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Yamuna Nagar News: पहले दिन नहीं हुई पढ़ाई, बच्चों ने साझा किए छुट्टियों के अनुभव
Wed, 02 Jul 2025 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 02 Jul 2025 12:25 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। एक महीने के ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद मंगलवार को स्कूल खुल गए। पहला दिन और बारिश होने के चलते जिले के स्कूलों में करीब 25-26 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। अवकाश के बाद पहुंचे विद्यार्थियों ने प्रणाम करके स्कूल में प्रवेश किया। वहीं अध्यापकों ने पढ़ाई पर जोर नहीं दिया। विद्यार्थियों ने छुट्टियों के अनुभव साझा किए
छुट्टियों के बाद पहुंचे विद्यार्थियों को विद्यालय के वातावरण में ढालने का गुरुजनों ने प्रयास किया। ऐसे में अध्यापकों ने स्कूल का वातावरण सहज बनाने का प्रयास किया। अध्यापकों ने पढ़ाई के बजाए विद्यार्थियों को अन्य गतिविधियां करवाई। अध्यापकों ने विद्यार्थियों से उनके ग्रीष्मकालीन अवकाश के बारे जानकारी ली।
उन्होंने विद्यार्थियों से अवकाश के दौरान घूमने व इस दौरान की गतिविधियों के अनुभव सभी से साझा करने को कहा। विद्यार्थियों ने भी सहर्ष अपने ग्रीष्मकालीन गतिविधियों के बारे में बताया। अधिकांश विद्यार्थियों ने बताया कि छुट्टियों में वे नाना-नानी, बुआ, मौसी व अन्य रिश्तेदारों के घर गए। कई विद्यार्थियों ने बताया कि वे पहाड़ी व ऐतिहासिक स्थानों पर तो कुछ ने धार्मिक स्थानों पर घूमने की बात कही।
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अध्यापकों का कहना है कि पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या कम रहती है। वहीं तीन दिन से क्षेत्र में भारी बारिश हो रही थी। मंगलवार सुबह भी घनघोर बादल थे, कई स्थानों पर बारिश हुई। इसके चलते विद्यार्थियों की उपस्थिति काफी कम रही। हालांकि यह पिछले साल की तुलना में भी काफी कम है। पिछले साल करीब 40 फीसदी उपस्थिति रही, जबकि इस बार 25 फीसदी उपस्थिति दर्ज की गई।
यही नहीं प्राथमिक पाठशालाओं में उपस्थिति इससे भी कम दर्ज की गई। जिले में करीब दो दर्जन स्कूल ऐसे रहे, जिसमें दो-तीन बच्चे ही स्कूल पहुंचे। खदरी स्कूल के अंग्रेजी प्रवक्ता एवं साहित्यकार गोबिंद सिंह भाटिया ने बताया कि विद्यार्थी एक महीना पढ़ाई से दूर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न गतिविधियों में अपना समय व्यतीत किया है। ऐसे में विद्यार्थियों को स्कूल आने में थोड़ी दिक्कत होती है। वहीं बारिश ने भी विद्यार्थियों की उपस्थिति पर असर डाला है।
स्कूलों में कराई गईं बाल सभाएं : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) धर्मेंद्र चौधरी ने बताया कि पहला दिन होने के चलते विद्यार्थियों पर पढ़ाई का दबाव नहीं दिया गया। स्कूल का वातावरण सहज बनाने के लिए बाल सभाएं करवाई गईं। विद्यार्थियों ने शायरी, चुटकुले, गीत व कविता पाठ किया। उन्होंने कहा कि कई दिन बाद स्कूल खुलने के कारण विद्यार्थियों स्वयं को असहज महसूस करते हैं। घूमने फिरने व मस्ती के दिनों के तुरंत बाद उन पर पढ़ाई का दबाव देना सही नहीं है। दो-तीन दिन में नियमित रूप से स्कूल लगेंगे और पढ़ाई सुचारू की जाएगी।
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जगाधरी। एक महीने के ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद मंगलवार को स्कूल खुल गए। पहला दिन और बारिश होने के चलते जिले के स्कूलों में करीब 25-26 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। अवकाश के बाद पहुंचे विद्यार्थियों ने प्रणाम करके स्कूल में प्रवेश किया। वहीं अध्यापकों ने पढ़ाई पर जोर नहीं दिया। विद्यार्थियों ने छुट्टियों के अनुभव साझा किए
छुट्टियों के बाद पहुंचे विद्यार्थियों को विद्यालय के वातावरण में ढालने का गुरुजनों ने प्रयास किया। ऐसे में अध्यापकों ने स्कूल का वातावरण सहज बनाने का प्रयास किया। अध्यापकों ने पढ़ाई के बजाए विद्यार्थियों को अन्य गतिविधियां करवाई। अध्यापकों ने विद्यार्थियों से उनके ग्रीष्मकालीन अवकाश के बारे जानकारी ली।
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उन्होंने विद्यार्थियों से अवकाश के दौरान घूमने व इस दौरान की गतिविधियों के अनुभव सभी से साझा करने को कहा। विद्यार्थियों ने भी सहर्ष अपने ग्रीष्मकालीन गतिविधियों के बारे में बताया। अधिकांश विद्यार्थियों ने बताया कि छुट्टियों में वे नाना-नानी, बुआ, मौसी व अन्य रिश्तेदारों के घर गए। कई विद्यार्थियों ने बताया कि वे पहाड़ी व ऐतिहासिक स्थानों पर तो कुछ ने धार्मिक स्थानों पर घूमने की बात कही।
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अध्यापकों का कहना है कि पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या कम रहती है। वहीं तीन दिन से क्षेत्र में भारी बारिश हो रही थी। मंगलवार सुबह भी घनघोर बादल थे, कई स्थानों पर बारिश हुई। इसके चलते विद्यार्थियों की उपस्थिति काफी कम रही। हालांकि यह पिछले साल की तुलना में भी काफी कम है। पिछले साल करीब 40 फीसदी उपस्थिति रही, जबकि इस बार 25 फीसदी उपस्थिति दर्ज की गई।
यही नहीं प्राथमिक पाठशालाओं में उपस्थिति इससे भी कम दर्ज की गई। जिले में करीब दो दर्जन स्कूल ऐसे रहे, जिसमें दो-तीन बच्चे ही स्कूल पहुंचे। खदरी स्कूल के अंग्रेजी प्रवक्ता एवं साहित्यकार गोबिंद सिंह भाटिया ने बताया कि विद्यार्थी एक महीना पढ़ाई से दूर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न गतिविधियों में अपना समय व्यतीत किया है। ऐसे में विद्यार्थियों को स्कूल आने में थोड़ी दिक्कत होती है। वहीं बारिश ने भी विद्यार्थियों की उपस्थिति पर असर डाला है।
स्कूलों में कराई गईं बाल सभाएं : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) धर्मेंद्र चौधरी ने बताया कि पहला दिन होने के चलते विद्यार्थियों पर पढ़ाई का दबाव नहीं दिया गया। स्कूल का वातावरण सहज बनाने के लिए बाल सभाएं करवाई गईं। विद्यार्थियों ने शायरी, चुटकुले, गीत व कविता पाठ किया। उन्होंने कहा कि कई दिन बाद स्कूल खुलने के कारण विद्यार्थियों स्वयं को असहज महसूस करते हैं। घूमने फिरने व मस्ती के दिनों के तुरंत बाद उन पर पढ़ाई का दबाव देना सही नहीं है। दो-तीन दिन में नियमित रूप से स्कूल लगेंगे और पढ़ाई सुचारू की जाएगी।