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प्रदेश साधु संतों की धरती, जिनके वचनों से हुआ विश्व का कल्याण : कंवरपाल
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बिलासपुर। कपालमोचन स्थित गुरु रविदास महाराज डेरा बाबा लाल दास में गुरु रविदास के 645वें प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में धार्मिक समागम करवाया गया। इस दौरान कीर्तन मंडली ने गुरु रविदास की महिमा का गुणगान किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सुंदर झांकियां सजाकर गुरु महाराज के भजन गाते हुए पहुंचे। क्षेत्र में शोभा यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। धार्मिक कार्यक्रम में गुरु रविदास की महिमा का गुणगान कीर्तन मंडली ने किया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर पहुंचे। शिक्षामंत्री ने कहा कि प्रदेश साधु संतों की धरती है जिनके वचनों से पूरे विश्व का कल्याण हुआ है। गुरु रविदास जी ने समाज को ज्ञान का मार्ग दिखाया है। समाज में सबसे पहले समाजवाद और समानता की स्थापना की। उन्होंने कहा कि देश को विश्व में सबसे शक्तिशाली बनाने में बाबा साहेब डॉ. बीआर अंबेडकर का सबसे बड़ा योगदान है। उनके द्वारा रचित संविधान ने समाज में सभी को समानता का अधिकार दिया है। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही हम सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। इस दौरान शिक्षामंत्री ने गुरु रविदास मंदिर विकास के लिए 11 लाख रुपये की राशि भेंट की।
अध्यक्षीय संबोधन में सांसद रतनलाल कटारिया ने कहा कि गुरु जी की पहली शिक्षा थी कि भगवान पर सभी का अधिकार है। धर्म और मनुष्य से भेदभाव करना महापाप है। मनुष्य जाति से नहीं बल्कि कर्म से बड़ा बनता है। गुरु महाराज ने सभी को कर्म की प्रधानता के बारे बताया है। यहां सांसद ने अपने कोष से 11 लाख रुपये राशि भेंट की। मंदिर के महंत निर्मल दास ने कहा कि गुरु रविदास के बताए मार्ग पर चल ही बुराइयों का अंत किया जा सकता है। गुरु रविदास आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। मंदिर सभा की ओर से सुरेंद्र गुर्जर, पंकुश खुराना, अनिल अग्रवाल दाता राम सहित अन्य सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों व सदस्यों को स्मृति चिह्न व सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। अमरनाथ ज्ञासड़ा ने कहा कि गुरु जी के बताए मार्ग पर चलकर ही पूर्ण मनुष्य बना जा सकता है। इस दौरान महेंद्र नागरा, इंद्रराज, लक्ष्मी चंद, इंद्रसेन, रमेश कुमार, तारा चंद, रामकिशन, रामचंद्र, लाल चंद, रामेश्वर दास, बाबा गोपाल पुरी, प्रेमनाथ, महंत सुंदर गिरी, महंत विद्यारत्न, अमरपुरी, ओम प्रकाश, बाबा विरमपुरी व राम किशन दास आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सुंदर झांकियां सजाकर गुरु महाराज के भजन गाते हुए पहुंचे। क्षेत्र में शोभा यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। धार्मिक कार्यक्रम में गुरु रविदास की महिमा का गुणगान कीर्तन मंडली ने किया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर पहुंचे। शिक्षामंत्री ने कहा कि प्रदेश साधु संतों की धरती है जिनके वचनों से पूरे विश्व का कल्याण हुआ है। गुरु रविदास जी ने समाज को ज्ञान का मार्ग दिखाया है। समाज में सबसे पहले समाजवाद और समानता की स्थापना की। उन्होंने कहा कि देश को विश्व में सबसे शक्तिशाली बनाने में बाबा साहेब डॉ. बीआर अंबेडकर का सबसे बड़ा योगदान है। उनके द्वारा रचित संविधान ने समाज में सभी को समानता का अधिकार दिया है। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही हम सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। इस दौरान शिक्षामंत्री ने गुरु रविदास मंदिर विकास के लिए 11 लाख रुपये की राशि भेंट की।
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अध्यक्षीय संबोधन में सांसद रतनलाल कटारिया ने कहा कि गुरु जी की पहली शिक्षा थी कि भगवान पर सभी का अधिकार है। धर्म और मनुष्य से भेदभाव करना महापाप है। मनुष्य जाति से नहीं बल्कि कर्म से बड़ा बनता है। गुरु महाराज ने सभी को कर्म की प्रधानता के बारे बताया है। यहां सांसद ने अपने कोष से 11 लाख रुपये राशि भेंट की। मंदिर के महंत निर्मल दास ने कहा कि गुरु रविदास के बताए मार्ग पर चल ही बुराइयों का अंत किया जा सकता है। गुरु रविदास आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। मंदिर सभा की ओर से सुरेंद्र गुर्जर, पंकुश खुराना, अनिल अग्रवाल दाता राम सहित अन्य सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों व सदस्यों को स्मृति चिह्न व सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। अमरनाथ ज्ञासड़ा ने कहा कि गुरु जी के बताए मार्ग पर चलकर ही पूर्ण मनुष्य बना जा सकता है। इस दौरान महेंद्र नागरा, इंद्रराज, लक्ष्मी चंद, इंद्रसेन, रमेश कुमार, तारा चंद, रामकिशन, रामचंद्र, लाल चंद, रामेश्वर दास, बाबा गोपाल पुरी, प्रेमनाथ, महंत सुंदर गिरी, महंत विद्यारत्न, अमरपुरी, ओम प्रकाश, बाबा विरमपुरी व राम किशन दास आदि मौजूद रहे।
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