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अंबाला से फूटी थी आजादी के आंदोलन की पहली चिंगारी : बंडारू दत्तात्रेय
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यमुनानगर। हम सभी जानते हैं कि आजादी के आंदोलन की पहली चिंगारी 10 मई 1857 को हरियाणा के अंबाला से फूटी थी। उस चिंगारी ने आगे चलकर ऐसा जन-आंदोलन खड़ा किया। इसके बलबूते वर्ष 1947 में अंग्रेजी हुकूमत को उखाड़ फेंकने में कामयाब रहे। यह बात हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कही। वे वीरवार को तेजली खेल परिसर में स्वतंत्रता दिवस समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। इस अवसर पर राज्यपाल ने ध्वजारोहण कर परेड का निरीक्षण भी किया। इसके साथ ही मार्च पास्ट की सलामी भी ली। कार्यक्रम में मुख्यातिथि ने वीरांगनाओं और सैनिकों के परिजनों एवं उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले अधिकारियों, कर्मियों और समाजसेवियों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही प्रतिभागियों की मिठाई के लिए पांच लाख रुपये देने और स्कूलों में अगले दिन अवकाश की घोषणा की।
सबसे पहले बंडारू दत्तात्रेय ने शहीद स्मारक स्थल पुलिस लाइन में पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को नमन किया। समारोह में राज्यपाल ने उपस्थित लोगों को 78वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज हर भारतवासी के लिए गर्व का दिन है। हर घर तिरंगा कार्यक्रम से तिरंगे के साथ पूरा राष्ट्र देश भक्ति के रंग में रंगा हुआ है। इस दिन के लिए मां भारती के अनगिनत सपूतों ने अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया। इसी दिन के लिए असंख्य देशभक्तों ने कष्ट झेले और यातनाएं सहीं। शहीदों के अनुपम बलिदान के कारण आज हम आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी वर्ष 1962, 1965 व 1971 के विदेशी आक्रमण से लेकर कारगिल युद्ध तक हरियाणा के वीर जवानों ने वीरता की मिसाल पेश करते हुए देश की आजादी में निरंतर योगदान दिया। हम शहीदों के बलिदानों का कर्ज तो नहीं चुका सकते, पर उनके परिजनों की देखभाल करके उनके प्रति सम्मान अवश्य जता सकते हैं। इस दिशा में सरकार ने सैनिक और अर्ध-सैनिक कल्याण विभाग का गठन किया है।
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युद्ध के दौरान शहीद हुए सेना और अर्ध सैनिक बलों के जवानों की अनुग्रह राशि और आईईडी ब्लास्ट के दौरान शहीद होने पर सरकार की ओर से दी जाने वाली अनुग्रह राशि बढ़ाकर पचास लाख रुपये की गई है। समारोह में शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने पीटी-डंबल, पंजाबी गिद्दा, भांगड़ा, योगा और अन्य सांस्कृतिक एवं रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मार्च पास्ट की परेड का नेतृत्व एएसपी डॉ. राजेश मोहन ने किया। इस मौके पर डीजीपी शत्रुजीत कपूर, अंबाला रेंज के आईजी शिवास कविराज, डीसी, एसपी, एडीसी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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सबसे पहले बंडारू दत्तात्रेय ने शहीद स्मारक स्थल पुलिस लाइन में पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को नमन किया। समारोह में राज्यपाल ने उपस्थित लोगों को 78वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज हर भारतवासी के लिए गर्व का दिन है। हर घर तिरंगा कार्यक्रम से तिरंगे के साथ पूरा राष्ट्र देश भक्ति के रंग में रंगा हुआ है। इस दिन के लिए मां भारती के अनगिनत सपूतों ने अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया। इसी दिन के लिए असंख्य देशभक्तों ने कष्ट झेले और यातनाएं सहीं। शहीदों के अनुपम बलिदान के कारण आज हम आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी वर्ष 1962, 1965 व 1971 के विदेशी आक्रमण से लेकर कारगिल युद्ध तक हरियाणा के वीर जवानों ने वीरता की मिसाल पेश करते हुए देश की आजादी में निरंतर योगदान दिया। हम शहीदों के बलिदानों का कर्ज तो नहीं चुका सकते, पर उनके परिजनों की देखभाल करके उनके प्रति सम्मान अवश्य जता सकते हैं। इस दिशा में सरकार ने सैनिक और अर्ध-सैनिक कल्याण विभाग का गठन किया है।
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युद्ध के दौरान शहीद हुए सेना और अर्ध सैनिक बलों के जवानों की अनुग्रह राशि और आईईडी ब्लास्ट के दौरान शहीद होने पर सरकार की ओर से दी जाने वाली अनुग्रह राशि बढ़ाकर पचास लाख रुपये की गई है। समारोह में शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने पीटी-डंबल, पंजाबी गिद्दा, भांगड़ा, योगा और अन्य सांस्कृतिक एवं रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मार्च पास्ट की परेड का नेतृत्व एएसपी डॉ. राजेश मोहन ने किया। इस मौके पर डीजीपी शत्रुजीत कपूर, अंबाला रेंज के आईजी शिवास कविराज, डीसी, एसपी, एडीसी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।