{"_id":"8bec3e2c6936274b34ffb5283ab17012","slug":"the-injured-to-a-hospital-in-paper-entry","type":"story","status":"publish","title_hn":"कागजों में हुई घायलों को अस्पताल पहुंचाने की एंट्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कागजों में हुई घायलों को अस्पताल पहुंचाने की एंट्री
यमुनानगर
Updated Sun, 09 Mar 2014 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यमुनानगर/छछरौली।
विज्ञापन
चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात..। एंबुलेंस सर्विस पर यह कहावत सटीक
बैठती है। दुर्घटनास्थल से घायलों को समय पर उठाने में एंबुलेंस सर्विस फिर
पुराने ढर्रे पर चल पड़ी है।
वाकया नेशनल हाईवे 73 ए का है। यहां हुई एक सड़क दुर्घटना के बाद एंबुलेंस मौके पर आधे घंटे तक नहीं पहुंची। मौके पर मौजूद लोगोें ने घायलों को प्राइवेट वाहन से अस्पताल पहुंचाया। इसके बावजूद एंबुलेंस के चालक ने कंट्रोल रूम में घायलों को घटनास्थल से उठाकर अस्पताल पहुंचाने की एंट्री करवा दी।
जगाधरी निवासी अरुण अपने परिवार समेत शाकुंभरी देवी के दर्शन कर जगाधरी लौट रहे थे। रास्ते में ताजेवाला चांदसोत बैरियर के पास आते हुए जगाधरी की तरफ से आ रहे एक कैंटर ने उनकी कार को टक्कर मार दी। कार की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सभी लोग कार में बुरी तरह फंस गए।
धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े और क्षतिग्रस्त कार में फंसे घायलों को बाहर निकालने में जुट गए। तुरंत ही हादसे की सूचना एंबुलेंस सर्विस के कंट्रोल रूम को दी गई।
लोगोें ने बड़ी मुश्किल से घायलों को क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकाला गया। हादसे में कार में सवार कोमल, चुटकी, निखिल और नितेश बुरी तरह से घायल हो गए। करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद लोगों ने घायलों को प्राइवेट कार में खिजराबाद सरकारी अस्पताल पहुंचाया। घायलों की हालत नाजुक होने पर डाक्टर ने उन्हें ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।
मात्र सात किलोमीटर है अस्पताल
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जिस जगह दुर्घटना हुई, वहां से खिजराबाद अस्पताल की दूरी करीब सात किलोमीटर है। एंबुलेंस के अस्पताल से यहां तक पहुंचने में सात-आठ मिनट लगते हैं। लेकिन एंबुलेंस करीब आधे घंटे तक मौके पर नहीं आई।
रजिस्टर में घायलों को अस्पताल पहुंचाने की एंट्री
एंबूलेंस कंट्रोल रूम के रजिस्टर में दुर्घटना की सूचना 3:07 मिनट पर मिलने की एंट्री है। कंट्रोल रूम में मौजूद कर्मचारी ने तुरंत खिजराबाद सरकारी अस्पताल के एंबूलेंस के चालक को सूचना दी। बाद में चालक ने एंट्री दर्ज करवाई कि उसने 3:20 बजे घायलों को मौके से उठाकर खिजराबाद अस्पताल पहुंचा दिया।
एंबुलेंस की लेटलतीफी का लेखा-जोखा
16 दिसंबर-एंबुलेंस चालक ने कागजों में घायलों को उठाया, इस दिन एनएच 73 ए के खिजरी मोड़ पर मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्ति ट्रक की चपेट में आनेे से बुरी तरह घायल हो गए थे। वहां मौजूद लोगों ने एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन एंबुलेंस मौके पर नहीं आई। लोगों ने टैक्सी मंगवाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। उस समय भी एंबुलेंस के चालक ने कंट्रोल रूम के रजिस्टर में घायलों को मौके से उठाकर अस्पताल पहुंचाने की एंट्री की थी।
22 फरवरी-आधा घंटा देरी से पहुंची एंबुलेंस
इस दिन ताजेवाला के पास सवारियों से भरा एक आटो सड़क किनारे पलट गया। लोगों ने एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन एंबुलेंस आधा घंटा देरी से मौके पर पहुंची। इस हादसे में आटो चालक सहित छह लोग घायल हो गए थे।
25 फरवरी-पीसीआर मेें डालकर घायल को अस्पताल पहुंचाना पड़ा
इस दिन नेशनल हाईवे 73 ए के बहादुरपुर गांव के समीप ट्रक की टक्कर से कार सवार एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। सूचना देने के बावजूद एंबुलेंस 40 मिनट तक मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद घायल को पीसीआर में डालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
वाकया नेशनल हाईवे 73 ए का है। यहां हुई एक सड़क दुर्घटना के बाद एंबुलेंस मौके पर आधे घंटे तक नहीं पहुंची। मौके पर मौजूद लोगोें ने घायलों को प्राइवेट वाहन से अस्पताल पहुंचाया। इसके बावजूद एंबुलेंस के चालक ने कंट्रोल रूम में घायलों को घटनास्थल से उठाकर अस्पताल पहुंचाने की एंट्री करवा दी।
जगाधरी निवासी अरुण अपने परिवार समेत शाकुंभरी देवी के दर्शन कर जगाधरी लौट रहे थे। रास्ते में ताजेवाला चांदसोत बैरियर के पास आते हुए जगाधरी की तरफ से आ रहे एक कैंटर ने उनकी कार को टक्कर मार दी। कार की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सभी लोग कार में बुरी तरह फंस गए।
धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े और क्षतिग्रस्त कार में फंसे घायलों को बाहर निकालने में जुट गए। तुरंत ही हादसे की सूचना एंबुलेंस सर्विस के कंट्रोल रूम को दी गई।
लोगोें ने बड़ी मुश्किल से घायलों को क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकाला गया। हादसे में कार में सवार कोमल, चुटकी, निखिल और नितेश बुरी तरह से घायल हो गए। करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद लोगों ने घायलों को प्राइवेट कार में खिजराबाद सरकारी अस्पताल पहुंचाया। घायलों की हालत नाजुक होने पर डाक्टर ने उन्हें ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।
मात्र सात किलोमीटर है अस्पताल
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जिस जगह दुर्घटना हुई, वहां से खिजराबाद अस्पताल की दूरी करीब सात किलोमीटर है। एंबुलेंस के अस्पताल से यहां तक पहुंचने में सात-आठ मिनट लगते हैं। लेकिन एंबुलेंस करीब आधे घंटे तक मौके पर नहीं आई।
रजिस्टर में घायलों को अस्पताल पहुंचाने की एंट्री
एंबूलेंस कंट्रोल रूम के रजिस्टर में दुर्घटना की सूचना 3:07 मिनट पर मिलने की एंट्री है। कंट्रोल रूम में मौजूद कर्मचारी ने तुरंत खिजराबाद सरकारी अस्पताल के एंबूलेंस के चालक को सूचना दी। बाद में चालक ने एंट्री दर्ज करवाई कि उसने 3:20 बजे घायलों को मौके से उठाकर खिजराबाद अस्पताल पहुंचा दिया।
एंबुलेंस की लेटलतीफी का लेखा-जोखा
16 दिसंबर-एंबुलेंस चालक ने कागजों में घायलों को उठाया, इस दिन एनएच 73 ए के खिजरी मोड़ पर मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्ति ट्रक की चपेट में आनेे से बुरी तरह घायल हो गए थे। वहां मौजूद लोगों ने एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन एंबुलेंस मौके पर नहीं आई। लोगों ने टैक्सी मंगवाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। उस समय भी एंबुलेंस के चालक ने कंट्रोल रूम के रजिस्टर में घायलों को मौके से उठाकर अस्पताल पहुंचाने की एंट्री की थी।
22 फरवरी-आधा घंटा देरी से पहुंची एंबुलेंस
इस दिन ताजेवाला के पास सवारियों से भरा एक आटो सड़क किनारे पलट गया। लोगों ने एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन एंबुलेंस आधा घंटा देरी से मौके पर पहुंची। इस हादसे में आटो चालक सहित छह लोग घायल हो गए थे।
25 फरवरी-पीसीआर मेें डालकर घायल को अस्पताल पहुंचाना पड़ा
इस दिन नेशनल हाईवे 73 ए के बहादुरपुर गांव के समीप ट्रक की टक्कर से कार सवार एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। सूचना देने के बावजूद एंबुलेंस 40 मिनट तक मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद घायल को पीसीआर में डालकर अस्पताल पहुंचाया गया।