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मंडियों में नहीं बची धान रखने की जगह, करना पड़ रहा है इंतजार
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धान के कट्टों से अटी पड़ी रादौर अनाजमंडी। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। जिले में रविवार को छुट्टी की वजह से धान की सरकारी खरीद नहीं हुई। इस पर सोमवार को बड़ी संख्या में किसान धान की फसल मंडियों में लेकर पहुंचे। इससे मंडियों में जाम की स्थिति बन गई। जगाधरी, बिलासपुर, सरस्वती नगर, साढौरा, प्रतापनगर आदि अनाज मंडियों में किसानों की भीड़ रही। कई मंडियों में किसानों को धान की फसल डालने की जगह नहीं मिली। गेट पास के चक्कर मंडियों के बाहर भी जाम लग गया, जिससे किसान परेशान होते रहे।
रादौर अनाजमंडी के बाहर भी धान की फसल से जाम लगा हुआ है। मंडी में किसानों को धान की फसल फड़ पर डालने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। मंडी में सोमवार की सुबह धान की फसल डालने आए किसानों को कई घंटे जद्दोजहद करनी पड़ी। मंडी गेट से लेकर बस स्टैंड तक एसके रोड पर किसानों की ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी लाइन लगी रही। मंडी में प्रवेश मिलने के बाद किसानों को अपनी धान की फसल डालने के लिए खाली फड़ नहीं मिला।
किसान बलिंद्र, सलिंद्र, आर्यन, मंगतराम, नरेश, राजपाल आदि ने बताया कि जब से अनाजमंडी में धान की सरकारी खरीद शुरू हुई है, तब से किसानों को मंडी में अपनी धान की फसल डालने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। बरसात के कारण धान की फसल में नमी की मात्रा ज्यादा है। ऐसे में उन्हें अपनी धान की फसल को मंडी में सुखाना पड़ रहा है, जिससे नमी कम होने पर उनकी फसल ठीक रेट पर बिक सकें।
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मार्केट कमेटी रादौर के सचिव जयसिंह बरहेडी ने बताया कि लोडिंग का कार्य तेजी से करवाया जा रहा है, जिससे फड़ खाली होने पर किसानों को मंडी में धान की फसल डालने के लिए जगह मिल सके। उन्होंने बताया कि अब तक हैफेड की ओर से रादौर, जठलाना व गुमथला में 1 लाख, 18 हजार, 125 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। इसमें से 86 हजार, 370 क्विंटल रादौर में, 11 हजार, 600 क्विंटल जठलाना में व 20 हजार 155 क्विंटल गुमथला अनाजमंडी में खरीद की गई है। वेयर हाउस की ओर से 77 हजार, 560 क्विंटल धान की खरीद की गई है। मंडियों में सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार धान की खरीद की जा रही है।
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यमुनानगर। जिले में रविवार को छुट्टी की वजह से धान की सरकारी खरीद नहीं हुई। इस पर सोमवार को बड़ी संख्या में किसान धान की फसल मंडियों में लेकर पहुंचे। इससे मंडियों में जाम की स्थिति बन गई। जगाधरी, बिलासपुर, सरस्वती नगर, साढौरा, प्रतापनगर आदि अनाज मंडियों में किसानों की भीड़ रही। कई मंडियों में किसानों को धान की फसल डालने की जगह नहीं मिली। गेट पास के चक्कर मंडियों के बाहर भी जाम लग गया, जिससे किसान परेशान होते रहे।
रादौर अनाजमंडी के बाहर भी धान की फसल से जाम लगा हुआ है। मंडी में किसानों को धान की फसल फड़ पर डालने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। मंडी में सोमवार की सुबह धान की फसल डालने आए किसानों को कई घंटे जद्दोजहद करनी पड़ी। मंडी गेट से लेकर बस स्टैंड तक एसके रोड पर किसानों की ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी लाइन लगी रही। मंडी में प्रवेश मिलने के बाद किसानों को अपनी धान की फसल डालने के लिए खाली फड़ नहीं मिला।
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किसान बलिंद्र, सलिंद्र, आर्यन, मंगतराम, नरेश, राजपाल आदि ने बताया कि जब से अनाजमंडी में धान की सरकारी खरीद शुरू हुई है, तब से किसानों को मंडी में अपनी धान की फसल डालने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। बरसात के कारण धान की फसल में नमी की मात्रा ज्यादा है। ऐसे में उन्हें अपनी धान की फसल को मंडी में सुखाना पड़ रहा है, जिससे नमी कम होने पर उनकी फसल ठीक रेट पर बिक सकें।
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मार्केट कमेटी रादौर के सचिव जयसिंह बरहेडी ने बताया कि लोडिंग का कार्य तेजी से करवाया जा रहा है, जिससे फड़ खाली होने पर किसानों को मंडी में धान की फसल डालने के लिए जगह मिल सके। उन्होंने बताया कि अब तक हैफेड की ओर से रादौर, जठलाना व गुमथला में 1 लाख, 18 हजार, 125 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। इसमें से 86 हजार, 370 क्विंटल रादौर में, 11 हजार, 600 क्विंटल जठलाना में व 20 हजार 155 क्विंटल गुमथला अनाजमंडी में खरीद की गई है। वेयर हाउस की ओर से 77 हजार, 560 क्विंटल धान की खरीद की गई है। मंडियों में सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार धान की खरीद की जा रही है।