे ऊपर बिना किसी शर्त के ही कृपा लुटाते हैं। गुरु हमारे जीवन में आकर हमें वो बनाते हैं जो हम स्वयं के लाखों प्रयासों से कभी नहीं बन सकते। सत्संग के अंत में साध्वी ने समूह संगत को मधुर भजनों से कृतार्थ किया, जिसका सभी ने भावविभोर होकर आनंद उठाया। सत्संग बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विज्ञापन