{"_id":"6297cc554cf3a25cdb024bdc","slug":"the-plan-of-shifting-of-street-vendors-collapsed-yamuna-nagar-news-knl1101671197","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेहड़ियों की शिफ्टिंग की योजना धराशायी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेहड़ियों की शिफ्टिंग की योजना धराशायी
विज्ञापन
सिटी थाने के सामने वेंडिंग जोन के साथ जहां पेयजल व शौचालय का होना था प्रबंध, उन कमरों के गेट पर लटक ?
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। शहर में सड़कों पर अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम की वजह बनने वाली रेहड़ियाें के सिटी थाने के सामने शिफ्टिंग की योजना धराशायी नजर आ रही है। यहां तीन माह बाद भी सुविधाओं सहित वेंडर्स (रेहड़ीवालों) की दरकार है। हालात ये हैं कि पेयजल-शौचालय के कमरों पर ताले लटके हैं, वहीं 75 रेहड़ियों के लिए बनी जगह पर शेड तक नहीं है।
शिफ्टिंग स्थल की बदहाली देखकर शिफ्ट किए वेंडर्स वापस शहरी सड़कों पर लौट गए हैं या दुकानें किराये पर लेकर काम कर रहे हैं। ऐेसे में अब नाममात्र की रेहड़ियां लग रही हैं। इस तरह रेहड़ियों की शिफ्टिंग के लिए यहां कराए कामों में खर्च किए गए लाखों रुपये बेकार साबित हो रहे हैं। मार्च के पहले सप्ताह में सिटी थाने के रेलवे और वर्कशॉप रोड की रेहड़ियां शिफ्ट की गई थीं। इसके बाद निगम अफसरों ने उक्त सड़कों पर अतिक्रमण व ट्रैफिक जाम की दिक्कत खत्म होने का दावा किया और वाहवाही बटोरी। सिटी थाने के सामने शिफ्टिंग के अगले दिन से वेंडर्स विरोध में उतर गए। यहां सुविधाओं व ग्रहकों की कमी बताई और शिफ्टिंग के 5वें दिन रोड जाम व प्रदर्शन किए। फिर वेंडर्स शहरी सड़कों पर अपनी पुरानी जगह पर रेहड़ियां लगाने लगे।
75 रेहड़ियां खड़ी करने की जगह, चलती मिलीं सिर्फ दो
सिटी थाने के सामने रेहड़ियों की शिफ्टिंग की योजना का में दोपहर एक बजे जायजा लिया गया। इस दौरान पाया गया कि 75 रेहड़ियां खड़ी करने की जगह पर खान-पान की दो ही रेहड़ियां चल रही हैं। इसके अलावा 30 रेहड़ियां चिकन, चाय व अन्य सामान की खड़ी मिलीं। पास में पेयजल और शौचालय के कमरों पर ताले लटके मिले। वहीं अब तक एक कमरे का तो गेट तक नहीं लगा, जिन दीवारों में पेयजल के पाइप निकले हुए हैं, उनमें पानी नहीं आ रहा है। इसके चलते यह कमरा पशुओं का विश्रामस्थल बना हुआ है। वेंडर्स ने बताया कि ये जगह सिर्फ चिकन की बिक्री के लिए सही है, इसी की रेहड़ियां यहां ज्यादा है। हालांकि यहां न तो पेयजल, निकासी का पर्याप्त प्रबंध है और न ही ग्राहक हैं।
विज्ञापन
वर्जन
शहरी सड़कों से रेहड़ियों को शिफ्ट करने के लिए अलग-अलग जोन बनाए जा रहे हैं। यह कार्रवाई जारी है, जिससे जल्द अलग-अलग काम की रेहड़ियों को अलग-अलग जोन में पेयजल, शौचालय व अन्य सुविधाएं मुहैया कराते हुए शिफ्ट कर दिया जाएगा।- मदन चौहान, मेयर, नगर निगम।
विज्ञापन
शिफ्टिंग स्थल की बदहाली देखकर शिफ्ट किए वेंडर्स वापस शहरी सड़कों पर लौट गए हैं या दुकानें किराये पर लेकर काम कर रहे हैं। ऐेसे में अब नाममात्र की रेहड़ियां लग रही हैं। इस तरह रेहड़ियों की शिफ्टिंग के लिए यहां कराए कामों में खर्च किए गए लाखों रुपये बेकार साबित हो रहे हैं। मार्च के पहले सप्ताह में सिटी थाने के रेलवे और वर्कशॉप रोड की रेहड़ियां शिफ्ट की गई थीं। इसके बाद निगम अफसरों ने उक्त सड़कों पर अतिक्रमण व ट्रैफिक जाम की दिक्कत खत्म होने का दावा किया और वाहवाही बटोरी। सिटी थाने के सामने शिफ्टिंग के अगले दिन से वेंडर्स विरोध में उतर गए। यहां सुविधाओं व ग्रहकों की कमी बताई और शिफ्टिंग के 5वें दिन रोड जाम व प्रदर्शन किए। फिर वेंडर्स शहरी सड़कों पर अपनी पुरानी जगह पर रेहड़ियां लगाने लगे।
विज्ञापन
75 रेहड़ियां खड़ी करने की जगह, चलती मिलीं सिर्फ दो
सिटी थाने के सामने रेहड़ियों की शिफ्टिंग की योजना का में दोपहर एक बजे जायजा लिया गया। इस दौरान पाया गया कि 75 रेहड़ियां खड़ी करने की जगह पर खान-पान की दो ही रेहड़ियां चल रही हैं। इसके अलावा 30 रेहड़ियां चिकन, चाय व अन्य सामान की खड़ी मिलीं। पास में पेयजल और शौचालय के कमरों पर ताले लटके मिले। वहीं अब तक एक कमरे का तो गेट तक नहीं लगा, जिन दीवारों में पेयजल के पाइप निकले हुए हैं, उनमें पानी नहीं आ रहा है। इसके चलते यह कमरा पशुओं का विश्रामस्थल बना हुआ है। वेंडर्स ने बताया कि ये जगह सिर्फ चिकन की बिक्री के लिए सही है, इसी की रेहड़ियां यहां ज्यादा है। हालांकि यहां न तो पेयजल, निकासी का पर्याप्त प्रबंध है और न ही ग्राहक हैं।
विज्ञापन
वर्जन
शहरी सड़कों से रेहड़ियों को शिफ्ट करने के लिए अलग-अलग जोन बनाए जा रहे हैं। यह कार्रवाई जारी है, जिससे जल्द अलग-अलग काम की रेहड़ियों को अलग-अलग जोन में पेयजल, शौचालय व अन्य सुविधाएं मुहैया कराते हुए शिफ्ट कर दिया जाएगा।- मदन चौहान, मेयर, नगर निगम।