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Yamuna Nagar News: पशु अस्पताल की भूमि पर किसान ने जताया हक
Mon, 02 Sep 2024 03:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 02 Sep 2024 03:21 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। छोटाबांस गांव में बने पशु अस्पताल की दो कनाल भूमि पर किसानों ने अपना मालिकाना हक जताया है। उनकी ओर से निशानदेही करवाकर उक्त भूमि पर लोहे के पोल लगा दिए गए हैं, वहीं पशु अस्पताल के डॉक्टर को लिखित में उपरोक्त भूमि पर बने खंडहर भवन को हटाने व भूमि का कब्जा देने की मांग की गई है।
छोटाबांस निवासी राव वीरेंद्र सिंह मलिक व उनके छोटे भाई जसविंदर सिंह मलिक ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1983 में छोटाबांस में 15 एकड़ भूमि खरीदी थी। उनकी भूमि के साथ छोटाबांस में 14 कनाल में पशु अस्पताल बना है। उन्होंने अपनी भूमि की गत आठ अगस्त को निशानदेही में उन्हें पता चला कि उनकी दो कनाल भूमि पशु अस्पताल में एसके रोड के किनारे पर है।
उपरोक्त दो कनाल के कुछ हिस्से में कर्मचारियों के लिए एक खंडहर क्वार्टर बना है। इसमें कोई कर्मचारी नहीं रहता। निशानदेही के बाद पता चला है कि पशु अस्पताल की पिछली ओर नगर पालिका के शौचालयों तक पशु पालन विभाग की भूमि है। इस पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा किया हुआ है।
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उस भूमि को मिलाकर पशु अस्पताल की 14 कनाल भूमि पूरी हो जाती है। उनकी मांग है कि पशुपालन विभाग जल्द उनकी भूमि को खाली कर उस पर उन्हें कब्जा दे, ताकि वह खेतीबाड़ी कर सके। भारतीय किसान यूनियन की ओर से जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने कहा कि निशानदेही के बाद पशु अस्पताल में किसानों की भूमि से विभाग को जल्द अवैध कब्जा हटाना चाहिए। किसान को विभाग जल्द कब्जा देने का काम करे।
वर्ष 1970 में पशु अस्पताल बना था। किसान ने अपने स्तर पर निशानदेही कराई है। विभाग की ओर से डीसी को निशानदेही कराने बारे में आवेदन किया गया है। सरकार की ओर से निशानदेही कराने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। - डॉक्टर सुरेंद्र सिंह छौक्कर, पशु अस्पताल।
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रादौर। छोटाबांस गांव में बने पशु अस्पताल की दो कनाल भूमि पर किसानों ने अपना मालिकाना हक जताया है। उनकी ओर से निशानदेही करवाकर उक्त भूमि पर लोहे के पोल लगा दिए गए हैं, वहीं पशु अस्पताल के डॉक्टर को लिखित में उपरोक्त भूमि पर बने खंडहर भवन को हटाने व भूमि का कब्जा देने की मांग की गई है।
छोटाबांस निवासी राव वीरेंद्र सिंह मलिक व उनके छोटे भाई जसविंदर सिंह मलिक ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1983 में छोटाबांस में 15 एकड़ भूमि खरीदी थी। उनकी भूमि के साथ छोटाबांस में 14 कनाल में पशु अस्पताल बना है। उन्होंने अपनी भूमि की गत आठ अगस्त को निशानदेही में उन्हें पता चला कि उनकी दो कनाल भूमि पशु अस्पताल में एसके रोड के किनारे पर है।
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उपरोक्त दो कनाल के कुछ हिस्से में कर्मचारियों के लिए एक खंडहर क्वार्टर बना है। इसमें कोई कर्मचारी नहीं रहता। निशानदेही के बाद पता चला है कि पशु अस्पताल की पिछली ओर नगर पालिका के शौचालयों तक पशु पालन विभाग की भूमि है। इस पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा किया हुआ है।
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उस भूमि को मिलाकर पशु अस्पताल की 14 कनाल भूमि पूरी हो जाती है। उनकी मांग है कि पशुपालन विभाग जल्द उनकी भूमि को खाली कर उस पर उन्हें कब्जा दे, ताकि वह खेतीबाड़ी कर सके। भारतीय किसान यूनियन की ओर से जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने कहा कि निशानदेही के बाद पशु अस्पताल में किसानों की भूमि से विभाग को जल्द अवैध कब्जा हटाना चाहिए। किसान को विभाग जल्द कब्जा देने का काम करे।
वर्ष 1970 में पशु अस्पताल बना था। किसान ने अपने स्तर पर निशानदेही कराई है। विभाग की ओर से डीसी को निशानदेही कराने बारे में आवेदन किया गया है। सरकार की ओर से निशानदेही कराने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। - डॉक्टर सुरेंद्र सिंह छौक्कर, पशु अस्पताल।