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Yamuna Nagar News: श्रीमद्भागवत कथा में भगवान विष्णु के वामन रूप का सुनाया प्रसंग
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गांव खेड़ी लक्खा सिंह में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन सुनते श्रद्वालु। आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। गांव खेड़ी लक्खा सिंह में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा का श्रवण किया। कथा व्यास साध्वी उषा माता और उनके शिष्य स्वामी करुण दास महाराज ने भगवान विष्णु के वामन रूप में प्रकट होने और राजा बलि से तीन पग भूमि मांगने का प्रसंग विस्तार से सुनाया।
साध्वी उषा माता ने बताया कि माता अदिति की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने वामन रूप में अवतार लिया। भगवान वामन राजा बलि के पास पहुंचे और उनसे तीन पग भूमि का दान मांगा। राजा बलि के दान देने की सहमति के बाद भगवान ने विराट स्वरूप धारण कर लिया और तीन पग में समस्त लोकों को नाप लिया। इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक प्रसंगों का वर्णन नहीं, बल्कि मनुष्य को धर्म, भक्ति, सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। कथा के दौरान श्री शुकदेव जी का पूजन भी कराया गया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धाभाव से पूजन में भाग लिया और भगवान के नाम का संकीर्तन किया।
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रादौर। गांव खेड़ी लक्खा सिंह में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा का श्रवण किया। कथा व्यास साध्वी उषा माता और उनके शिष्य स्वामी करुण दास महाराज ने भगवान विष्णु के वामन रूप में प्रकट होने और राजा बलि से तीन पग भूमि मांगने का प्रसंग विस्तार से सुनाया।
साध्वी उषा माता ने बताया कि माता अदिति की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने वामन रूप में अवतार लिया। भगवान वामन राजा बलि के पास पहुंचे और उनसे तीन पग भूमि का दान मांगा। राजा बलि के दान देने की सहमति के बाद भगवान ने विराट स्वरूप धारण कर लिया और तीन पग में समस्त लोकों को नाप लिया। इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
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उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक प्रसंगों का वर्णन नहीं, बल्कि मनुष्य को धर्म, भक्ति, सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। कथा के दौरान श्री शुकदेव जी का पूजन भी कराया गया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धाभाव से पूजन में भाग लिया और भगवान के नाम का संकीर्तन किया।
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