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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ रहा प्रभाव : दीपांशु
Sun, 01 Sep 2024 02:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 01 Sep 2024 02:44 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डीएवी गर्ल्स कॉलेज में उद्यमिता पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव विषय पर एक्सटेंशन लेक्चर हुआ। आयोजन कॉलेज के कंप्यूटर साइंस विभाग की ओर से किया गया। मुख्य वक्ता गुरुग्राम से आईबीएम के एसोसिएट मैनेजर दीपांशु राघव ने छात्राओं को बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक तरह की कंप्यूटर तकनीक है। यह मानव जैसी सोच व निर्णय लेने की क्षमता रखती है। उद्यमिता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बहुत अधिक प्रभाव है।
उन्होंने कहा कि चैट जीपीटी और जनरेटिव एआई, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उदाहरण है। जनरेटिव एआई एक प्रकार की कृत्रिम बुद्धिमता है, जिसमें मशीन लर्निंग, एल्गोरिदम का उपयोग करके टैक्स मैसेज, फोटो, संगीत या अन्य प्रकार के माध्यम का सृजन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बड़ी जिम्मेदारी व काम की अधिकता की वजह से तनाव आता है, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एप्लीकेशन चैट जीपीटी और जनरेटिव एआई से हम काम को कम समय में बेहतर तरीके से कर सकते हैं।
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कई तरह के पाठ्यक्रम के बारे में भी जानकारी दी, जो आईबीएम स्किल बिल्ड द्वारा विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा प्रदान करता है। छात्राएं इस कोर्स को कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल कर नॉलेज को बढ़ा सकती है।प्रिंसिपल डॉ. मीनू जैन ने कहा कि आज के समय में बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव के कारण इसकी जानकारी होनी जरूरी है। इस मौके पर कंप्यूटर साइंस विभाग इंचार्ज मनिका सेठी, डॉ. रिचा, पायल, ममता, वंशिका व रितु , टेक्निकल असिस्टेंट सुषमा शर्मा आदि मौजूद रहे।
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यमुनानगर। डीएवी गर्ल्स कॉलेज में उद्यमिता पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव विषय पर एक्सटेंशन लेक्चर हुआ। आयोजन कॉलेज के कंप्यूटर साइंस विभाग की ओर से किया गया। मुख्य वक्ता गुरुग्राम से आईबीएम के एसोसिएट मैनेजर दीपांशु राघव ने छात्राओं को बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक तरह की कंप्यूटर तकनीक है। यह मानव जैसी सोच व निर्णय लेने की क्षमता रखती है। उद्यमिता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बहुत अधिक प्रभाव है।
उन्होंने कहा कि चैट जीपीटी और जनरेटिव एआई, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उदाहरण है। जनरेटिव एआई एक प्रकार की कृत्रिम बुद्धिमता है, जिसमें मशीन लर्निंग, एल्गोरिदम का उपयोग करके टैक्स मैसेज, फोटो, संगीत या अन्य प्रकार के माध्यम का सृजन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बड़ी जिम्मेदारी व काम की अधिकता की वजह से तनाव आता है, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एप्लीकेशन चैट जीपीटी और जनरेटिव एआई से हम काम को कम समय में बेहतर तरीके से कर सकते हैं।
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उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कई तरह के पाठ्यक्रम के बारे में भी जानकारी दी, जो आईबीएम स्किल बिल्ड द्वारा विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा प्रदान करता है। छात्राएं इस कोर्स को कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल कर नॉलेज को बढ़ा सकती है।प्रिंसिपल डॉ. मीनू जैन ने कहा कि आज के समय में बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव के कारण इसकी जानकारी होनी जरूरी है। इस मौके पर कंप्यूटर साइंस विभाग इंचार्ज मनिका सेठी, डॉ. रिचा, पायल, ममता, वंशिका व रितु , टेक्निकल असिस्टेंट सुषमा शर्मा आदि मौजूद रहे।
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