{"_id":"617707e1fba9ea223d3fc33f","slug":"the-skill-of-the-hands-of-the-girl-students-was-shown-in-the-exhibition-yamunanagar-yamuna-nagar-news-knl876789113","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदर्शनी में दिखा छात्राओं के हाथों का हुनर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदर्शनी में दिखा छात्राओं के हाथों का हुनर
विज्ञापन
डीएवी गर्ल्स कॉलेज में प्रदर्शनी का अवलोकन करतीं प्रिंसिपल व अन्य। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डीएवी गर्ल्स कॉलेज में फैशन डिजाइनिंग विभाग व इंक्यूबेशन सेंटर एंड इंटरप्रेन्योर स्किल कमेटी की ओर से हस्त निर्मित सजावटी वस्तुओं की तीन दिवसीय प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में छात्राओं के हाथों का हुनर देखकर सभी ने प्रशंसा की।
अध्यक्षता प्रिंसिपल डॉ. आभा खेत्रपाल, कमेटी समन्वयक डॉ. रचना सोनी एवं विभागाध्यक्ष डोली लांबा ने। प्रिंसिपल डॉ. खेत्रपाल ने कहा कि त्योहारों में हस्त निर्मित सजावटी वस्तुओं की मांग बढ़ी है। हस्त निर्मित वस्तुएं केमिकल फ्री होती हैं और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देती हैं। उन्होंने कहा कि छात्राओं ने पढ़ाई के साथ हस्त निर्मित वस्तुओं का निर्माण कर आय अर्जित करने का साधन शुरू किया है।
छात्राओं ने सजावटी हस्तनिर्मित उत्पाद छोटे पैमाने पर शुरू किए है, जो कि कौशल आधारित है। देश की बहुसंख्यक जनजाति की आय हस्तकला पर निर्भर है। आदि काल से भारत में हस्तकला का प्रयोग होता आया है। आजादी के बाद से देश में बनी पैमाने पर हस्त निर्मित वस्तुओं की मांग विदेशों तक रही है। इससे जहां रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, वहीं अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। फैशन डिजाइनिंग विभाग की छात्राओं ने दिये, मोमबत्ती, भगवान श्रीकृष्ण की पोशाक, सजावटी बोतल, आभूषण, केमिकल मुक्त साबुन, पर्स सहित अन्य वस्तुएं बनाईं, जिनकी प्रदर्शनी लगाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यमुनानगर। डीएवी गर्ल्स कॉलेज में फैशन डिजाइनिंग विभाग व इंक्यूबेशन सेंटर एंड इंटरप्रेन्योर स्किल कमेटी की ओर से हस्त निर्मित सजावटी वस्तुओं की तीन दिवसीय प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में छात्राओं के हाथों का हुनर देखकर सभी ने प्रशंसा की।
अध्यक्षता प्रिंसिपल डॉ. आभा खेत्रपाल, कमेटी समन्वयक डॉ. रचना सोनी एवं विभागाध्यक्ष डोली लांबा ने। प्रिंसिपल डॉ. खेत्रपाल ने कहा कि त्योहारों में हस्त निर्मित सजावटी वस्तुओं की मांग बढ़ी है। हस्त निर्मित वस्तुएं केमिकल फ्री होती हैं और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देती हैं। उन्होंने कहा कि छात्राओं ने पढ़ाई के साथ हस्त निर्मित वस्तुओं का निर्माण कर आय अर्जित करने का साधन शुरू किया है।
विज्ञापन
छात्राओं ने सजावटी हस्तनिर्मित उत्पाद छोटे पैमाने पर शुरू किए है, जो कि कौशल आधारित है। देश की बहुसंख्यक जनजाति की आय हस्तकला पर निर्भर है। आदि काल से भारत में हस्तकला का प्रयोग होता आया है। आजादी के बाद से देश में बनी पैमाने पर हस्त निर्मित वस्तुओं की मांग विदेशों तक रही है। इससे जहां रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, वहीं अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। फैशन डिजाइनिंग विभाग की छात्राओं ने दिये, मोमबत्ती, भगवान श्रीकृष्ण की पोशाक, सजावटी बोतल, आभूषण, केमिकल मुक्त साबुन, पर्स सहित अन्य वस्तुएं बनाईं, जिनकी प्रदर्शनी लगाई गई है।
विज्ञापन