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शुगर मिल शुरू होते ही शहर में शुरू हो गया जाम का झाम
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the jam started as soon as the sugar mill started
- फोटो : Yamuna Nagar
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सरस्वती शुगर मिल शुरू होने से जहां किसान खुश हैं वहीं स्थानीय लोग व राहगीर परेशान होने लगे। हर साल की तहर इस बार भी गन्ने से भरे वाहनों के कारण जाम लगाना शुरू हो गया है। सहारनपुर कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे से निकला ही आफत गले लगाने जैसा है। वीरवार को जोड़ियां नाके पर गन्ने से भरी ट्रॉली पलट गई। जिसके चलते देर रात तक करनाल और कुरुक्षेत्र की तरफ से शहर में इंट्री के लिए लोगों को मुसीबत झेलनी पड़ी। एक बार लगा जाम दिन भर परेशानी का सबब बन गया। कई कई घण्टे तक वाहन चालक जाम में फंसे रहे।
शुगर मिल शुरू होने से ट्रैफिक मैनेजमेंट डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन के साथ ट्रैफिक और पुलिस विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। जाम के झाम को कम करने के लिए एडमिनिस्ट्रेशन ने शहर में ट्रकों की एंट्री का समय की दोबारा समीक्षा शुरू कर दी है। इसमें एक दो घण्टे का फेरबदल किया जा सकता है। खासकर माइनिंग के काम से जुड़े ट्रक और अब गन्ने के वाहनों से जाम और ज्यादा बढे़गा।
रात 9 बजे के बाद नो एंट्री हटते ही शहर के सभी प्रवेश रास्तों पर ओवरलोड वाहनों का आवागमन शुरू हो जाता है। बाई पास से रेलवे पुल और कमानी चौक पर शहर का ट्रैफिक मर्ज होता है जिस से जाम लगा रहता है।
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माइनिंग खुली होने की वजह से रोजाना 2 हजार से ज्यादा ट्रक शहर की सीमा में आते हैं। इसके साथ ही प्लाईवुड और स्टील इंडस्ट्री में भी इससे दो गुणा वाहन हैं। अब मिल शुरू होने से गन्ने के वाहनों का दबाव बन गया है।
ओवरलोड वहां लोगों के सामने बड़ी समस्या है। गन्ने से लोडेड वाहन शहर में पहुंच भी गए तो फिर एक-दो दिन तक शहर में ही रहेंगे। वाहनों को शहर में पहुंचने में तीन से चार घंटे लग जा रहा है। शहरवासी इनसे परेशान है। शहर में लगातार हादसे भी बढ़ गए है।
ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर पुलिस गंभीर है। शुगर मिल शुरू होने से पूर्व ही पुलिस ने इसके इंतेजाम कर लिए हैं। एसके रोड पर अतिरिक्त कर्मचारी लगाकर व्यवस्था बनाई जाएगी। वहीं मिल प्रशासन से भी बात की जाएगी अगर संभव हो तो वाहनों को एक निर्धारित संख्या में ही रोड पर लाया जाए।
ओमप्रकाश, ट्रैफिक थाना प्रभारी
फोटो:- 12 से 15
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शुगर मिल शुरू होने से ट्रैफिक मैनेजमेंट डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन के साथ ट्रैफिक और पुलिस विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। जाम के झाम को कम करने के लिए एडमिनिस्ट्रेशन ने शहर में ट्रकों की एंट्री का समय की दोबारा समीक्षा शुरू कर दी है। इसमें एक दो घण्टे का फेरबदल किया जा सकता है। खासकर माइनिंग के काम से जुड़े ट्रक और अब गन्ने के वाहनों से जाम और ज्यादा बढे़गा।
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रात 9 बजे के बाद नो एंट्री हटते ही शहर के सभी प्रवेश रास्तों पर ओवरलोड वाहनों का आवागमन शुरू हो जाता है। बाई पास से रेलवे पुल और कमानी चौक पर शहर का ट्रैफिक मर्ज होता है जिस से जाम लगा रहता है।
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माइनिंग खुली होने की वजह से रोजाना 2 हजार से ज्यादा ट्रक शहर की सीमा में आते हैं। इसके साथ ही प्लाईवुड और स्टील इंडस्ट्री में भी इससे दो गुणा वाहन हैं। अब मिल शुरू होने से गन्ने के वाहनों का दबाव बन गया है।
ओवरलोड वहां लोगों के सामने बड़ी समस्या है। गन्ने से लोडेड वाहन शहर में पहुंच भी गए तो फिर एक-दो दिन तक शहर में ही रहेंगे। वाहनों को शहर में पहुंचने में तीन से चार घंटे लग जा रहा है। शहरवासी इनसे परेशान है। शहर में लगातार हादसे भी बढ़ गए है।
ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर पुलिस गंभीर है। शुगर मिल शुरू होने से पूर्व ही पुलिस ने इसके इंतेजाम कर लिए हैं। एसके रोड पर अतिरिक्त कर्मचारी लगाकर व्यवस्था बनाई जाएगी। वहीं मिल प्रशासन से भी बात की जाएगी अगर संभव हो तो वाहनों को एक निर्धारित संख्या में ही रोड पर लाया जाए।
ओमप्रकाश, ट्रैफिक थाना प्रभारी
फोटो:- 12 से 15