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करियाना स्टोर चलाने वाले से मिली दो किलो अफीम, सप्लाई देने वाला ट्रांसपोर्टर का मुंशी भी गिरफ्तार
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अफीम के साथ दुकानदार और सप्लाई देने वाला मुंशी गिरफ्तार
एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने दो किलोग्राम अफीम पकड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। थाना सदर जगाधरी के गांव तारनवाला में करियाना स्टोर चलाने वाले से एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने दो किलोग्राम अफीम पकड़ी। पूछताछ में दुकानदार ने उसे अफीम की सप्लाई देने वाले का नाम-पता उगल दिया। सेल की टीम ने दुकानदार को अफीम की सप्लाई देने वाले थाना छप्पर के गांव मुसिंबल निवासी ट्रांसपोर्टर के मुंशी को भी गिरफ्तार कर लिया।
सोमवार को प्रेसवार्ता कर बिलासपुर डीएसपी आशीष चौधरी ने मामले का खुलासा किया। डीएसपी ने बताया कि पकड़ी दो किलोग्राम अफीम में कोई मिलावट नहीं है, जिसकी कीमत साढ़े पांच से छह लाख रुपये है। पूछताछ से सामने आया कि आरोपी अफीम में बिस्कुट-चॉकलेट व दूसरे पाउडर की मिलावट कर वजन तीन गुना बढ़ा देते हैं, जिससे यही दो किलो अफीम का वजन छह किलोग्राम कर 17 से 18 लाख रुपये तक बेचते हैं।
एंटी नारकोटिक्स सेल के इंचार्ज राकेश राणा ने बताया कि थाना सदर जगाधरी के गांव तारनवाला का तलविंद्र उर्फ पपला अपने गांव में ही करियाना स्टोर चलाता है। रविवार को सूचना मिली कि वह बिलासपुर रोड के रामखेड़ी मोड़ पर अफीम के साथ आएगा। सब इंस्पेक्टर कृष्ण, राजेश, एएसआई सतीश, जसबीर, रजनीश, अमरजीत व संजीव की टीम ने मौके से तलविंद्र को पकड़ा और मौके पर बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट आबकारी विभाग के एईटीओ होशियार सिंह को बुलाया। तलविंद्र की तलाशी ली तो दो किलोग्राम अफीम बरामद हुई। उसे गिरफ्तार कर थाना बिलासपुर में केस दर्ज कराया। पूछताछ में तलविंद्र ने बताया कि उसे अफीम की सप्लाई थाना छप्पर के गांव मुसिंबल निवासी कमलजीत उर्फ कमल ने दी। इस पर टीम ने कमलजीत को भी रामपुरा के पास से गिरफ्तार कर लिया।
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डीएसपी आशीष चौधरी ने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इन्हें रिमांड पर लेने को कोर्ट में पेश किया गया। रिमांड अवधि में पूछताछ कर अफीम सप्लाई के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाएगा। तलविंद्र को सप्लाई की गई अफीम कमलजीत कहां से लाया था और कब से इस धंधे में है, दोनों संपर्क में कैसे आए, ये सब बिंदुओं पर रिमांड अवधि में स्थिति स्पष्ट किए जाने का प्रयास होगा।
बाक्स
लीवर के इलाज के लिए करने लगा तस्करी
राकेश राणा ने बताया कि 32 वर्षीय दुकानदार तलविंद्र उर्फ पपले ने पूूछताछ में बताया कि उसका लीवर खराब है, जिसके इलाज के लिए बड़ी रकम चाहिए थी। इसीलिए वह कुछ माह पहले अफीम तस्करी के धंधे में आया। 36 वर्षीय ट्रांसपोर्टर के मुंशी कमलजीत उर्फ कमल पर पहले भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
बाक्स
नशीला पदार्थ बेच बनाई प्रॉपर्टी होगी सीज
आशीष चौधरी ने बताया कि ये नशीले पदार्थ की एक बड़ी खेप है। अगर इस धंधे से आरोपियों ने प्रॉपर्टी बनाई है तो उसे सीज कर नीलाम करने तक की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसकी जांच के लिए रादौर डीएसपी रजत गुलिया को जिम्मा दिया है, जो इसकी रिपोर्ट बनाकर हेड आफिस भेजेंगे।
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एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने दो किलोग्राम अफीम पकड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। थाना सदर जगाधरी के गांव तारनवाला में करियाना स्टोर चलाने वाले से एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने दो किलोग्राम अफीम पकड़ी। पूछताछ में दुकानदार ने उसे अफीम की सप्लाई देने वाले का नाम-पता उगल दिया। सेल की टीम ने दुकानदार को अफीम की सप्लाई देने वाले थाना छप्पर के गांव मुसिंबल निवासी ट्रांसपोर्टर के मुंशी को भी गिरफ्तार कर लिया।
सोमवार को प्रेसवार्ता कर बिलासपुर डीएसपी आशीष चौधरी ने मामले का खुलासा किया। डीएसपी ने बताया कि पकड़ी दो किलोग्राम अफीम में कोई मिलावट नहीं है, जिसकी कीमत साढ़े पांच से छह लाख रुपये है। पूछताछ से सामने आया कि आरोपी अफीम में बिस्कुट-चॉकलेट व दूसरे पाउडर की मिलावट कर वजन तीन गुना बढ़ा देते हैं, जिससे यही दो किलो अफीम का वजन छह किलोग्राम कर 17 से 18 लाख रुपये तक बेचते हैं।
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एंटी नारकोटिक्स सेल के इंचार्ज राकेश राणा ने बताया कि थाना सदर जगाधरी के गांव तारनवाला का तलविंद्र उर्फ पपला अपने गांव में ही करियाना स्टोर चलाता है। रविवार को सूचना मिली कि वह बिलासपुर रोड के रामखेड़ी मोड़ पर अफीम के साथ आएगा। सब इंस्पेक्टर कृष्ण, राजेश, एएसआई सतीश, जसबीर, रजनीश, अमरजीत व संजीव की टीम ने मौके से तलविंद्र को पकड़ा और मौके पर बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट आबकारी विभाग के एईटीओ होशियार सिंह को बुलाया। तलविंद्र की तलाशी ली तो दो किलोग्राम अफीम बरामद हुई। उसे गिरफ्तार कर थाना बिलासपुर में केस दर्ज कराया। पूछताछ में तलविंद्र ने बताया कि उसे अफीम की सप्लाई थाना छप्पर के गांव मुसिंबल निवासी कमलजीत उर्फ कमल ने दी। इस पर टीम ने कमलजीत को भी रामपुरा के पास से गिरफ्तार कर लिया।
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डीएसपी आशीष चौधरी ने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इन्हें रिमांड पर लेने को कोर्ट में पेश किया गया। रिमांड अवधि में पूछताछ कर अफीम सप्लाई के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाएगा। तलविंद्र को सप्लाई की गई अफीम कमलजीत कहां से लाया था और कब से इस धंधे में है, दोनों संपर्क में कैसे आए, ये सब बिंदुओं पर रिमांड अवधि में स्थिति स्पष्ट किए जाने का प्रयास होगा।
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लीवर के इलाज के लिए करने लगा तस्करी
राकेश राणा ने बताया कि 32 वर्षीय दुकानदार तलविंद्र उर्फ पपले ने पूूछताछ में बताया कि उसका लीवर खराब है, जिसके इलाज के लिए बड़ी रकम चाहिए थी। इसीलिए वह कुछ माह पहले अफीम तस्करी के धंधे में आया। 36 वर्षीय ट्रांसपोर्टर के मुंशी कमलजीत उर्फ कमल पर पहले भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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नशीला पदार्थ बेच बनाई प्रॉपर्टी होगी सीज
आशीष चौधरी ने बताया कि ये नशीले पदार्थ की एक बड़ी खेप है। अगर इस धंधे से आरोपियों ने प्रॉपर्टी बनाई है तो उसे सीज कर नीलाम करने तक की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसकी जांच के लिए रादौर डीएसपी रजत गुलिया को जिम्मा दिया है, जो इसकी रिपोर्ट बनाकर हेड आफिस भेजेंगे।