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Yamuna Nagar News: अस्पताल के शौचालयों में हाथ धोने के लिए साबुन नहीं

Sat, 13 Sep 2025 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sat, 13 Sep 2025 12:07 AM IST
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There is no soap for washing hands in hospital toilets
सिविल अस्पताल में टूटी टोटी व बिना साबुन का शौचालय। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिला नागरिक अस्पताल का भवन बाहर से देखने में जितना विशाल और आलीशान दिखता है, उसमें अंदर उतनी ही खामियों का भंडार है। चार मंजिला इस अस्पताल में सुविधाओं का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके शौचालयों में हाथ साफ करने के लिए एक साबुन तक नहीं है। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीज व उनके तीमारदार शौच करने के बाद अपने हाथों को साफ तक नहीं कर पाते।
चार मंजिला जिला अस्पताल केभवन का उद्घाटन 11 मई 2023 को हुआ था। 200 बेड के इस अस्पताल में रोजाना औसतन 1600 मरीजों की ओपीडी होती है। दवाई लेने के लिए मरीजों के साथ उनके तीमारदार भी रोजाना बड़ी संख्या में आते हैं। वहीं मरीज अस्पताल में भर्ती भी रहते हैं। मरीजों की सुविधा के लिए सभी फ्लोर पर महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग कई-कई शौचालय बने हुए हैं।
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शौचालयों की हालत दयनीय है। नियमित सफाई न होने से कई शौचालयों पर ताला लगा दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कभी सफाई कर्मचारियों का हवाला देते हैं तो कभी कोई बहाना बनाते हैं। पिछले दिनों जब स्वास्थ्य मंत्री आरती राव अस्पताल का औचक निरीक्षण करने आई थी तो एक के बाद एक मिली कई कमियों को देख कर जिम्मेदारों को खूब फटकार लगाई थी।
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इसके बाद भी अधिकारी अस्पताल की व्यवस्था को संभाल नहीं पाए। 105 करोड़ रुपये की मोटी राशि से बने अस्पताल के शौचालयों में 10 रुपये के साबुन का न होना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। खासकर सार्वजनिक शौचालय इस्तेमाल करने के बाद साबुन से हाथ न धोना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।
सार्वजनिक शौचालय में बिना हाथ धोए बाहर आने से वहां के कीटाणु दूसरों की तरफ ट्रांसफर हो जाते हैं। आपको भले ही वो कीटाणु नहीं दिखते लेकिन, ये शरीर के अंदर प्रवेश कर कई तरह के जर्म्स को पैदा कर सकते हैं। इन्हीं गंदे हाथों से मोबाइल, पानी की बोतल और पर्स को टच करते हैं। इसी तरह से आप हर चीज को संक्रमित कर देते हैं। हाथों की सतह को कम से कम 30 सेकेंड तक साबुन से अच्छी तरह से रगड़ना चाहिए इससे बैक्टीरिया खत्म हो जाता है।

जिला नागरिक अस्पताल ही नहीं सभी सीएचसी व पीएचसी समेत स्वास्थ्य केंद्रों के शौचालयों में हाथ साफ करने के लिए साबुन का होना बहुत जरूरी है। अस्पताल में तो वैसे भी संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। हाथ धोने के लिए पानी व साबुन होना बहुत जरूरी है। जिला अस्पताल में साबुन क्यों नहीं है इसका पता किया जाएगा। - डॉ. मंजीत सिंह, सिविल सर्जन, यमुनानगर।
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