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Yamuna Nagar News: अस्पताल में तड़पती रही गर्भवती, कर दिया रेफर
Sun, 23 Feb 2025 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 23 Feb 2025 12:24 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। कस्बे के सरकारी अस्पताल में शनिवार को गर्भवती के परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का आरोप है महिला प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी और चिकित्सक व स्टाफ मोबाइल फोन में व्यस्त था। वे जब चिकित्सकों को बुलाने गए थे तो उन्हें बाहर निकाल दिया। गर्भवती को सुबह आठ बजे अस्पताल लेकर आए थे और बिना इलाज के उसे ट्रामा सेंटर लेकर जाना पड़ा।
फैजपुर निवासी जमशेद ने आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी पत्नी राबिया को प्रसव पीड़ा हुई तो वह सरकारी अस्पताल ले गए। वह सुबह आठ पहुंच गए थे, लेकिन दोपहर 12 बजे तक भी किसी ने गर्भवती की सुध नहीं ली। प्राथमिक उपचार देना तो दूर उसे देखने के लिए काई नहीं आया।
वहीं, जब वह चिकित्सक को बुलाने गए तो उन्हें धमका कर बाहर निकाल दिया। इस दौरान चिकित्सक व स्टाफ सदस्य अपने मोबाइल फोन में व्यस्त रहे। इस पर उन्होंने एसएमओ से बात करवाई तो स्टाफ और ज्यादा भड़क गया। ऐसे में उन्हें काफी देर बिठाए रखा और दोपहर को ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।
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मैं घर पर हूं, बात करके बताता हूं : एसएमओ
इस बारे में एसएमओ जितेंद्र से बात की तो उन्होंने कहा कि शनिवार के कारण वे छुट्टी पर हैं। उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। वह 24 घंटे अस्पताल में नहीं बैठते हैं। मैं इस बारे में पता करुंगा। इसके बाद जानकारी दूंगा।
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प्रतापनगर। कस्बे के सरकारी अस्पताल में शनिवार को गर्भवती के परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का आरोप है महिला प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी और चिकित्सक व स्टाफ मोबाइल फोन में व्यस्त था। वे जब चिकित्सकों को बुलाने गए थे तो उन्हें बाहर निकाल दिया। गर्भवती को सुबह आठ बजे अस्पताल लेकर आए थे और बिना इलाज के उसे ट्रामा सेंटर लेकर जाना पड़ा।
फैजपुर निवासी जमशेद ने आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी पत्नी राबिया को प्रसव पीड़ा हुई तो वह सरकारी अस्पताल ले गए। वह सुबह आठ पहुंच गए थे, लेकिन दोपहर 12 बजे तक भी किसी ने गर्भवती की सुध नहीं ली। प्राथमिक उपचार देना तो दूर उसे देखने के लिए काई नहीं आया।
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वहीं, जब वह चिकित्सक को बुलाने गए तो उन्हें धमका कर बाहर निकाल दिया। इस दौरान चिकित्सक व स्टाफ सदस्य अपने मोबाइल फोन में व्यस्त रहे। इस पर उन्होंने एसएमओ से बात करवाई तो स्टाफ और ज्यादा भड़क गया। ऐसे में उन्हें काफी देर बिठाए रखा और दोपहर को ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।
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मैं घर पर हूं, बात करके बताता हूं : एसएमओ
इस बारे में एसएमओ जितेंद्र से बात की तो उन्होंने कहा कि शनिवार के कारण वे छुट्टी पर हैं। उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। वह 24 घंटे अस्पताल में नहीं बैठते हैं। मैं इस बारे में पता करुंगा। इसके बाद जानकारी दूंगा।