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Yamuna Nagar News: आजाद नगर में जलभराव खत्म करने के लिए उठाए तीन कदम
Fri, 20 Feb 2026 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 20 Feb 2026 01:18 AM IST
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अधिकारियों की बैठक लेते विधायक अरोड़ा व मेयर बहमनी। प्रवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आजाद नगर क्षेत्र में लंबे समय से बनी जलभराव और पानी निकासी की समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और मेयर सुमन बहमनी ने जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, सिंचाई विभाग और नगर निगम के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक तीन महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
बैठक की शुरुआत में अधिकारियों से आजाद नगर की सीवरेज लाइनों, नालियों और आउटलेट प्वाइंट्स की मौजूदा स्थिति की विस्तार से जानकारी ली गई। अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार ने अब तक किए गए प्रबंधों और आगामी कार्ययोजना पर प्रकाश डाला, जबकि नगर निगम के कार्यकारी अभियंता नरेंद्र सुहाग ने नक्शे के माध्यम से पूरे क्षेत्र की सीवरेज व्यवस्था का तकनीकी प्रस्तुतीकरण किया।
इस दौरान अधिकारियों ने जलभराव के कारणों और संभावित स्थायी समाधान पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में लिए गए पहले निर्णय के तहत नगर निगम और जन स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम आजाद नगर और शांति कॉलोनी के सीवरेज मेनहॉल के ढक्कन खोलकर पूरी सीवरेज लाइन की जांच करेगी। जहां-जहां लाइन में जाम या अवरोध मिलेगा, वहां सुपर सकर मशीन के जरिए तुरंत सफाई कराई जाएगी।
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अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से गंदा पानी सड़कों पर भरने की समस्या पर त्वरित नियंत्रण पाया जा सकेगा और जल निकासी की व्यवस्था सुचारू होगी। दूसरे निर्णय के तहत जिंदल पार्क के पास स्थित इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) में 60 हॉर्स पावर की नई मोटर लगाई जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इससे सीवरेज के माध्यम से आने वाले पानी की पंपिंग क्षमता बढ़ेगी और उसे तेजी से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जा सकेगा। मोटर की क्षमता बढ़ने से बारिश या अधिक जलभराव की स्थिति में भी पानी रुकने की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।
तीसरा महत्वपूर्ण निर्णय बाड़ी माजरा स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से जुड़ा है। वर्तमान में जहां प्लांट को छह साइकल में संचालित किया जा रहा है, वहीं अब इसे सात साइकल में चलाया जाएगा। इससे अधिक मात्रा में गंदे पानी का शोधन संभव होगा और निकासी व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी बनेगी। अधिकारियों का कहना है कि एसटीपी की क्षमता बढ़ने से जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।
विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और मेयर सुमन बहमनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तीनों निर्णयों पर समयबद्ध तरीके से कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि आजाद नगर और आसपास की कॉलोनियों को जल्द राहत दिलाना प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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यमुनानगर। आजाद नगर क्षेत्र में लंबे समय से बनी जलभराव और पानी निकासी की समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और मेयर सुमन बहमनी ने जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, सिंचाई विभाग और नगर निगम के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक तीन महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
बैठक की शुरुआत में अधिकारियों से आजाद नगर की सीवरेज लाइनों, नालियों और आउटलेट प्वाइंट्स की मौजूदा स्थिति की विस्तार से जानकारी ली गई। अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार ने अब तक किए गए प्रबंधों और आगामी कार्ययोजना पर प्रकाश डाला, जबकि नगर निगम के कार्यकारी अभियंता नरेंद्र सुहाग ने नक्शे के माध्यम से पूरे क्षेत्र की सीवरेज व्यवस्था का तकनीकी प्रस्तुतीकरण किया।
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इस दौरान अधिकारियों ने जलभराव के कारणों और संभावित स्थायी समाधान पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में लिए गए पहले निर्णय के तहत नगर निगम और जन स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम आजाद नगर और शांति कॉलोनी के सीवरेज मेनहॉल के ढक्कन खोलकर पूरी सीवरेज लाइन की जांच करेगी। जहां-जहां लाइन में जाम या अवरोध मिलेगा, वहां सुपर सकर मशीन के जरिए तुरंत सफाई कराई जाएगी।
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अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से गंदा पानी सड़कों पर भरने की समस्या पर त्वरित नियंत्रण पाया जा सकेगा और जल निकासी की व्यवस्था सुचारू होगी। दूसरे निर्णय के तहत जिंदल पार्क के पास स्थित इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) में 60 हॉर्स पावर की नई मोटर लगाई जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इससे सीवरेज के माध्यम से आने वाले पानी की पंपिंग क्षमता बढ़ेगी और उसे तेजी से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जा सकेगा। मोटर की क्षमता बढ़ने से बारिश या अधिक जलभराव की स्थिति में भी पानी रुकने की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।
तीसरा महत्वपूर्ण निर्णय बाड़ी माजरा स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से जुड़ा है। वर्तमान में जहां प्लांट को छह साइकल में संचालित किया जा रहा है, वहीं अब इसे सात साइकल में चलाया जाएगा। इससे अधिक मात्रा में गंदे पानी का शोधन संभव होगा और निकासी व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी बनेगी। अधिकारियों का कहना है कि एसटीपी की क्षमता बढ़ने से जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।
विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और मेयर सुमन बहमनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तीनों निर्णयों पर समयबद्ध तरीके से कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि आजाद नगर और आसपास की कॉलोनियों को जल्द राहत दिलाना प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।