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Yamuna Nagar News: विसर्जन के यमुना घाट पहुंचने की डगर नहीं आसान
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शहर में गणपति उत्सव की धूम है। यमुनानगर व जगाधरी, दोनों शहरों में करीब 200 जगह गणपति पंडाल लगे हैं, जहां स्थापित ज्यादातर गणपति की मूर्तियों का 28 सितंबर को विसर्जन होगा। इसी दिन घरों में स्थापित गणपति की मूर्तियों के विसर्जन के लिए भी हजारों लोग पश्चिमी यमुना नहर के किनारे व घाटों पर जुटेंगे। इस दौरान हर साल की तरह ज्यादा भीड़ बाडी माजरा पुल समीप यमुना घाट पर रहेगी, जहां इस बार श्रद्धालुओं के पहुंचने की डगर आसान नहीं हैं।
इसका कारण यह है कि यहां चूना भट्टी से आता रास्ता सीवर लाइन के लिए खोद डाला है। इसमें से निकले मलबे ने कीचड़ का रूप ले लिया है। ऐसे ही दूसरी ओर चिट्टा मंदिर से बाडी माजरा पुल तक उबड़-खाबड़ रास्ते पर कीचड़ है। यही नहीं नहर के किनारे भी कचरे के ढेर व घास-झाड़ लगे हैं। इन हालात पर संबंधित विभागों के अफसरों का ध्यान नहीं है। जिसका खामियाजा पांच दिन बाद यहां गणपति विसर्जन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ सकता है।
बता दें कि हर साल गणपति विसर्जन से पहले नगर निगम व सिंचाई विभाग बाडी माजरा पुल समीप यमुना घाट तक आते रास्ते मिट्टी गिराकर समतल करने से लेकर यमुना किनारे घास व झाड़ सहित गंदगी साफ कराते हैं। किंतु इस बार अभी तक ऐसा नहीं किया गया। इसकी वजह 24-25 को जगाधरी व यमुनानगर में हो रही साइक्लोथॉन यात्रा व सीएम कार्यक्रम माना जा रहा है, क्योंकि सभी विभागों के अफसर इसकी तैयारी में लगे हैं।
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शहर में सबसे पहले व पुराने समय से गणपति पंडाल लगाने वाले विश्वकर्मा क्लब के प्रधान लवली नंदा ने कहा कि गणपति विसर्जन से पहले यमुना घाट तक पहुंचने के रास्ते समतल कर दिए जाएं तो श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं होगी। साथ ही यहां यमुना किनारे व पटरी सफाई का प्रबंध समय रहते हो तो असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बाडी माजरा पुल समीप यमुना घाट व यहां तक पहुंचने के रास्ते वार्ड नंबर-10 के अंतर्गत हैं। जिसके भाजपा पार्षद सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि गणपति विसर्जन 28 सितंबर को है। उससे पहले यमुना घाट तक पहुंचने के रास्ते दुरुस्त कर यमुना के किनारे व पटरी सफाई कराई जाएगी। इसके लिए नगर निगम मेयर व आयुक्त से मिलेंगे। सीएम कार्यक्रम के बाद दो दिन में यहां व्यवस्था पुरी तरह सुधार दी जाएगी।
यमुना की पटरी व किनारे सफाई कराई जाएगी। इसके अलावा वहां जो भी जरूरी कार्य होंगे, वो कराए जाएंगे। इसके लिए संबंधित शाखा के अफसरों को निर्देश देंगे।- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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इसका कारण यह है कि यहां चूना भट्टी से आता रास्ता सीवर लाइन के लिए खोद डाला है। इसमें से निकले मलबे ने कीचड़ का रूप ले लिया है। ऐसे ही दूसरी ओर चिट्टा मंदिर से बाडी माजरा पुल तक उबड़-खाबड़ रास्ते पर कीचड़ है। यही नहीं नहर के किनारे भी कचरे के ढेर व घास-झाड़ लगे हैं। इन हालात पर संबंधित विभागों के अफसरों का ध्यान नहीं है। जिसका खामियाजा पांच दिन बाद यहां गणपति विसर्जन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ सकता है।
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बता दें कि हर साल गणपति विसर्जन से पहले नगर निगम व सिंचाई विभाग बाडी माजरा पुल समीप यमुना घाट तक आते रास्ते मिट्टी गिराकर समतल करने से लेकर यमुना किनारे घास व झाड़ सहित गंदगी साफ कराते हैं। किंतु इस बार अभी तक ऐसा नहीं किया गया। इसकी वजह 24-25 को जगाधरी व यमुनानगर में हो रही साइक्लोथॉन यात्रा व सीएम कार्यक्रम माना जा रहा है, क्योंकि सभी विभागों के अफसर इसकी तैयारी में लगे हैं।
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शहर में सबसे पहले व पुराने समय से गणपति पंडाल लगाने वाले विश्वकर्मा क्लब के प्रधान लवली नंदा ने कहा कि गणपति विसर्जन से पहले यमुना घाट तक पहुंचने के रास्ते समतल कर दिए जाएं तो श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं होगी। साथ ही यहां यमुना किनारे व पटरी सफाई का प्रबंध समय रहते हो तो असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बाडी माजरा पुल समीप यमुना घाट व यहां तक पहुंचने के रास्ते वार्ड नंबर-10 के अंतर्गत हैं। जिसके भाजपा पार्षद सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि गणपति विसर्जन 28 सितंबर को है। उससे पहले यमुना घाट तक पहुंचने के रास्ते दुरुस्त कर यमुना के किनारे व पटरी सफाई कराई जाएगी। इसके लिए नगर निगम मेयर व आयुक्त से मिलेंगे। सीएम कार्यक्रम के बाद दो दिन में यहां व्यवस्था पुरी तरह सुधार दी जाएगी।
यमुना की पटरी व किनारे सफाई कराई जाएगी। इसके अलावा वहां जो भी जरूरी कार्य होंगे, वो कराए जाएंगे। इसके लिए संबंधित शाखा के अफसरों को निर्देश देंगे।- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।