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छछरौली के नायब तहसीलदार लापता
यमुनानगर
Updated Sun, 05 Jan 2014 12:05 AM IST
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यमुनानगर/छछरौली।
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छछरौली के नायब तहसीलदार रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। उनकी कार
जगाधरी-पांवटा नेशनल हाईवे 73ए के किनारे गन्ने के खेत में लावारिस हालत
में मिली है।
प्रथम दृष्टि में यह अपहरण का मामला प्रतीत हो रहा है। जगाधरी पुलिस ने देर शाम नायब तहसीलदार के चाचा की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है।
डेढ़ वर्ष पूर्व छछरौली क्षेत्र में ही खनन माफिया उन पर हमला कर चुका है। नायब तहसीलदार तहसील आनंद रावल शुक्रवार शाम को किसी काम से जगाधरी गए थे। देर शाम को उनकी कार नेशनल हाईवे 73ए पर गांव पंजेटो के समीप एक गन्ने के खेत में खड़ी पाई गई। लावारिस हालत में खड़ी कार को देखकर स्थानीय लोगों ने शनिवार सुबह इसकी सूचना पुलिस को दी। छछरौली पुलिस ने मौके पर आकर छानबीन की।
इस दौरान पता चला कि यह कार छछरौली के नायब तहसीलदार की है। पुलिस ने आसपास नायब तहसीलदार को काफी तलाशा। लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। मामला सरकारी अधिकारी से जुड़ा होने के कारण डीएसपी जगाधरी, डीएसपी बिलासपुर और सीआईए की टीम ने भी मौके पर आकर छानबीन की।
नायब तहसीलदार की कार लॉक नहीं थी और उसके भीतर नायब तहसीलदार का मोबाइल और अन्य कागजात पड़े थे। कार में चाबी भी लगी थी। कार और उसके आसपास के हालात को देखकर वहां मारपीट या जोर जबरदस्ती होने केे कोई साक्ष्य नहीं मिले। नायब तहसीलदार पानीपत जिले के कौहंद गांव के रहने वाले हैं।
पुलिस ने इसकी सूचना नायब तहसीलदार के परिजनाें को दी। परिजनों के मौके पर आने के बाद पुलिस ने उनसे बात की। बताया जा रहा है कि नायब तहसीलदार का उनके गांव में जमीन का विवाद चल रहा है। सदर जगाधरी पुलिस ने नायब तहसीलदार की रिश्तेदार की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज कर लिया। थाना सदर प्रभारी ने बताया कि नायब तहसीलदार पर पूर्व में खनन माफिया द्वारा हुए हमले को देखते हुए उस दिशा में भी जांच की जा रही है।
खनन माफिया ने किया था हमला
नायब तहसीलदार आनंद रावल कुछ समय पहले बिलासपुर में नायब तहसीलदार के पद पर कार्यरत थे। उस दौरान अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान 10 अप्रैल 2012 को नायब तहसीलदार अन्य सरकारी मुलाजिमों के साथ छछरौली के जाटावाला गांव में अवैध खनन की सूचना मिलने पर वहां पहुंचे। खनन माफिया ने नायब तहसीलदार और अन्य कर्मचारियों को घेरकर उन पर हमला कर दिया। नायब तहसीलदार किसी तरह उनके चंगुल से बचे। पुलिस ने इस मामले में तीन व्यक्तियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और अवैध खनन सहित विभिन्न धाराआें में मामला दर्ज किया था।
प्रथम दृष्टि में यह अपहरण का मामला प्रतीत हो रहा है। जगाधरी पुलिस ने देर शाम नायब तहसीलदार के चाचा की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है।
डेढ़ वर्ष पूर्व छछरौली क्षेत्र में ही खनन माफिया उन पर हमला कर चुका है। नायब तहसीलदार तहसील आनंद रावल शुक्रवार शाम को किसी काम से जगाधरी गए थे। देर शाम को उनकी कार नेशनल हाईवे 73ए पर गांव पंजेटो के समीप एक गन्ने के खेत में खड़ी पाई गई। लावारिस हालत में खड़ी कार को देखकर स्थानीय लोगों ने शनिवार सुबह इसकी सूचना पुलिस को दी। छछरौली पुलिस ने मौके पर आकर छानबीन की।
इस दौरान पता चला कि यह कार छछरौली के नायब तहसीलदार की है। पुलिस ने आसपास नायब तहसीलदार को काफी तलाशा। लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। मामला सरकारी अधिकारी से जुड़ा होने के कारण डीएसपी जगाधरी, डीएसपी बिलासपुर और सीआईए की टीम ने भी मौके पर आकर छानबीन की।
नायब तहसीलदार की कार लॉक नहीं थी और उसके भीतर नायब तहसीलदार का मोबाइल और अन्य कागजात पड़े थे। कार में चाबी भी लगी थी। कार और उसके आसपास के हालात को देखकर वहां मारपीट या जोर जबरदस्ती होने केे कोई साक्ष्य नहीं मिले। नायब तहसीलदार पानीपत जिले के कौहंद गांव के रहने वाले हैं।
पुलिस ने इसकी सूचना नायब तहसीलदार के परिजनाें को दी। परिजनों के मौके पर आने के बाद पुलिस ने उनसे बात की। बताया जा रहा है कि नायब तहसीलदार का उनके गांव में जमीन का विवाद चल रहा है। सदर जगाधरी पुलिस ने नायब तहसीलदार की रिश्तेदार की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज कर लिया। थाना सदर प्रभारी ने बताया कि नायब तहसीलदार पर पूर्व में खनन माफिया द्वारा हुए हमले को देखते हुए उस दिशा में भी जांच की जा रही है।
खनन माफिया ने किया था हमला
नायब तहसीलदार आनंद रावल कुछ समय पहले बिलासपुर में नायब तहसीलदार के पद पर कार्यरत थे। उस दौरान अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान 10 अप्रैल 2012 को नायब तहसीलदार अन्य सरकारी मुलाजिमों के साथ छछरौली के जाटावाला गांव में अवैध खनन की सूचना मिलने पर वहां पहुंचे। खनन माफिया ने नायब तहसीलदार और अन्य कर्मचारियों को घेरकर उन पर हमला कर दिया। नायब तहसीलदार किसी तरह उनके चंगुल से बचे। पुलिस ने इस मामले में तीन व्यक्तियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और अवैध खनन सहित विभिन्न धाराआें में मामला दर्ज किया था।