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पायलट प्रोजेक्ट का रास्ता साफ, सढूरा में बनेगा बायो वेस्ट प्लांट
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यमुनानगर। 2018-19 में पास हुए पायलट प्रोजेक्ट गोवर्धन बायो वेस्ट प्लांट का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है। अब जिले के गांव सढूरा में यह प्लांट लगाया जाएगा। जमीन की निशानदेही भी हो चुकी। तकरीबन पौने एकड़ (छह) में 64 लाख रुपये की लागत से यह प्लांट लगाया जाना है। प्लांट बनने के बाद चूल्हा जलाने के लिए एलपीजी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि गोबर व वेस्ट से तैयार गैस से घरों के चूल्हे जलेंगे। इस प्लांट से उत्पन्न गैस लोगों के घरों तक पहुंचेंगी। इससे वेस्ट का समुचित उपयोग हो सकेगा। इस प्लांट से आर्गेनिक खाद भी तैयार होगी।
प्लांट में सभी प्रकार की वेस्ट (अनुपयोग) का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें कृषि, गोबर, पोर्टीफार्म या मेडिकल जैसे आदि की वेस्ट से गैस को तैयार किया जाएगा। इसके अलावा गोवर्धन प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बायो गैस का इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है। ताकि लोग गोबर को फेंकने के बजाय इसका सदुपयोग कर सकें। इससे गांवों में साफ सफाई रहेगी और कचरा इधर-उधर नहीं फैलेगा। गोवर्धन योजना के तहत लगने वाले पायलट प्रोजेक्ट के तहत गांव सढूरा का चयन किया गया है। ग्राम पंचायत की जमीन में ही यह प्रोजेक्ट लगाया जाना है। ऐसे में भूमि की उपलब्धता भी जरूरी है। गांव सढूरा में ग्राम पंचायत की करीब चार एकड़ जमीन पड़ी है। ऐसे में यह प्रोजेक्ट लगाने के लिए सढूरा का चयन किया गया। अब यहां पर 64 लाख रुपये की लागत से यह प्रोजेक्ट लगेगा।
गंाव सढूरा में बायो वेस्ट प्लांट लगाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्लांट को लगाने का टेंडर भी लगाया जा चुका है जो कि इंद्री के एसके टाइल कंपनी को दिया गया है। प्लांट लगने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। इससे चल्हे के लिए एलपीजी का इंतजार करनेे की नौबत नहीं आएगी। यह पायलट प्रोजेक्ट है जो कि पौन एकड़ भूमि में 64 लाख रुपये की लागत से लगाया जाना है।
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-बलिंद्र कटारिया, जिला कार्यक्रम प्रबंधक।
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प्लांट में सभी प्रकार की वेस्ट (अनुपयोग) का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें कृषि, गोबर, पोर्टीफार्म या मेडिकल जैसे आदि की वेस्ट से गैस को तैयार किया जाएगा। इसके अलावा गोवर्धन प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बायो गैस का इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है। ताकि लोग गोबर को फेंकने के बजाय इसका सदुपयोग कर सकें। इससे गांवों में साफ सफाई रहेगी और कचरा इधर-उधर नहीं फैलेगा। गोवर्धन योजना के तहत लगने वाले पायलट प्रोजेक्ट के तहत गांव सढूरा का चयन किया गया है। ग्राम पंचायत की जमीन में ही यह प्रोजेक्ट लगाया जाना है। ऐसे में भूमि की उपलब्धता भी जरूरी है। गांव सढूरा में ग्राम पंचायत की करीब चार एकड़ जमीन पड़ी है। ऐसे में यह प्रोजेक्ट लगाने के लिए सढूरा का चयन किया गया। अब यहां पर 64 लाख रुपये की लागत से यह प्रोजेक्ट लगेगा।
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गंाव सढूरा में बायो वेस्ट प्लांट लगाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्लांट को लगाने का टेंडर भी लगाया जा चुका है जो कि इंद्री के एसके टाइल कंपनी को दिया गया है। प्लांट लगने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। इससे चल्हे के लिए एलपीजी का इंतजार करनेे की नौबत नहीं आएगी। यह पायलट प्रोजेक्ट है जो कि पौन एकड़ भूमि में 64 लाख रुपये की लागत से लगाया जाना है।
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-बलिंद्र कटारिया, जिला कार्यक्रम प्रबंधक।