फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Three accused sent to jail for treating people without degree clinic

बिना डिग्री क्लीनिक पर लोगों का उपचार करने के तीनों आरोपी भेजे जेल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Sep 2021 02:17 AM IST
विज्ञापन
Three accused sent to jail for treating people without degree clinic
कालिंदी कॉलोनी में तेजली स्टेडियम रोड स्थित मेडिकल स्टोर में बिना डिग्री क्लीनिक पर लोगों का उपचार करने के आरोपी अशोक विहार निवासी नरेश कुमार, कांसापुर निवासी गौरव व छोटी लाइन निवासी डॉ. विपिन दत्ता को वीरवार को अदालत में पेश किया। जहां से तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
विज्ञापन

क्लीनिक पर लोगों का इलाज करने वाला आरोपी नरेश केवल 12वीं पास है। वह डॉ. विपिन दत्ता के लाइसेंस पर बिना किसी डिग्री के क्लीनिक चला रहा था। उसे डॉ. विपिन दत्ता ने अपना लाइसेंस दिया हुआ था। जबकि डॉ. विपिन दत्ता अपना अलग से क्लीनिक चला रहे थे। नियमानुसार एक लाइसेंस पर दो क्लीनिक नहीं चला सकते। बुधवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर आरोपी नरेश कुमार को दो मरीजों का उपचार करते रंगे हाथ दबोचा था। वहीं, मेडिकल स्टोर पर गौरव बतौर केमिस्ट दवाई देते हुए पकड़ा गया था। जब टीम ने उनसे दस्तावेज मांगे, तो वे कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। मेडिकल स्टोर से औषधि नियंत्रक विभाग की टीम ने दवाओं के छह सैंपल भी लिए थे।
विज्ञापन

ये दी चिकित्सा अधिकारी ने शिकायत-
सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. विपिन गोंदवाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि लाल द्वारा रोड पर लक्ष्मी मेडिकॉज में एक व्यक्ति बिना डिग्री के लोगों का इलाज करता है। सूचना पर वह मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के इंचार्ज एसआई राजबीर सिंह के साथ मेडिकल स्टोर पर पहुंचा। इसके बाद औषधि नियंत्रक प्रवीण कुमार भी मौके पर पहुंच गए। जब टीम ने दबिश दी तो वहां पर नरेश कुमार मरीजों की जांच करता हुआ मिला। इस दौरान हरेवा निवासी एक महिला व फतेहपुर निवासी 75 वर्षीय महिला को उपचार दिया जा रहा था। डॉक्टर की मेज पर मरीजों के नाम लिखी तीन पर्चियां पड़ी हुई थी। मरीज देखने के बाद नरेश कुमार पर्चियों पर दवाइयां लिखता पाया गया। वहीं केमिस्ट की दुकान पर कांसापुर निवासी गौरव दवाइयां देता हुआ पाया गया। जब उन्होंने नरेश कुमार से डाक्टरी का लाइसेंस व डिग्री मांगी तो उसने बताया कि उसे यहां पर डॉ. विपिन दत्ता ने बैठाया है। उसके पास कोई डिग्री नहीं है। वह केवल 12वीं पास है। आरोप है कि नरेश कुमार ने डॉ. विपिन दत्ता व केमिस्ट गौरव के साथ मिली भगत करके लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जन
मेडिकल स्टोर पर बिना डिग्री के पकड़े गए तीनों आरोपियों को वीरवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- सुखबीर सिंह, प्रभारी, थाना शहर यमुनानगर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed