{"_id":"69975aec4d79ef2ed50553c4","slug":"the-fruit-of-devotion-is-obtained-through-kirtan-deepak-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1020-151705-2026-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"कीर्तन से मिलता भक्ति का फल : दीपक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कीर्तन से मिलता भक्ति का फल : दीपक
Fri, 20 Feb 2026 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 20 Feb 2026 12:18 AM IST
विज्ञापन
प्रतापनगर अनाज मंडी में श्रीमद्भागवत कथा सुनने के लिए पहुंचे श्रद्धालु
- फोटो : आर्यन ने दी माता पिता को एक ही चिता पर मुखाग्नि।
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। कस्बे की अनाज मंडी में वीरवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। श्रीमद्भागवत कथा में दीपक महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत, श्रीरामचरित्र मानस, श्रीमद्भगवत गीता कोई भी ग्रंथ धारण कर लो जीवन के सभी संशय मिट जाएंगे। कलयुग में कीर्तन से भक्ति के सभी फल मिल जाते हैं।
उन्होंने बताया कि शरीर के तपने से ही तप होता है। तप से ही जप सफल होता है। यज्ञ में सुचिता अनिवार्य है वरना परिणाम उलट भी हो सकता है। बिना गुरु के भीतर का ज्ञान नहीं जाग सकता है। बिना ज्ञान विवेक नहीं हो सकता। भक्ति में सबसे अच्छा श्रीमद्भागवत वेदों से निकला हुआ ज्ञान है। सभी वेदों का सार श्रीमद्भागवत है।
मुख पर सदा भगवान का नाम रखो संसार में भी मन लगेगा और आनंद मिलेगा। श्रीमद्भागवत कथा सुनने से पुण्य फल प्राप्त होता है। सच्चे मन से की गई भक्ति व्यक्ति को गोविंद बना देती है। इसीलिए स्वयं को भगवान का भक्त बनाएं, अंध भक्त मत बनें। कथा व्यास ने कहा माताएं बच्चों को अच्छे संस्कार दें।
विज्ञापन
कथा व्यास ने कहा कि कुटिल, लोभी, पापी व्यक्ति का भी श्रीमद्भागवत कथा सुनने से जीवन बदल जाता है। इस दौरान पूर्व सरपंच रविंद्र कुमार, आचार्य सियाराम शर्मा, पंडित राजेश शर्मा, स्वामी श्रद्धानंद, रामकरण धीमान, ज्ञान सिंह, सुभाष चंद, सुशील कुमार, बसंत शर्मा मौजदू रहे।
विज्ञापन
प्रतापनगर। कस्बे की अनाज मंडी में वीरवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। श्रीमद्भागवत कथा में दीपक महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत, श्रीरामचरित्र मानस, श्रीमद्भगवत गीता कोई भी ग्रंथ धारण कर लो जीवन के सभी संशय मिट जाएंगे। कलयुग में कीर्तन से भक्ति के सभी फल मिल जाते हैं।
उन्होंने बताया कि शरीर के तपने से ही तप होता है। तप से ही जप सफल होता है। यज्ञ में सुचिता अनिवार्य है वरना परिणाम उलट भी हो सकता है। बिना गुरु के भीतर का ज्ञान नहीं जाग सकता है। बिना ज्ञान विवेक नहीं हो सकता। भक्ति में सबसे अच्छा श्रीमद्भागवत वेदों से निकला हुआ ज्ञान है। सभी वेदों का सार श्रीमद्भागवत है।
विज्ञापन
मुख पर सदा भगवान का नाम रखो संसार में भी मन लगेगा और आनंद मिलेगा। श्रीमद्भागवत कथा सुनने से पुण्य फल प्राप्त होता है। सच्चे मन से की गई भक्ति व्यक्ति को गोविंद बना देती है। इसीलिए स्वयं को भगवान का भक्त बनाएं, अंध भक्त मत बनें। कथा व्यास ने कहा माताएं बच्चों को अच्छे संस्कार दें।
विज्ञापन
कथा व्यास ने कहा कि कुटिल, लोभी, पापी व्यक्ति का भी श्रीमद्भागवत कथा सुनने से जीवन बदल जाता है। इस दौरान पूर्व सरपंच रविंद्र कुमार, आचार्य सियाराम शर्मा, पंडित राजेश शर्मा, स्वामी श्रद्धानंद, रामकरण धीमान, ज्ञान सिंह, सुभाष चंद, सुशील कुमार, बसंत शर्मा मौजदू रहे।