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Yamuna Nagar News: ईएसआई अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न होने से मरीजों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

Wed, 03 Jun 2026 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 03 Jun 2026 01:11 AM IST
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The lack of ultrasound facilities at the ESI Hospital has increased the financial burden on patients
ईएसआई अस्पताल जगाधरी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। औद्योगिक नगरी यमुनानगर-जगाधरी के हजारों ईएसआई लाभार्थियों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जगाधरी स्थित ईएसआई अस्पताल में कई वर्षों से अल्ट्रासाउंड की सुविधा बंद होने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।
अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले कर्मचारियों और उनके आश्रितों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं, पेट दर्द, किडनी, लीवर और अन्य बीमारियों से संबंधित मामलों में अल्ट्रासाउंड जांच आवश्यक होती है। लेकिन अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध न होने के कारण उन्हें पहले ईएसआई अस्पताल से रेफर करवाना पड़ता है।
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इसके बाद पैनल में शामिल अस्पतालों या निजी केंद्रों में जांच करानी पड़ती है। वक्त के साथ-साथ प्राइवेट सेंटर ने भी अल्ट्रासाउंड की कीमतों में वृद्धि कर दी है। ऐसे में अब अल्ट्रासाउंड की वास्तविक लागत सामान्यतः 800 रुपये से शुरू है। जैसे-जैसे मर्ज बढ़ता है तो उसी हिसाब से अल्ट्रासाउंड कराने का खर्च भी बढ़ जाता है। फिर चाहे मरीज का खर्च 800 रुपये आया हो या फिर 2000 रुपये उसे ईएसआई से केवल 900 रुपये की प्रतिपूर्ति ही मिलती है।
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ऐसे में शेष राशि मरीजों को अपनी जेब से खर्च करनी पड़ती है। आर्थिक रूप से कमजोर कर्मचारियों के लिए यह अतिरिक्त खर्च परेशानी का कारण बन रहा है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन और विशेषज्ञ की व्यवस्था लंबे समय से नहीं हो सकी है। कई बार इस संबंध में मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। मरीजों काे जांच के लिए उन्हें बार-बार अस्पताल और निजी केंद्रों के बीच भटकना पड़ता है, जिससे उपचार में भी देरी होती है।

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बुनियादी सुविधा देना प्राथमिक जिम्मेदारी: आशीष धीमान
भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष आशीष धीमान का कहना है कि ईएसआई अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में कर्मचारी और उनके परिवार उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अल्ट्रासाउंड जैसी बुनियादी जांच सुविधा का अभाव स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर रहा है। अस्पताल में जल्द से जल्द अल्ट्रासाउंड सेवा दोबारा शुरू की जाए, ताकि उन्हें निजी अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े। ईएसआई योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है, इसलिए अस्पताल में सभी आवश्यक जांच सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
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